आरक्षण:व्यवस्था में परिवर्तन आवश्यक

रोहित मिश्रप्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** क्या आरक्षण का लाभ सभी वंचितों को मिल रहा है ? इसका जवाब होगा-नहीं,तो इसके लिए अनारक्षित वर्ग जिम्मेदार है ? वो क्यों होगा ? उसका आरक्षण से क्या लेना-देना है ?आरक्षण के निर्माण का उद्देश्य वंचित, शोषित, पिछड़े वर्ग को मुख्यधारा में लाना था,पर आज आरक्षित वर्ग के समुदाय के लोग अज्ञानता … Read more

हर बीमारी की दवाई शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति ही

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** आज इतने महीनों तक हमने अनेक विशेषज्ञों की ‘कोरोना’ पर सलाह को टेलीविजन पर सुना व अखबारों में भी पढ़ कर समझा है,इसके अलावा अनेक वो जो एकांतवास से मुक्त हुए,उनके अनुभव भी सुने। निष्कर्ष यही समझ में आया कि जिसकी इम्युनिटी(शरीर की स्वयं रोगों से लड़ने की ताकत) अच्छी होगी,उसे … Read more

कोरोना:तालाबंदी और शराब का ये ‘रिश्ता’…?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** विशेषज्ञ चाहे जो कहें,सरकार और आम आदमी की नजर में ‘कोरोना’ का ‘इलाज’ दारू ही है! कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में शराब की ऑन लाइन बिक्री की वेबसाइट पहले ही ठप्प हो गई तो भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानें खुलते ही कोरोना नियमों की ऐसी-तैसी करते हुए हजारों बेवड़ों की … Read more

गर्व:५० हजार पत्र-पत्रिकाएँ आज हिंदी में प्रकाशित

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* ३० मई को भारत में ‘हिंदी पत्रकारिता दिवस’ मनाया जाता है। इसी दिन कोलकाता से १८२६ में याने १९५ साल पहले हिंदी का पहला समाचार-पत्र ‘उदंत मार्तण्ड’ प्रकाशित हुआ था। इसके प्रकाशक और संपादक युगलकिशोर शुक्ल थे। वह साप्ताहिक अखबार था। उसकी ५०० प्रतियाँ छपती थीं,लेकिन आज हिंदी के अखबारों की लाखों … Read more

जलवायु परिवर्तन और बच्चे

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************** पर्यावरण दिवस विशेष…. टैग- / /सब ओल्ड/आलेख/ डॉ.अरविन्द प्रेमचंद जैन, भोपाल ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु वर्ष १९७२ में की थी। इसे … Read more

पर्यावरण सुधार ही में है मानव कल्याण

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** पर्यावरण दिवस विशेष…. यह तो हम सभी जानते हैं कि जल,वायु,पृथ्वी, अग्नि और आकाश इन पाँचों तत्वों से ही ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई है,यानि इन पाँचों तत्वों का समावेश न केवल हमारे स्थूल शरीर में है,बल्कि प्रकृति भी इन सभी पाँचों तत्वों से ही बनी है। सीधा अर्थ है।कि,जंतु,पेड़-पौधे और हम … Read more

कराहती पृथ्वी

नमिता घोषबिलासपुर (छत्तीसगढ़)**************************************** विश्व पर्यावरण दिवस विशेष…. ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ की स्थापना ५ जून १९७२ में संयुक्त राष्ट्र संघ की सभा द्वारा स्टॉकहोम में ‘मानव पर्यावरण’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में हुई थी। इसे विश्व स्तर पर प्रतिवर्ष पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं पर्यावरण संरक्षण की गति निर्धारित करने हेतु मनाया जाता है। आज … Read more

आपदा में नहीं,मानवता में अवसर तलाशें

रोहित मिश्रप्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** आज पूरा विश्व ‘कोरोना’ महामारी से त्रस्त है।महामारी में जहाँ लोग एक-दूसरे की मदद करते हुए दिखाई दे रहे हैं,वही कुछ लोग इसमें भी अवसर तलाश रहे हैं। कहने का आशय यह है कि महामारी में कुछ लोगों में मानवता मर-सी गर्ई है। इस महामारी के समय कालाबाजारी,जमाखोरी व मुनाफाखोरी चरम पर है। … Read more

बात करें सरकार और किसान

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* किसान आंदोलन को चलते-चलते ६ महीने पूरे हो गए हैं। ऐसा लगता था कि शाहीन बाग आंदोलन की तरह यह भी ‘कोरोना’ के रेले में बह जाएगा लेकिन पंजाब,हरियाणा और पश्चिम उत्तरप्रदेश के किसानों का हौंसला है कि अब तक वे अपनी टेक पर टिके हुए हैं। उन्होंने आंदोलन के ६ महीने … Read more

सरकारी विद्यालय बेहतर बनाम निजी

रोहित मिश्रप्रयागराज(उत्तरप्रदेश)*********************************** ये हमेशा वाद-विवाद का प्रश्न रहा है कि सरकारी विद्यालयों की पढ़ाई निजी विद्यालयों से बेहतर क्यों नहीं होती है। सरकारी विद्यालयों में निजी विद्यालयों से कम सुविधाएं क्यों उपलब्ध रहती है ?दरअसल,सरकारी विद्यालय वो होते हैं,जिन पर पूरा नियंत्रण सरकार का होता है। यानि बच्चों केपाठ्यक्रम से लेकर अध्यापक की नियुक्ति भी … Read more