त्योहार

वन्दना शर्मा अजमेर (राजस्थान) *********************************************************************** त्योहार ‘हार’ हैं मेरी मातृभूमि का, परिचय हैं मेरी संस्कृति का। सभ्यता के वाहक हैं त्योहार, त्योहारों से गुँथी है अनेकता में एकता। त्योहारों में घुली है प्रेम की मिठास, त्योहारों की साज-सज्जा में मिलती है मौलिक कलाओं और भावनाओं की अभिव्यक्ति, मिलती है नयी ऊर्जा होता है नकारात्मकता का … Read more

नन्हें बच्चे

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** नन्हें बच्चे आए घर, मिल-जुलकर मनायें उत्सव उम्र हमारी लग जाये, हो जाए अजर-अमर। पढ़ें-लिखें वे मन लगाकर, खेले क्रिकेट,कबड्डी और शतरंज माता-पिता की सेवा करें, रहें परिवार के संग। सच्चाई पे चलते रहें, कभी न रुके ये कदम बुराई से लड़ते रहें, जीत जाएंगे सारी जंग। मंजिल तो खुद आएगी, … Read more

भारतीय सभ्यता और संस्कृति

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- चैत्र प्रतिप्रदा आने की ही इंतजारी है, सांस्कृतिक त्योहार अब मनाने की बारी है। उपेक्षा मत किया कीजिये इसकी, विरासतों को भूलना भयंकर भूल है। उलझे हैं लोग अब भी अंग्रेजी साल में, भारतीय हृदय में चुभता है हर हाल में। डूबे हैं पाश्चात्य सभ्यता के रंग में सब, … Read more

नयी उम्मींदे-नया आसमां

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* महफ़िलों का दौर चलता रहे, नयी उम्मीद संग नया आसमांl ऋतुएँ सिखाती बनना नया, नये पुष्प सुगंध देते जो मिले पशु-पक्षी नव कलरव हैं करें, दिन-रात सिखाये चलना सदा फिर क्यों हार कर रुकना बताl जिंदगी से इश्क मचलते रहे…ll महफ़िलों का दौर चलता रहे नयी उम्मीदें संग … Read more

भोले भंडारी आ जाओ

लालचन्द्र यादव आम्बेडकर नगर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************************** भोले भंडारी आ जाओ, प्रभु नौका पार लगा जाओ। प्रभु लोभ,मोह,मद,माया को, दो,ज्ञान सुधा इस काया को प्रभु हम से दूर भगा जाओl प्रभु नौका पार लगा जाओll जो विषम भाव मेरे मन हो, हों विलग,तो पावन,तन-मन हो। उसमें समरसता भर जाओ। प्रभु नौका पार लगा जाओll हर पल … Read more

हिम्मत

मनोरमा चन्द्रा रायपुर(छत्तीसगढ़) ******************************************************** ध्येय मार्ग पर चलते जाएँ, हिम्मत कभी न हारें। दूरी कितनी भी लंबी हो, आगे बढ़ते जाएँll लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर, पथ-पथ कदम बढ़ायें। अपने साथ औरों को भी, सतमार्ग पे चलना सिखायेंll कर्म पर करके भरोसा, आत्मनिर्भरता दिखायें। मंजिल पाने का प्रयास, नित-नित करते जायेंll साहस से मिलती है … Read more

तीन जोड़ी पायल…

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) *************************************** जबसे मैंने सुनना सीखा सुनकर गुनना सीखा, तब से मैं पहचानता हूँ पायल को और उसकी छनछन को। पहले जब मैं भूख से बिलखकर तड़प-तड़प कर रो-रो कर, आँगन को उठा लेता था सिर पर… तब कहीं से चला आता था, पायल का स्वर…। हाँ ये माँ के आने … Read more

जै जै राम जै श्री राम

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** जै जै राम जै श्री राम, जै जै राम जै श्री राम। मन मंदिर में राम बसा ले, तेरे बनेंगे बिगड़े काम॥ राम नाम की शक्ति भारी, तैर रहे पत्थर सागर में। दो अक्षर का राम नाम है, भर जाए दुनिया गागर में॥ सुन के रघुराई आयेंगे, हरने … Read more

भारत वंदना

प्रियांशु तिवारी ‘वात्सल्य’ लखनऊ( उत्तरप्रदेश) **************************************************************************** भाग-१ यहां चहकती सुबह होती, मतवाली हर शाम है होंठों पर यहां सबके होता, राम कृष्ण का नाम है। हर पल बहती रहती यहां पर, उत्सवों की धारा… यह भारत देश हमारा॥ चंद कदम पे मिजाज़ बदलते, कुछ दूरी पर बोली कहीं उर्स ताजिया निकलता, कहीं राम की टोली। … Read more

नारी सशक्तिकरण

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** नारी ने जब-जब अपनी शक्ति को पहचाना, पहचान में ही पहचान बनी उसकी नई पहचान। शक्ति का रूप है नारी,सतीत्व की पहचान, नारी से ही जन्मे ध्रुव,प्रहृलाद और भगवान॥ नारी कमजोर नहीं,नारी के बल का तौल नहीं, त्रिदेव वात्सल्य रस में डूबे बने बाल भगवान। बनकरअपमान की ज्वाला दहक उठा गगन, … Read more