सृष्टि की अनमोल कृति हूँ
रेनू सिंघल लखनऊ (उत्तर प्रदेश) ******************************************************************** मैं अभिव्यक्ति हूँ, गूँथ कर शब्दों के मोती मन के भाव पिरोती हूँ, एहसासों से हृदय आसन पर श्रृंगार सृजन का करती हूँl मैं ही कविता,मैं ही गीत, मैं ग़ज़ल कहलाती हूँ धड़कन की हर लय ताल पर, जीवन राग सुनाती हूँ साँसों से जुड़ी है सरगम, प्रेम राग … Read more