सृष्टि की अनमोल कृति हूँ

रेनू सिंघल लखनऊ (उत्तर प्रदेश) ******************************************************************** मैं अभिव्यक्ति हूँ, गूँथ कर शब्दों के मोती मन के भाव पिरोती हूँ, एहसासों से हृदय आसन पर श्रृंगार सृजन का करती हूँl मैं ही कविता,मैं ही गीत, मैं ग़ज़ल कहलाती हूँ धड़कन की हर लय ताल पर, जीवन राग सुनाती हूँ साँसों से जुड़ी है सरगम, प्रेम राग … Read more

दौर

नेहा लिम्बोदिया इंदौर(मध्यप्रदेश) ********************************************************** दौर-दौर की बात अलग है, दौर-दौर के रंग निराले। दौर-दौर के ठाट अनूठे, दौर-दौर की फ़िज़ा अलबेली। दौर-दौर के रूप अनोखे, दौर-दौर से चलती दुनिया। दौर-दौर का अपना मजा है, दौर-दौर को जी लो यारों। करो कर्म-परिश्रम जमकर तुम, दौर-दौर को अपना बना लोll

मेरा रफ़ीक

दृष्टि भानुशाली नवी मुंबई(महाराष्ट्र)  **************************************************************** हयात की एक ह़कीकत सुनो, मसरूफ़ हैं सब अपनी जिंदगी में। हसीन लम्हों में सब होंगे साथ, अलविदा कहेंगे वक्त-ए-गर्दिशों में। गर्दिश वक्त में एहसास हुआ, कोई भी मेरे साथ न था। तब कल्ब ने दिया दिलासा कि, मेरा रफ़ीक,मेरा आशना, मेरा हमदम मेरे साथ था॥ साथ था केवल उस … Read more

इस देश न आना लाडो

दिप्तेश तिवारी दिप रेवा (मध्यप्रदेश) **************************************************** नव पल्लवित कोमल कली अभी खिली नहीं थी क्यारी में, उजास अभी हुआ नहीं था,कुचक्र रचा अंधियारी ने। माली बस कर ममता से रोप रहा था पौधों को, तभी न जाने किस दानव ने रौंद दिया घरौंदों को। खुशियों से भरी हुई थी संसार समाया देखूंगी, खेल-कूद मस्ती और सतरंगी … Read more

बादल

छगन लाल गर्ग “विज्ञ” आबू रोड (राजस्थान) **************************************************************************** अच्छे बादल सच्चे लगते। इधर उधर मतवारे उड़ते॥ सूरज को ढकने फिर आते। झुंड बना कर दौड़ लगाते॥ आपस में देखो टकराते। दाँत भींचते फिर लड़ जाते॥ रिमझिम-रिमझिम पानी बरसे। बादल मन धरती पर तरसे॥ आओ मिलकर साथी खेलें। बादल की बूंदों को झेले॥ झट-पट कपड़े अपने … Read more

प्रेम

कृष्ण कुमार कश्यप गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************************************** प्रेम अराधना,प्रेम ही पूजा, प्रेम आत्मा की पुकार है। प्रेम से बड़ा न कोई दूजा, प्रेम तो ईश्वरीय उपहार है। प्रेम कर्म है,प्रेम ही मर्म, प्रेम धर्म का प्राण-सार है। प्रेम गर दिल में हो सबके, तो हर जन एक अवतार है। प्रेम न बिकता बाजारों में, रत्न बड़ा … Read more

मैं मजदूर हूँ

प्रेमशंकर ‘नूरपुरिया’ मोहाली(पंजाब) **************************************************************************** मैं इस देश का मेहनती मजदूर हूँ, मैं कभी पास अपने,कभी दूर हूँ। हर इमारत की बुनियाद रखता हूँ मैं, फिर भी कुछ कहते हैं मैं मजबूर हूँ॥ मैं प्रगति की इमारत की बुनियाद हूँ, मैं हर मेहनत के सागर की फरियाद हूँ। अपने खून-पसीने से सींचता हूँ मैं इसे, फिर … Read more

ज़िन्दगी का अर्थ

नरेंद्र श्रीवास्तव गाडरवारा( मध्यप्रदेश) ***************************************************************** ज़िन्दगी का अर्थ नहीं, समझने में हम जबसे असमर्थ हैं, जितना भी कमाने में लगे रहो, सब व्यर्थ है क्योंकि, कमाने के चक्कर में खो गये हैं हमारे संगी-साथी,पड़ोसी,हितैषी, हमने कमाने की अंधी दौड़ में इन्हीं को रौंदा है, इसीलिये सूना घरोंदा है, आओ स्वार्थ-दहलीज़ को पार करें, हमारे आसपास … Read more

प्यारा हिंदुस्तान

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** हम हैं प्यारा हिंदुस्तान रखते हैं हम दिल में सारा जहान, मेरे अंदर बसता केवल इंसान ही इंसान नफरत का यहाँ तनिक नाम नहीं, क्रोध-ईर्ष्या का यहाँ काम नहीं स्वार्थ का यहां कोई दाम नहींl हम हैं प्यारा हिंदुस्तान हूँ मैं सुन्दर एक सोने-सी चिड़ियाँ, चाहता भला मैं … Read more

भारत माँ के लाल

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ मिलें अपनों का प्यार हमको, तो सफलता चूमेगी कदम। रहे सभी का अगर साथ, तो जीत जाएंगे हर जंग। और मिल जाएगा हमको, वो खोया हुआ आत्म सम्मान। इसलिए हिल-मिलकर, रहो देशवासियों तुम सबll तुम्हें कसम भारत माँ की, दिखाओ अपना जौहर तुम। तुम्हीं तो कर्णधार हो, अब भारत माँ के … Read more