खुद जागना और दूसरों को जगाना चाहिए

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** मुद्दा महात्मा गांधी के वैचारिक हनन का…. महात्मा गांधी अगर महात्मा गांधी थे तो अपने विचारों और चिंतन के कारण। अगर महात्मा गांधी जी की हत्या न होती तो भी वे कब तक जीते ?, लेकिन उनके विचार विश्व की अनमोल धरोहर हैं। अपने विचारों के कारण वे हजारों साल तक … Read more

भाजपा को पुनर्विचार की जरूरत

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** एक लंबे अंतराल के बाद २०१४ और २०१९ में केंद्र में पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनी, साथ ही कई राज्यों में भी जीत हासिल हुई। पिछले ७ वर्ष में भाजपा ने कुछ अच्छे काम भी किए, जिसमें धारा ३७०,राम मंदिर,तीन तलाक,सीएए प्रमुख हैं,परंतु एस सी-एससी अधिनियम में उच्चतम न्यायालय के … Read more

महात्मा गांधी के वैचारिक हनन पर एक शिक्षक का मुख्यमंत्री को खुला पत्र।

श्री अशोक गहलोत जी,माननीय मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार,जयपुर,राजस्थान। विषय:महात्मा गांधी जी के विचार के एकदम प्रतिकूल उनके ही नाम पर शिक्षा नीति। महोदय, ‘गाँधी शान्ति प्रतिष्ठान’ की पत्रिका ‘गाँधी मार्ग’ में आपकी सरकार का एक विज्ञापन देखा। इस विज्ञापन के अनुसार आपकी सरकार अपने राज्य में बड़े पैमाने पर ‘महात्मा गाँधी इंग्लिश मीडियम स्कूल’ खोल रही … Read more

धर्म के साथ वर्णित सिद्धांतों का परिपालन अति आवश्यक

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** ‘विश्व धर्म (१६ जनवरी)दिवस’ विशेष…. आज विश्व में अनेक धर्मों का प्रादुर्भाव हो रहा है और सब अपने-अपने द्वारा स्थापित सिद्धांतों पर जोर देते हैं। इससे समाज में दुर्भाव पैदा होता है। सब पंथ अपने पंथ को बढ़ाने के लिए कार्यरत हैं, जबकि हिन्दू धर्म और जैन धर्म प्राचीनतम हैं। जैन धर्म में … Read more

उप्र में भी ‘खेला’ शुरू हो गया…?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** चुनाव के पहले सत्ता सुख की चाह में दलबदल भारतीय राजनीति में नई बात नहीं है,लेकिन देश में उप्र सहित ५ राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव की शुरूआत में दल छोड़ने वाले विधायकों-मंत्रियों की सबसे ज्यादा संख्या अगर भाजपा में है तो इसके गंभीर राजनीतिक मायने हैं। उप्र में पिछड़ों के … Read more

चेतनाओं को विकसित करने वाला पर्व ‘संक्रांति’

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** जीवन के रंग (मकर संक्रांति विशेष)…. मकर संक्रांति भारतवर्ष का एक ऐसा बड़ा प्रसिद्ध त्यौहार है,जो अलग-अलग राज्य में भिन्न-भिन्न नामों से जाना ही नहीं जाता है, बल्कि कई तरीक़ों से मनाया जाता है। उत्तर भारत में इसे मकर संक्रांति कहा जाता है तो तमिलनाडु में पोंगल नाम है,जबकि गुजरात में … Read more

महान व्यक्तित्व की नींव में थी गुरुभक्ति

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़रदेवास (मध्यप्रदेश)****************************************** स्वामी विवेकानंद जयंती विशेष….. स्वामी विवेकानंद जी के बारे में लिखना सूर्य को दीपक दिखाने के समान है। जिस विचारक के नाम की किताबों से देश के अनेकों पुस्तकालय भरे पड़े हों,अनेक किताबों की दुकानें उनकी पुस्तकों से चलती हों,जिनको पढ़ने के बाद किसी और को पढ़ने की आवश्यकता ही नहीं … Read more

विश्व वंदित स्वामी विवेकानंद

नमिता घोषबिलासपुर (छत्तीसगढ़)**************************************** स्वामी विवेकानंद जयंती विशेष….. ‘उठो,जागो,जब तक लक्ष्य तक न पहुँच पाओ तब तक निश्चिंत मत बैठो। उठो फिर से एक बार उठो, बिना त्याग के कुछ नहीं हो सकता,यदि दूसरों की सहायता करना चाहते हो तो तुम्हें अपने अहम का त्याग करना होगा।’आकाश अनेक तारा नक्षत्र से भरा हुआ है, जिसमें एक … Read more

भारतीय संस्कृति मर्मज्ञ स्वामी विवेकानंद जी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** स्वामी विवेकानंद जयंती विशेष…. स्वामी विवेकानन्द जी माता काली के अनन्य उपासक,सन्त श्री रामकृष्ण परमहंस जी के प्रियतम शिष्य थे। कॉन्वेंट में पढ़े स्वामी जी ने जिज्ञासा के चलते ईश्‍वर को समझने के लिए सनातन धर्म को जाना,क्योंकि उनके पिताजी एक प्रख्यात अधिवक्ता थे और उनका झुकाव पाश्चात्य सभ्यता की ओर … Read more

पश्चिम से पुन: पूर्व की ओर…

शकुन्तला बहादुर कैलिफ़ोर्निया(अमेरिका) ********************************************************* विश्व हिंदी दिवस’ विशेष…. स्वर्ग में सभा जुटी थी। महर्षि पतंजलि उदास बैठे थे। योगिराज श्रीकृष्ण और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भी सभा में थे। तभी नारद मुनि आ पहुँचे। सबने अभिवादन किया। मुनि बोले, महर्षि पतंजलि! आप इतने उदास क्यों हैं ? ऋषि ने कहा-“क्या बताऊँ तुमको ? मैंने अपना योगदर्शन का … Read more