हिंदी:अंग्रेजी भाषा का नहीं-वर्चस्व का विरोध जरुरी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************************** आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा ने बर्र के छत्ते में हाथ डाल दिया है। द्रमुक की नेता कनिमोझी ने मांग की है कि,सरकार उन्हें तुरंत मुअत्तिल करे,क्योंकि उन्होंने कहा था कि जो उनका भाषण हिंदी में नहीं सुनना चाहे,वह बाहर चला जाए। वे देश के आयुर्वेदिक वैद्यों और प्राकृतिक चिकित्सकों को … Read more

हिन्दी के पाणिनि:आचार्य किशोरीदास वाजपेयी

प्रो. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल)******************************************हिन्दी योद्धा…….. हिन्दी के पाणिनि कहे जाने वाले आचार्य किशोरीदास वाजपेयी का जन्म(१५ दिसम्बर १८९८) कानपुर के बिठूर के पास रामनगर नामक गाँव में हुआ था।प्रारंभिक शिक्षा गाँव में,संस्कृत की शिक्षा वृंदावन में और आगे की शिक्षा बनारस तथा पंजाब में हुई। कुछ वर्ष तक उन्होंने हिमाचल प्रदेश में अध्यापन का कार्य … Read more

घर एक मन्दिर ही

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’बहादुरगढ़(हरियाणा)********************************************************* यह बात निस्संदेह नितान्त सत्य ही है कि,घर एक मन्दिर की तरह है। मन्दिर में जाते ही प्रभु से समीपता का एहसास होता है,ऐसे ही घर में जहाँ परस्पर प्यार,लगाव,आकर्षण हैl जाते ही अपनेपन का एहसास हिलोरे लेने लगता हैl घर की देहरी में आते ही सारी थकान दूर हो जाती है … Read more

बूढ़ों का देश कहलाएगा भारत सिर्फ १६ साल बाद!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** आजादी की वर्षगांठ पर स्वतंत्रता की खुशियों के साथ-साथ एक बड़ा और चिंताजनक सवाल भी दस्तक दे रहा है कि,एक तरफ हम अपनी युवा आबादी को काम नहीं दे पा रहे हैं,दूसरी तरफ भारत धीरे-धीरे बूढ़ों के देश में तब्दील होने जा रहा है। यह कोई दूर की कौड़ी नहीं है,केवल १६ … Read more

विघ्नहर्ता गणेशजी कर्ता-धर्ता एवं संहर्ता

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)********************************************************************* श्री गणेश चतुर्थी स्पर्धा विशेष….. श्रीगणेश जी को विघ्नहर्ता कहा जाता है। इसीलिए किसी शुभकार्य के निमंत्रण में भी पहले गणेश जी की स्तुति की जाती है,ताकि शुभकार्य के संपन्न होने में कोई विघ्न नहीं हो, श्रीगणेश जी विघ्नहर्ता जो हैं।श्रीगणेश जी को मंगलमूर्ति भी कहा जाता है, तभी … Read more

मूलाधार स्थित विघ्नहर्ता गणेशजी

डॉ.पूर्णिमा मंडलोईइंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** श्री गणेश चतुर्थी स्पर्धा विशेष….. हमारे शरीर में सात चक्र होते हैं-मूलाधार, स्वाधिष्ठान,मणिपुर,अनाहत,विशुद्ध,आज्ञा और सहस्रार चक्र। इनमें से मूलाधार सबसे पहला चक्र है। मूलाधार चक्र का स्थान `रीढ़ की हड्डी के एकदम निचले हिस्से में होता है। सामान्यतः हमारी सारी ऊर्जा मूलाधार चक्र पर स्थित होती है। ध्यान के माध्यम से मूलाधार … Read more

राशिनी में भी मातृभाषा माध्यम के गले में जहां संभव हो का फन्दा

वैश्विक ई-संगोष्ठी भाग-३:नई शिक्षा नीति से शिक्षा के माध्यम में परिवर्तन…? जोगा सिंह विर्क(पंजाब)- राहुल खटे(महाराष्ट्र)- डॉ. अशोक कुमार तिवारी- (सौजन्य:वैश्विक हिंदी सम्मेलन, मुंबई)

नई शिक्षा नीति से शिक्षा के माध्यम में परिवर्तन…?

वैश्विक ई-संगोष्ठी भाग-२………. डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य'(महाराष्ट्र)- यह एक सार्वभौमिक सत्य है कि,मातृभाषा में शिक्षा बच्चों के स्वाभाविक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। विश्व के सभी विकसित देशों के बच्चे अपनी मातृभाषा में ही पढ़ते हैं और वहाँ सभी कार्य भी उनकी भाषा में ही होते हैं। इसलिए विकास की गति में भी वे … Read more

बेटियां हकदार,लेकिन मुश्किलें

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** सर्वोच्च न्यायालय के ताजा फैसले ने देश की बेटियों को अपने पिता की संपत्ति में बराबरी का हकदार बना दिया है। अदालत के पुराने फैसले रद्द हो गए हैं,जिनमें कई किंतु-परंतु लगाकर बेटियों को अपनी पैतृक संपत्ति का अधिकार दिया गया था। मिताक्षरा पद्धति या हिंदू कानून में यह माना जाता है … Read more

विश्वभर के लिए आत्मा की उपासना का उत्कृष्ट पर्व ‘पर्यूषण’

आचार्य डाॅ. लोकेशमुनिनई दिल्ली(भारत) *********************************************************************** पर्यूषण महापर्व १५-२२ अगस्त विशेष…. जैन संस्कृति में जितने भी पर्व व त्योहार मनाए जाते हैं,लगभग सभी में तप एवं साधना का विशेष महत्व है। जैनों का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पर्व है पर्यूषण पर्व। यह पर्व ग्रंथियों को खोलने की सीख देता है और आत्मशुद्धि का वातावरण निर्मित करता है। इस … Read more