प्रधानमंत्री का भाषण:सराहनीय,साथ लेकर चलना प्रशंसनीय

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** ‘कोरोना’ पर प्रधानमंत्री के संदेश से जो लोग यह आस लगाए बैठे थे कि वे तालाबंदी में ढील की घोषणा करेंगे,उन्हें निराशा जरुर हुई होगी लेकिन उन्हें संतोष भी हुआ होगा कि उन्होंने २० अप्रैल से उसके शुरु होने का संकेत दिया है। कहां-कितनी ढील दी जाएगी,यह उन्होंने स्थानीय प्रशासनों … Read more

सबका फायदा,फिलहाल दूर ही रहो

अरशद रसूल, बदायूं (उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* आप सभी जानते हैं इन दिनों हमारा देश ‘कोरोना’ विषाणु जैसी महामारी से जूझ रहा है। यह एक ऐसी भयानक बीमारी है जो एक इंसान से दूसरे में और धीरे-धीरे समाज में फैलती है। आपस में ज़्यादा मिलने-जुलने और संपर्क बढ़ने से यह विषाणु बहुत तेजी से फैलता है। सिर्फ … Read more

भारत भाषा प्रहरी डॉ. अमरनाथ

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ मुम्बई(महाराष्ट्र) *************************************************************** नौवां विश्व हिन्दी सम्मेलन,जो २२ सितम्बर से २४ सितम्बर २०१२ तक दक्षिण अफ्रीका के शहर जोहांसबर्ग में आयोजित हुआ था, वहाँ दूसरे दिन किसी सत्र की समाप्ति पर मैंने देखा कि सभागार के बाहर एक व्यक्ति कुछ पर्चे बांट रहा है। साथ ही वे कुछ लोगों के साथ चर्चा … Read more

सबकी भलाई,वरना इंतज़ार कब तक… ?

इलाश्री जायसवाल नोएडा(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* आने वाला समय अपने अंदर कितने आश्चर्य, कितने अचम्भे समेटे हुए है,किसी को पता नहीं। कोई पक्का नहीं बता सकता कि आगे क्या होगा ?,लेकिन फिर भी हम सब अपना भविष्य संवारने के लिए काम करते हैं। इस भागती-दौड़ती जिंदगी में जहाँ किसी को भी किसी से बात करने की फुर्सत … Read more

‘शाकाहार क्रांति’ का अर्थ है ‘कोरोना’ से मुक्ति

आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि नई दिल्ली(भारत) ************************************************************************* ‘कोरोना’ विषाणु के महासंकट ने जीवन में व्याप्त विसंगतियों एवं विषमताओं पर गहराई से सोचने एवं जीवनशैली को एक नया एवं स्वस्थ आकार देने का वातावरण निर्मित किया है। इस जीवनशैली को विकसित करते हुए जिन महत्वपूर्ण तथ्यों पर हमें ध्यान देना है,उसमें प्रमुख है ‘शाकाहार।’ कोरोना की महामारी … Read more

वर्तमान समस्या को बढ़ाईए मत

प्रभावती श.शाखापुरे दांडेली(कर्नाटक) ************************************************ भय,आतंक,महामारी का दूसरा नाम आज ‘कोरोना’ विषाणु है। पूरे विश्व पर इस महामारी ने कब्जा कर लिया है। अगर हम सोच कर देखें तो इसका कारण भी खुद मनुष्य ही है। प्रकृति का नियम है कि जो बीज बोएंगे,वहीं फल पाएँगे। मनुष्य ने जो पाप या कुकर्म प्रकृति के साथ किया … Read more

`कोरोना`: जीवन शैली बदलने का संकेत,समय भी

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* बदलाव प्रकृति का नियम है और जीवन का आधार प्रकृति है। इसलिए `कोरोना` हो या कोई भी अन्य विकट वैश्विक चुनौती,जीवन-शैली बदलने की अति आवश्यकता होती है। चूंकि,प्रकृति जीवन जननी है और प्रत्येक जीव-जन्तु प्रकृति की कोख से उत्पन्न हुआ है,जिसे विभिन्न धार्मिक ग्रंथ एवं विद्वानों सहित … Read more

जैनाचार्यों का वनस्पति ज्ञान बहुत जनउपयोगी

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** आयुर्वेद शास्त्र में यह उल्लेख किया गया है कि,संसार की प्रत्येक वस्तु औषधि है,इसके अलावा कुछ नहीं। हम उनके बारे में नहीं जानते,तब उन्हें उपेक्षित कर देते हैं,पर जानकार उनका उपयोग औषधि के रूप में कर लेता है। वर्तमान में मानव जाति द्वारा जन्म से ही अंग्रेजी औषधि का उपयोग करने … Read more

कोरोना:भारत सबसे बेहतर

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** ‘कोरोना’ महामारी से पीड़ित सारे देशों के आँकड़े देखें तो भारत शायद सबसे कम पीड़ित देशों की श्रेणी में आएगा। दुनिया के पहले १० देशों में अमेरिका से लेकर बेल्जियम तक के नाम हैं लेकिन भारत का कहीं भी जिक्र तक नहीं है। यदि भारत की जनसंख्या के हिसाब से … Read more

आंतरिक शक्ति से रचिए नया इतिहास

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’ बहादुरगढ़(हरियाणा) *********************************************************************** शक्ति एक अहसास है,एक आभास है,अपने सम्पूर्ण होने के गर्व का,अधूरापन तो टूटन का ही प्रतीक है,उसको हर हाल में पूरा करने के प्रयास में जुटे रहकर विजय पा कर ही दम लेना है। हममें से कोई भी अपनी आंतरिक शक्ति के बल पर दिखने में अशक्त होते हुए भी … Read more