manoj

Showing 10 of 15 Results

‘वेदने तू धन्य है री!’ दर्द का दरिया

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’जयपुर(राजस्थान)*************************************** आधुनिक मीरा महीयसी महादेवी वर्मा को समर्पित यह गीतांजलि विरह गीतों का नायाब नमूना है। यह पुस्तक ६२ गीतों को समेटे हुए है। वेदना को संबोधित […]

जा भुला दिया तुझको

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) **************************************************** जा भुला दिया तुझको भी, इक अधूरे अरमान की तरह। तू मेरी जिन्दगी में आई महज, एक काले ख्वाब की तरह। एक आँधी की […]

नवजीवन उपहार…

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) **************************************************** सहज मन भीतर धर रे धीर, समय है माना विकट गंभीर। देखकर बाधा के शहतीर, ना होना विचलित हे महावीर। यही है अपना प्राणाधार, […]

जीवन की अनमोल धरोहर

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) **************************************************** ‘बड़े दिन की छुट्टी’ स्पर्धा  विशेष……… बड़े दिनों की छुट्टी में हम करते बहुत धमाल, जीवन की अनमोल धरोहर बचपन बहुत कमालl बस खाना-पीना […]

वो बचपन के दिन

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) **************************************************** विश्व बाल दिवस स्पर्धा विशेष……….. वो बचपन के दिन भी, क्या अजब निराले थे… हम तन के बेशक काले थे, पर दिल में भरे […]

एक पत्र लक्ष्मी जी और गणेश जी के नाम

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) **************************************************** पूज्य माँ लक्ष्मी और प्रथम पूज्य गणेश जी और माँ सरस्वती, चरण कमल में सादर प्रणाम्l हे देवादिदेव प्रथम पूज्य,लंबोदराय,विघ्नहर्ता,गौरीसुत,हे महालक्ष्मी,सृष्टिनियामका,हे विष्णुवामांगी,हे विद्या की […]

चिराग बुझा दे हमें जरूरत नहीं

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) **************************************************** चिराग कब अँधेरों की कमजर्फ़ साजिशों से छला हैl जब तक रहा दम,चीरकर तम शिद्दत से जला हैl फासले मंजिल के दरमियाँ कम ही […]

भ्रष्ट नेताओं और धर्म के नाम पर पाखंड करने वालों पर कड़ा प्रहार है ‘सिंहनाद’

बोधि प्रकाशन सभागार में ‘मनु’ के काव्य संग्रह का लोकार्पण………. जयपुर(राजस्थान)। यह कविताएं स्वराज के पक्ष में जान पड़ती हैं,जिनमें राष्ट्र की विकराल समस्याओं के समाधान की कल्पना अनूठी है। […]

स्वप्न फिर दिखाया

मनोज जैन ‘मधुर’ शिवपुरी (मध्यप्रदेश) ************************************************************** फतह,किया राजा ने एक किला और। दिग्विजयी होने का भाव छटपटाया। प्रतिरोधी आँधी को राव ने दबाया। अब भी है समय, हमें मानो सिरमौर। […]

माँ का किरदार…

मनोज कुमार सामरिया ‘मनु’ जयपुर(राजस्थान) *************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… जब उसने कभी माँ का किरदार निभाया होगा, साड़ी में चेहरे पर ममता का भाव तो आया होगाl एक संवेदनहीन […]