जह़र जिन्दगी का

ललित प्रताप सिंह बसंतपुर (उत्तरप्रदेश) ************************************************ जिन्दगी को अपनी यूँ जी रहे हैं हम। मानो जह़र जिंदगी का पी रहे हैं हम। हर वक्त हर पल तेरी याद को लेकर, किसी से कुछ नहीं कह रहे हैं हम। खूब मसखरी कर रहा है ये जमाना, सबको चुपचाप अब सह रहे हैं हम। मुद्दतों से हुयी … Read more

हमारा प्यारा हिन्दुस्तान

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ है प्यारा बहुत देश हमारा हिन्दुस्तान, है संस्कृति इसकी सबसे निराली है। कितनी जाति-धर्म के,लोग रहते यहाँ पर, सब को स्वतंत्रता पूरी है, अपने संविधान के अनुसार। कितना प्यारा देश है हमारा हिंदुस्तान, इसकी रक्षा करनी है आगे हम सबको। कितने बलिदानों के बाद मिली है आज़ादी, कितने वीर जवानों को … Read more

मिटाया वतन का क्रंदन

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* रक्षा का उसे मैं बाँधूंगी बंधन, जिसने मिटाया वतन का क्रंदन। कश्मीर में भी देश का चलेगा सदन, तिरंगे में नहीं लौटेगा जवान का बदन। नहीं अब कोई पत्थर मारेगा, नहीं अब दो झंडों में देश को बाँटेगा। ३७० का अब अंत हुआ है, देश एकता का संत हुआ है। … Read more

रक्षा.

हेमा श्रीवास्तव ‘हेमाश्री’ प्रयाग(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* बंधन नहीं बाधूँगी भैया, ना रक्षा का वचन लूँगी। प्राण से प्यारे मेरे विरना, स्वंय रक्षा का व्रत लूँगी॥ बलिहारी जाऊँ तुझपे मेरे भईया, पर तेरी कलाई आज नहीं थामूँगी। चंदा चमके हरदम ही माथ पे भईया, पर चंदन टीका आज नहीं साजूँगी॥ मैं सक्षम बन जाऊँ खुद भैया, बस … Read more

मैंने मेहंदी रचायी

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** आज मैंने मेहंदी रचायी, सखी डोला सजाओ। हाथों में मेहंदी सजायी, सखी मुझको संवारोll आएंगे सजना बारात लेकर, सज-धज के आएंगे दूल्हा बनकर। कह दो फिजाओं से जाकर, मेहंदी रंग लाओll मेहंदी का रंग उतरे कभी ना, सजना का प्यार कम होवे कभी ना। फूलों से कह दो सखी री, … Read more

विवाह

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** चल पड़ती जीवन की गाड़ी, जिंदगी का खूबसूरत ईंधन है। सात जन्मों की सौगात जिसमें, विवाह एक ऐसा पवित्र बंधन है। अंजान एक-दूसरे से फिर भी, नव प्रगाढ़ रिश्तों में बंध जाते हैं। त्याग,समर्पण,स्नेह कुसुम से, जीवन बगिया खूब महकाते हैं। दीपक बाती बनकर जलते ये, रौशन करते सदा … Read more

तुम हो तो…

दृष्टि भानुशाली नवी मुंबई(महाराष्ट्र)  **************************************************************** हँसाने हेतु तुम हो इसलिए हँसना चाहती हूँ, अश्रु पोंछने हेतु तुम हो तो रोना चाहती हूँ। सुनने के लिए तुम हो तो अल्फाज़ों के गीत गाना चाहती हूँ, सुनाने के लिए तुम हो तो लफ्जों की अंताक्षरी सुनना चाहती हूँ। तालियों की बरसात करने हेतु तुम हो इसलिए नृत्य … Read more

देश को आलोकित कर गई

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** माँ भारती माँ पुकारती, तेरी होगी जय जयकार। फूलों जैसी जिंदगी थी, चेहरे में मुस्कान सजी थी। सुषमा जी अब बिछुड़ गई, लोगों की आँखें नम कर गई। राजनीति की यह धरोहर, देश को आलोकित कर गई। हौंसला बुलंद रखती थी, चंदन बन के महकती थी। भारत की ओ … Read more

राखी की सौंधी सुगंध

मच्छिंद्र भिसे सातारा(महाराष्ट्र) ********************************************************************************** मेरी प्यारी बहना एक ऐसी राखी जरुर ले आना, बचपन की यादों की सौंधी सुगंध मुझको तू दे जानाl राखी का उत्साह देखा था मैंने सुबह उठकर जल्दी माँ से, तोतले बोल रूपए माँगे थे तूने याद है आज भी मुझे, राखी न दे पाई बेबस माँ… सफ़ेद धागे को कुमकुम … Read more

कैसे पार जाऊं मैं…

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ****************************************************************************** जग बना आग का दरिया, कैसे तुझे बतलाऊं मैं। नाव है खेवनहार नहीं, कैसे पार जाऊं मैं। हूँ अपनों की महफ़िल में, पर बेगाना कहलाऊं मैं। कोई नहीं तेरे सिवा, मन को कैसे समझाऊं मैं। पाया रब दिल के पास तुझे, खुशियों से कैसे झूम न जाऊं मैं॥ परिचय –अनिल … Read more