न जाओ पिया जी…
डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** रचना शिल्प:मात्रा भार १६-१६ मुझे न जाओ छोड़ पिया जी,तार-तार कर तार प्यार के।अप्रतिम नेह दिया है प्रियतम,उर को तुम पर सदा वार के॥ तुझको पाकर मुझे मिला है,पल-पल ही ऋतुराज पिया जी।नद,निर्झर सब गान दे रहे,मेह छेड़ती साज हिया जी॥ कैसे जी लूँगी तुम बिन मैं,अपने मधुरिम सपन हार के।मुझे न … Read more