सर्दी

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** सर्द भरा मौसम यहाँ,शीतल तन मन होय। आग भरोसे दिन कटे,रात बिताये सोय॥ सभी काँपते हैं यहाँ,सभी तापते आग। जलता हुआ अलाव है,मिल के गाते राग॥ शरद सुहानी है ऋतु,सुबह-शाम की धूप। लगते सुन्दर आसमां,मौसम सौम्य स्वरूप॥ सर्दी बड़ी सुहावनी,मन को भाती शीत। बैठ मजे लो उष्णता,गर्म चाय … Read more

करता जा सतकर्म तू

मालती मिश्रा ‘मयंती’ दिल्ली ******************************************************************** करता जा सतकर्म तू,बाधा दे बिसराय। बाद अँधेरी रात के,भोर किरन मुस्कायll रोकेंगी तेरी डगर,दुश्वारियाँ हजार। ध्यान लगा तू लक्ष्य पर,बाधा देहि बिसारll माटी की काया बनी,माटी में मिल जाय। लोभ-मोह के फेर में,जीवन दिया गँवायll मर्यादा से है नहीं,धन संपत्ति महानl दौलत कर का मैल है,कहि कर गए सुजानll … Read more

बढ़ रही गर्मी,कट रहे पेड़

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** गर्मी देखो बढ़ रही,कटते जंगल पेड़। आओ पौधा रोप लो,बंजर धरती मेड़॥ मत काटो इंसान तुम,ये तो छायादार। गर्मी से रक्षा करे,पालन पोषण सार॥ जीव जगत इनसे जिए,इनसे है संसार। पेड़ लगा काटो नहीं,मत करना व्यापार॥ धरती का श्रृंगार है,पादप वृक्ष पहाड़। पर्यावरण बचाय लो,आव लगाव झाड़॥ सूरज … Read more

अरिहंतों को नमन

छगन लाल गर्ग “विज्ञ” आबू रोड (राजस्थान) **************************************************************************** दिव्य लोक की राह में,रश्मि पुंज के मंत्र। महावीर क्षण साधना,जीवनभर का तंत्र॥ अरिहंतों को नमन है,सिद्धजन नमस्कार। साधक संतों नमन है,कृपा करो करतार॥ मंत्र साध सदगुण सधे,रहे न दु:ख जंजाल। शब्द भाव अनुसार ही,अंतस सच खंगाल॥ अरिहंती मंगल मिले,साध रहे है सिद्ध। माया पंछी लोभ में,डूब … Read more

सुहानी शाम

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* शाम सुहानी आ गई,पंछी करते शोर। लौट रहे हैं नीड़ को,बाँध प्रीत की डोरll बैलों की घंटी बजे,जस वृन्दाबन धाम। ग्वालों की टोली लगे,संग श्याम बलरामll सतरंगी आभा लिये,बिखरे हो सिंदूर। अरुण किरण की लालिमा,देखो कुदरत नूरll शीतल मंद सुगंध पवन,और सुहानी शाम। बन जाऊँ मैं राधिका,तुम बन जाओ श्यामll … Read more

सिसकता किसान

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** गर्मी की इस मार में,रोते आज किसान। बिलख रहे हैं भूख में,धरती के भगवानll देखो हाहाकार है,सिसक रहे हैं लोग। धरती सूखी खेत है,घेर रहे हैं रोगll तपती धूप बढ़े यहाँ,कौन करे अब काम। खेतों में दर्रा फटे,बंजर हुए तमामll जीने को मजबूर है,सिसक रहे हैं आज। कर्ज … Read more

रे कपूत!अब भी संभल

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** गाली दे दे एक को,तुम बना दिये स्टार। जनता अब बुद्धू नहीं,जीते चौकीदारll गाली दे थकते नहीं,बहुसंख्यक को आज। लोकतंत्र है शर्मसार,बन वोट बैंक समाजll जमानती हैं एक मंच,निज कुनबों के साथ। सोच न बदली सल्तनत,मिले चोर के हाथll कहते हो हम हैं वतन,मिले साथ हो पाक। आतंक … Read more

मतदान जागरूकता

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* जागरूक होकर करो,मतदाता मतदान। राजधर्म निर्वाह को, करिये ये शुभदानll सब कामों को छोड़कर,करना है यह काम। एक दिवस मतदान का,बाकी दिन आरामll सही करो मतदान तो,हो उत्तम सरकार। मन का प्रत्याशी चुनो,मत दे कर हर बारll डरो नहीं,झिझको नहीं,रहे प्रशासन संग। अच्छा प्रत्याशी चुनो,लोकतंत्र के अंगll अब आलस को त्यागिए,चलो … Read more

भू तू बड़ी महान

नवीन कुमार भट्ट नीर मझगवाँ(मध्यप्रदेश)  ************************************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… पावन धरती मात को,है वंदन बारम्बार। गौरव की गाथा लिखी,गूँजे जय जयकारll धरती माँ के गोद से,निकली सीता मात। तेरी कथा अटूट है,दिन चाहे हो रातll हरियाली साड़ी पहन,धरती गाती गीत। नदियाँ झरने कूप को,यही दिलाती जीतll ममता का सागर भरा,कभी न करती क्रोध। गलती … Read more

करो धरा से प्यार

सुनीता बिश्नोलिया चित्रकूट(राजस्थान) ****************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… कानन-नग-नदियाँ सभी,धरती के श्रृंगार। दोहन इनका कम करें,मानें सब उपहार॥ अचला का मन अचल है,डिगे न छोटी बात। पर मानव का लोभ क्यों,छीन रहा सौगात॥ देख धरा की ये दशा,पीर उठी मन माय। जख्म जिगर में देय के,कोय नहीं सुख पाय॥ हरी-भरी धरती रहे,नीला हो आकाश। … Read more