कश्मीर पर सार्थक संवाद हुआ

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* जम्मू-कश्मीर के नेताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद काफी सार्थक रहा। इसे हम एक अच्छी शुरुआत भी कह सकते हैं। २२ माह पहले जब सरकार ने धारा ३७० हटाई थी और इन नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था,तब और अब के माहौल में जमीन-आसमान का अंतर आ गया है। जब इस … Read more

राजनीति महज ‘भविष्य’ या वैचारिक संघर्ष का मंच ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और दल में ब्राह्मण चेहरा रहे जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने पर कांगेस नेता शशि थरूर ने एक सवाल उठाया था कि क्या राजनीति विचारविहीन भविष्य (कॅरियर) हो सकती है ? क्या सियासी दल बदलने से व्यक्ति की वैचारिक प्रतिबद्धता भी आईपीएल में दल … Read more

मेरी दृष्टि में कबीर:सीधे चोट की भ्रांतियों पर

नमिता घोषबिलासपुर (छत्तीसगढ़)**************************************** ‘कबीर मन निर्मल भया,ज्यो गंगा की नीर।पीछे पीछे हरि फिरै,कहत कबीर कबीर।”कबीर दास जी ने अपने दोहों के माध्यम से समाज में व्याप्त भ्रान्तियों,अंध विश्वासों,कुरीतियों पर सीधे चोट की। उन्होंने ब्राह्मणवाद पाखंडी एवं कर्मकांड की आलोचना की,वहीं मूर्ति पूजा पर भी उन्होंने कटाक्ष किया,जिसे उक्त दोहे के माध्यम से लिखा गया-‘पत्थर पूजे … Read more

नशे से जन-धन की घोर हानि

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस-२६ जून विशेष…. नशा एक ऐसी बुराई है,जो हमारे समूल जीवन को नष्ट कर देती है। नशे की लत से पीड़ित व्यक्ति परिवार के साथ समाज पर बोझ बन जाता है। युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा नशे की लत से पीड़ित है। सरकार इन पीड़ितों को नशे के चुंगल से छुड़ाने … Read more

‘भाषा’ का दिवस..अंधी दौड़

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** अपनी संस्कृति और संस्कारों को जब हम स्वयं अपने जीवन और लोक व्यवहार में नहीं ला पा रहे हों और उस पर भी पश्चिमी खुलेपन के लिए लाल कालीन बिछाने के बाद यह अपेक्षा करना कि हमारी नई पीढ़ी उस आकर्षण से बिल्कुल अछूती रहकर हमारी अपनी पारंपरिक नैतिक मान्यताओं से चिपकी … Read more

क्या गारंटी कि,अनाज-वितरण में धांधली नहीं होगी !

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* केंद्र सरकार और दिल्ली की सरकार के बीच आजकल अजीब-सा विवाद चला हुआ है। दिल्ली की केजरीवाल-सरकार दिल्ली के लगभग ७२ लाख लोगों को अनाज उनके घरों पर पहुंचाना चाहती है लेकिन मोदी सरकार ने उस पर रोक लगा दी है। इन गरीबी की रेखा के नीचे वाले लोगों को ‘प्रधानमंत्री गरीब … Read more

सम्बन्ध-बंधनों से परे

अल्पा मेहता ‘एक एहसास’राजकोट (गुजरात)*************************************** विश्व सौहार्द दिवस स्पर्धा विशेष…. सम्बन्ध शब्द का क्या अर्थ होता है ?… ‘सम्यक्’ का अर्थ पूरी तरह से,चारों ओर से अथवा परिपूर्ण। अर्थात सम्बन्ध शब्द का अर्थ होता है, ‘चारों ओर से बंधन’,’सब प्रकार से बंधन’ अथवा ‘परिपूर्ण बंधन।’संसार में माता-पिता,भाई-बहन,जीजा,दामाद,बाप-बेटी,माँ-बेटी आदि) को हम लोग सम्बन्धी (रिश्तेदार,नातेदार) कहते हैं।हर … Read more

वीरता,दृढ़ता का दूजा नाम ‘झाँसी की रानी’

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** लक्ष्मीबाई बलिदान दिवस विशेष…. रानी लक्ष्मीबाई (जन्म-१९ नवम्बर १८२८, मृत्यु-१८ जून १८५८) मराठा शासित झाँसी राज्य की रानी और १८५७ की राज्य क्रान्ति की द्वितीय शहीद वीरांगना थीं। उन्होंने सिर्फ २९ वर्ष की उम्र में अंग्रेज साम्राज्य की सेना से युद्ध किया और वीरगति को प्राप्त हुईं। बताया जाता है कि ये सिर … Read more

समझ नहीं आता… सोच को क्या हो गया!

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** एक तरफ हम कहते हैं कि लड़कियों को पढ़ाओ,और पढ़ाना भी चाहिए क्योंकि एक लड़की को पढ़ाने का मतलब है,पूरे परिवार को पढ़ाना, मगर जो हालात बने हुए हैं,वो देखते हुए हर माँ-बाप बुरी तरह से डर के साए में जीता है। जब तक बिटिया घर न आ जाए,दिल अनगिनत आशंकाओं से … Read more

भयावह है कोरोना की युगांतकारी जीवनशैली

ललित गर्गदिल्ली ************************************** ‘कोरोना’ महामारी की दूसरी लहर ने भारी तबाही मचाई,अधिकांश परिवारों को संक्रमित किया,लम्बे समय तक जीवन ठहरा रहा,अनेक बंदिशों के बीच लोग घरों में कैद रहे,अब देश के अनेक भागों में जनजीवन फिर से चलने लगा है। कोरोना विषाणु के कारण आत्मकेन्द्रित सत्ताओं एवं जीवनशैली के उदय होने की स्थितियों को आकार … Read more