आम बजट,सत्यनारायण की कथा व एलआईसी का खत्म होता बीमा…

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** यूँ लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के कुलदीपक पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव को कोई गंभीरता से नहीं लेता,लेकिन कल आम बजट पर तेजप्रताप की प्रतिक्रिया सबसे हटकर थी। तेजप्रताप का कहना था कि इस बजट से ज्यादा अच्छी तो भगवान सत्यनारायण की व्रत कथा है,जिसे सुनकर मन को संतुष्टि और पुण्य … Read more

नाम ‘केन्द्रीय भारतीय भाषा समिति रखा जाए

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ मुम्बई(महाराष्ट्र) *************************************************************** केन्द्रीय हिंदी समिति हिंदी के लिए गठित भारत सरकार की सर्वोच्च समिति है। इस समिति का कार्य संघ की राजभाषा यानी हिंदी का संघ के कार्यों में प्रयोग व प्रसार के लिए सर्वोच्च स्तर पर निर्णय लेना है,लेकिन इस संबंध में मेरा सुझाव है कि इस समिति का नाम … Read more

इमारत: सामर्थ्य अनुसार बढ़ें

अवधेश कुमार ‘अवध’ मेघालय ******************************************************************** अगर बुनियाद कमजोर हो और उस पर बहुमंजिला एवं विकसित इमारत खड़ी करना चाहते हैं तो आसान नहीं होगा। इसके तीन उपाय हैं जिसमें से किसी एक को चुनना पड़ेगा। पहला-इमारत ढहाकर नयी बुनियाद डाली जाए,जिस पर नई इमारत बने। दूसरा-इमारत को बचाए रखकर अतिरिक्त बुनियाद डालकर पुरानी बुनियाद को … Read more

आधुनिक हिन्दी की दिशा तय करने वाले योद्धा:राजा शिवप्रसाद ‘सितारे हिन्द’

डॉ. अमरनाथ ************************************************************************* विशेष श्रंखला:भारत भाषा सेनानी… राजा शिवप्रसाद ‘सितारे हिन्द’ ( जन्म ३ फरवरी १८२३) को इतिहास में खलनायक की तरह चित्रित किया गया है, किन्तु,जिस समय देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली हिन्दी संकटकाल से गुजर रही थी,राजा शिवप्रसाद उसके समर्थन और उत्थान का व्रत लेकर साहित्य क्षेत्र में आए। उन्होंने हिन्दी,उर्दू,फारसी,संस्कृत,अंग्रेजी,बंगला आदि … Read more

मुसलमानों की देशभक्ति

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन शांतिपूर्ण आंदोलनों की तारीफ की है,जो नए नागरिकता कानून के विरोध में चल रहे हैं। उनका कहना है कि इससे भारत का लोकतंत्र मजबूत हो रहा है। मैं तो इस कथन से भी थोड़ा आगे जाता हूँ। मेरा कहना है कि यह आंदोलन चाहे … Read more

खंडगिरि और उदयगिरि की पहाड़ियाँ

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** भुवनेश्वर यात्रा………….. लिंगराज मंदिर,परशुरामेश्वर मंदिर,मुक्तेश्वर मंदिर और सिद्धेश्वर मंदिर के दर्शन के बाद हमारा अगला लक्ष्य उदयगिरी और खंडगिरी की पहाड़ियों को प्रत्यक्ष देखने का था…। भुवनेश्वर के बाहरी भाग में शहर से करीब ८ किमी दूर स्थित ये पहाड़ियां ओडिसा की सांस्कृतिक धरोहर हैं। इन पहाड़ियों पर प्राचीन … Read more

स्त्री वेदना को समझना होगा

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) ************************************************************** आज विकासवाद के युग में मानव यह सोचता है कि हमने चाँद पर अपना आशियाना बना लिया,समुन्दर की गहराईयों को नाप दिया है,पर आज भी स्त्री की विडंबना तो वहीं रूकी हुई है,जो द्वापर युग में तथा अन्य युग थी। आज भी उसका अस्तित्व मिटाया जा रहा है। बलात्कार का शिकार … Read more

रुदन

डॉ. वसुधा कामत बैलहोंगल(कर्नाटक) ******************************************************************* आज १५ अगस्त का दिन,आज भारत को आजादी मिली थी,पर आज का १५ अगस्त कुछ अलग-सा था,क्योंकि केन्द्र सरकार ने धारा ३७० को हटा दिया था और सही मायने में पूरी आजादी मिली। उत्तर भारत तो दुल्हन की तरह सज गया था,पर भारत के दक्षिण भाग में प्रकृति ने अपना … Read more

दिल्ली चुनाव:हिंसक एवं अराजक बयानों की उग्रता

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* दिल्ली में विधानसभा के चुनाव जैसे-जैसे निकट आता जा रहा है,अपने राजनीति भाग्य की संभावनाओं की तलाश में आरोप-प्रत्यारोप,हिंसक बयानों-वचनों और छींटाकशी का वातावरण उग्र होता जा रहा है। आम आदमी पार्टी,भारतीय जनता पार्टी एवं कांग्रेस तीनों ही दलों के नेता अपने चुनाव प्रचार में जिस तरह की उग्र भाषा का … Read more

यूरोप में भारत विरोध निरर्थक

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** यूरोपीय संघ की संसद में अब भारत की डटकर भर्त्सना होने वाली है। उसके ७५१ सदस्यों में से ६०० से भी ज्यादा ने जो प्रस्ताव यूरोपीय संसद में रखे हैं,उनमें हमारे नए नागरिकता कानून और कश्मीर के पूर्ण विलय की कड़ी आलोचना की है। जिन सांसदों ने इस कानून को … Read more