हमारी प्यारी हिंदी की वैश्विक चमक

मनोरमा जोशी ‘मनु’ इंदौर(मध्यप्रदेश)  ***************************************** ‘विश्व हिंदी दिवस’ विशेष….. एक भाषा के रूप में हिंदी हमारी पहचान है। हमारे जीवन मूल्यों,संस्कृति-संस्कार की संप्रेषक व परिचायक है। हिंदी विश्व की सहज सरल वैज्ञानिक भाषा है। हिंदी अधिक बोले जाने वाली,ज्ञानदायक, प्राचीन सभ्यता-आधुनिक प्रगति के बीच सेतु है।वंदेमातरम की शान है। हिंदी,देश का मान है,हिंदी संविधान का गौरव,भारत … Read more

समझदारी से काम लें,हृदय की देखभाल करें

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** यह मानव शरीर परमपिता परमेश्वर की अनमोल संरचना है। इसका मूल्य आप आँक ही नहीं सकते। सभी जानते हैं कि,जब इन्सान माँ के पेट में होता है,तभी से हृदय धड़कना शुरू कर देता है और इंसान की मृत्यु होने पर ही इसकी धड़कन बंद होती है।हम थकावट होने पर आराम करते … Read more

हिन्दी को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उभारने का प्रथम श्रेय शास्त्री जी को

नकुल त्यागीमुरादाबाद(उप्र)********************************** विशेष श्रृंखला:भारत-भाषा सेनानी….. आर्य समाज के प्रसिद्ध नेता,संसद में हिन्दी के ओजस्वी वक्ता,हिंदी एवं संस्कृत के प्रकांड विद्वान पूर्व सांसद स्व. प्रकाशवीर शास्त्री का जन्म ३० दिसंबर १९२३ को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के रेहरा गाँव में हुआ था। आगरा विश्वविद्यालय से एम.ए. करने के बाद गुरुकुल वृन्दावन के उप कुलपति नियुक्त किए … Read more

प्रवासी भारतीय और विश्व संस्कृति

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* ९ जनवरी को भारत में ‘भारतीय प्रवासी दिवस’ मनाया जाता है,लेकिन आज इसे लेकर देश में ज्यादा हलचल नहीं दिखाई दी,क्योंकि एक तो नेता लोग चुनाव-अभियान में व्यस्त हैं और दूसरा कोरोना महामारी की वजह से पिछले साल भी प्रवासी सम्मेलन नहीं हो पाया था। इस महान संस्था की नींव प्रधानमंत्री अटलबिहारी … Read more

खुद जागना और दूसरों को जगाना चाहिए

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** मुद्दा महात्मा गांधी के वैचारिक हनन का…. महात्मा गांधी अगर महात्मा गांधी थे तो अपने विचारों और चिंतन के कारण। अगर महात्मा गांधी जी की हत्या न होती तो भी वे कब तक जीते ?, लेकिन उनके विचार विश्व की अनमोल धरोहर हैं। अपने विचारों के कारण वे हजारों साल तक … Read more

भाजपा को पुनर्विचार की जरूरत

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** एक लंबे अंतराल के बाद २०१४ और २०१९ में केंद्र में पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनी, साथ ही कई राज्यों में भी जीत हासिल हुई। पिछले ७ वर्ष में भाजपा ने कुछ अच्छे काम भी किए, जिसमें धारा ३७०,राम मंदिर,तीन तलाक,सीएए प्रमुख हैं,परंतु एस सी-एससी अधिनियम में उच्चतम न्यायालय के … Read more

महात्मा गांधी के वैचारिक हनन पर एक शिक्षक का मुख्यमंत्री को खुला पत्र।

श्री अशोक गहलोत जी,माननीय मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार,जयपुर,राजस्थान। विषय:महात्मा गांधी जी के विचार के एकदम प्रतिकूल उनके ही नाम पर शिक्षा नीति। महोदय, ‘गाँधी शान्ति प्रतिष्ठान’ की पत्रिका ‘गाँधी मार्ग’ में आपकी सरकार का एक विज्ञापन देखा। इस विज्ञापन के अनुसार आपकी सरकार अपने राज्य में बड़े पैमाने पर ‘महात्मा गाँधी इंग्लिश मीडियम स्कूल’ खोल रही … Read more

धर्म के साथ वर्णित सिद्धांतों का परिपालन अति आवश्यक

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** ‘विश्व धर्म (१६ जनवरी)दिवस’ विशेष…. आज विश्व में अनेक धर्मों का प्रादुर्भाव हो रहा है और सब अपने-अपने द्वारा स्थापित सिद्धांतों पर जोर देते हैं। इससे समाज में दुर्भाव पैदा होता है। सब पंथ अपने पंथ को बढ़ाने के लिए कार्यरत हैं, जबकि हिन्दू धर्म और जैन धर्म प्राचीनतम हैं। जैन धर्म में … Read more

उप्र में भी ‘खेला’ शुरू हो गया…?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** चुनाव के पहले सत्ता सुख की चाह में दलबदल भारतीय राजनीति में नई बात नहीं है,लेकिन देश में उप्र सहित ५ राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव की शुरूआत में दल छोड़ने वाले विधायकों-मंत्रियों की सबसे ज्यादा संख्या अगर भाजपा में है तो इसके गंभीर राजनीतिक मायने हैं। उप्र में पिछड़ों के … Read more

चेतनाओं को विकसित करने वाला पर्व ‘संक्रांति’

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** जीवन के रंग (मकर संक्रांति विशेष)…. मकर संक्रांति भारतवर्ष का एक ऐसा बड़ा प्रसिद्ध त्यौहार है,जो अलग-अलग राज्य में भिन्न-भिन्न नामों से जाना ही नहीं जाता है, बल्कि कई तरीक़ों से मनाया जाता है। उत्तर भारत में इसे मकर संक्रांति कहा जाता है तो तमिलनाडु में पोंगल नाम है,जबकि गुजरात में … Read more