छवि है उनकी न्यारी

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) *********************************************************************** कितनी सुंदर कितनी भोलीछवि है उनकी न्यारी।मनमोहन घनश्याम कृष्ण कीसूरत लगती प्यारी॥ मुरली की धुन सुनो श्याम कीकानों में रस घोले।राधा के संग रास रचायकेवल नयना बोले॥ राधाकृष्ण की छवि मनोहरदेख सभी हरषाए।रोम रोम हैं हर्षित सबकेश्याम देख मुस्काए॥ पावन छवि का वरण करें हमहिय में अति सुख पाएं।शुभकर्मों को करें … Read more

हल्दी घाटी

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. सदी सोल्हवीं मुगल काल में, अकबर का भारत पर राज। झुके बहुत राजे रजवाड़े, माना मुगल राज सरताजll आन मान मेवाड़ धरा का, गढ़ चित्तौड़ अनोखी शान। उदय सिंह मर्यादा पाले, बप्पा रावल वंश महानll स्वाभिमान मेवाड़ी अखरा, कुपित हुआ अकबर सुल्तान। पन्द्रह सौ अड़सठ … Read more

महाराणा प्रताप:मानवता रक्षक

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ****************************************************************** ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. माटी राजस्थान की,कुंभलगढ़ था स्थान। पिता उदयसिंह गेह में,जन्में वीर महान॥ जयवंता ममतामयी,माता की संतान। वीर पराक्रम के धनी,स्वाभिमान इंसान॥ मुगलों की आधीनता,उसको आय न रास। साहस शौर्य प्रधानता,स्वाभिमान थे पास॥ ‘कीका’ सम्बोधित करे,बचपन का था नाम। कुँवर वीर मेवाड़ के,अतुलित बल … Read more

महाराणा प्रताप इक अनमोल सितारा

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. वीर राजपूताने का वह इक अनमोल सितारा था। सिसोदिया कुल में जन्म लिया सबको प्राणों से प्यारा था॥ इस वीरप्रसविनी भूमि का वीर प्रताप मतवाला। घोड़ा था अद्भुत राणा का वायु से तीव्र गति वाला॥ मेवाड़ी आन के लिए ही समरांगण धूम मचाई। दुश्मन … Read more

माँ सृष्टा

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* माँ सृष्टा की अद्भुत रचना माँ सम कोई और नहीं। जन्नत है माँ के चरणों में, माँ के सिवाय ठौर नहीं॥ मिलती माँ से शक्ति हमें है, माँ कभी नही थकती है। बसता है परिवार अम्ब में माँ कभी नहीं रुकती है॥ माँ ही रामायण कुरान है, माँ ही भगवद्गीता … Read more

हार मत जाईये

अख्तर अली शाह `अनन्त` नीमच (मध्यप्रदेश) **************************************************************** `कोरोना` को हिम्मत से,अंगूठा दिखाना यदि, कसके कमर रखें,हार मत जाईये। आड़े हाथों लेना यदि,अपने विरोधियों को, पार कठिनाई पर,हँस कर पाईयेll गिरना है नजरों से,तुमको समाज की तो, झुंड बना-बना कर,खूब बतियाईये। दूसरे बीमार हैं तो,हम तो बीमार नहीं, ये `अनंत` सोच कर,खुशियां मनाईयेll

पछतावा होगा तुझे

अख्तर अली शाह `अनन्त` नीमच (मध्यप्रदेश) **************************************************************** आग में घी डालना है,भीड़-भाड़ का बढ़ाना, हिम्मत जो हार गया,भट्टा बैठ जाएगा। नींद रातों की हराम,एक दिन होगी प्यारे, कोई पूछने को तेरे,पास नहीं आएगा॥ भीड़ का जो भाग बना,परिणाम होगा यही, किससे कहाँ से कब,रोग तू लगाएगा। पछतावा होगा तुझे,बात नहीं मान कर, रोएगा ‘अनन्त’ आँसू … Read more

कोयल कूके

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** कोयल कूके जब अमुवा पर, मन भौंरा इठलाता है। पिया मिलन की मधुरिम बेला, राग प्रीत के गाता है॥ अमराई की सुन्दर छाया, जहाँ खेल हमने खेला। रंग बसन्ती पुरवाई में, खुशियों का लगता मेला॥ वही सुहाना मौसम अब है, याद बहुत अब आता है। कोयल कूके जब … Read more

हिम्मत रखेंगे तभी,तो हराएंगे

अख्तर अली शाह `अनन्त` नीमच (मध्यप्रदेश) **************************************************************** हिम्मत रखी ‘अनंत’ आज तक हारे नहीं, हिम्मत रखेंगे तभी,तो उसे हराएंगे। ‘कोरोना’ की महामारी,घुस आई है जो लोगों, घर की न घाट की ये,रहेगी भगाएंगे॥ छाती पर मूंग जो ये,दल रही आज तक, बंद रहे घरों में तो,जड़ से मिटाएंगे। ठंडा होने देंगे नहीं कलेजे को कोरोना … Read more

कठिन डगर

महेन्द्र देवांगन ‘माटी’ पंडरिया (कवर्धा )छत्तीसगढ़  ************************************************** कठिन डगर है ये जीवन की,कभी नहीं घबराना जी। संकट में है देश हमारा,सबको जोश दिलाना जी॥ ‘कोरोना’ बीमारी देखो,कैसे चलकर आया है। दिखे नहीं यह सूक्ष्म जीव पर,पूरी दुनिया छाया है॥ साफ -सफाई रखना सीखो,भीड़-भाड़ मत जाना जी। कठिन डगर है ये जीवन की,कभी नहीं घबराना जी॥ … Read more