परमहंसी साधना एवं सिद्धि के अलौकिक संत रामकृष्ण परमहंस

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* रामकृष्ण परमहंस जयन्ती-१८ फरवरी विशेष………. भारत की रत्नगर्भा वसुंधरा माटी में कई संत और महान व्यक्ति हुए हैं जिन्हें उनके कर्म, ज्ञान और महानता के लिए आज भी याद किया जाता है। इसी संतपुरुषों,गुरुओं एवं महामनीषियों की श्रंखला में एक महामानव एवं सिद्धपुरुष हैं श्री रामकृष्ण परमहंस। वे महान संत, शक्ति … Read more

कंबाला:भैंसों के प्रति नजरिया बदलने पर विवश करता विश्व रिकॉर्ड…!

अजय बोकिल भोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** ये खबर इसलिए महत्वपूर्ण तो थी ही कि,कर्नाटक के एक किसान ने ग्रामीण खेल में दुनिया के सबसे तेज धावक उसेन बोल्ट का रिकॉर्ड तोड़ा,बल्कि इसलिए भी दिलचस्प थी कि यह रिकॉर्ड उसने भैंसों के साथ दौड़ कर तोड़ा। जो जानकारी सामने आई,उसके दावे की पुष्टि होना बाकी है,लेकिन जो हुआ,उसने … Read more

ट्रेन और शौचालय…!!

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** ट्रेन के शौचालय(टॉयलेट्स) और यात्रियों में बिल्कुल सास-बहू-सा संबंध है। पता नहीं, लोग कौन-सा असंतोष इन शौचालय पर निकालते हैं। आजादी के इतने सालों बाद भी देश में चुनाव शौचालय के मुद्दे पर लड़े जाते हैं। किसने कितने शौचालय बनवाए,और किसने नहीं बनवाए,इस पर सियासी रार छिड़ी रहती … Read more

अपराधी उम्मीदवारःस्वागत,पर अधूरा फैसला

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** सर्वोच्च न्यायालय ने राजनीति को अपराधियों से मुक्त करने का जो आदेश जारी किया है,उसका स्वागत है लेकिन वह अधूरा है। यह तो ठीक है कि सभी राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के अपराधों का विस्तार से ब्यौरा दें,और नामजद करने के ४८ घंटों में उसे प्रचारित करें या उम्मीदवारी का … Read more

‘लव आज कल’:ये लव न आज चलेगा,न कल

इदरीस खत्री इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************* लेखक निर्देशक इम्तियाज अली की इस फिल्म में अदाकार-कार्तिक आर्यन,सारा अली खान,रणदीप,आरुषि शर्मा ने अभिनय किया है। संगीत प्रीतम का है। #फ़िल्म से पहले की चर्चा⤵ पिछली फिल्म ‘लव आजकल’ २००९ में सैफ,दीपिका,ऋषि कपूर के साथ इम्तियाज ने ही बनाई थी,सफल भी रही थी। फ़िल्म मूलतः किशोरवय को लेकर बुनी गई … Read more

राष्ट्रवाद:विश्व-बन्धुता की ओर कदम बढ़ना चाहिए

सुरेश चन्द्र ‘सर्वहारा’ कोटा(राजस्थान) *********************************************************************************** मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। समाज के बिना उसके अस्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। समाज का स्वरूप परिवार से लेकर पड़ौस,गाँव,शहर,राज्य,देश और दुनिया तक विस्तृत हो सकता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जन्मस्थान,अपनी गली,गाँव,शहर और देश से लगाव होता है। इसी लगाव के कारण आदमी अपने … Read more

‘साब’ का मूड

अरुण अर्णव खरे  भोपाल (मध्यप्रदेश) *********************************************************************** मूड-एक ऐसा शब्द है,जिससे हम सभी का वास्ता एक बार,दो बार नहीं,अपितु अनेक बार पड़ा है और इसके अनुभव भी कभी सुखद,कभी दुखद तो कभी कष्टप्रद हुए होंगेl यदि आप अफसर हैं,या रहे हैं तो यह बात कभी न कभी,किसी न किसी माध्यम से आपके कानों तक जरूर पहुँची … Read more

प्रचंड बहुमत:नए प्रधानमंत्री की दस्तक!

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** दिल्ली के चुनाव में भाजपा की हार देश में नयी राजनीति की शुरुआत कर सकती है। २०१३ के गुजरात विधानसभा चुनाव की याद आ रही है। जब उसके चुनाव परिणाम घोषित हो रहे थे तो मुझे टीवी चैनलों ने घेर लिया। पूछने लगे कि,मोदी की ५-१० सीटें कम हो रही … Read more

हिंदी के प्रथम सेनानी:महर्षि दयानंद सरस्वती

डॉ. अमरनाथ ******************************************************************** विशेष श्रंखला:भारत भाषा सेनानी… स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म फरवरी १२ फरवरी १८२४ को काठियावाड़(गुजरात) क्षेत्र के ‘टंकारा’ नामक स्थान में हुआ था। उनके बचपन का नाम मूलशंकर था। वे समृद्ध परिवार के थे। आगे चलकर पंडित बनने की लालसा में वे वेदादि ग्रंथों के अध्ययन में लग गए। इसी क्रम में … Read more

‘आप’ की जीत तुष्टिकरण का पुन: गर्भाधान

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** दिल्ली में `आम आदमी पार्टी` ने विधानसभा चुनाव में शानदार तरीके से जीत प्राप्त की है। चुनाव परिणामों के विश्लेषणों में कोई इसे कोई विकास,तो कोई कुशल रणनीति की सफलता बता रहा है,परन्तु विजयोल्लास में लोकतन्त्र के सम्मुख फिर से खड़े हुए तुष्टिकरण की राजनीति के उस खतरे की या तो … Read more