राजधर्म निभाए सरकार

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’बहादुरगढ़(हरियाणा)***************************************************** लोकतन्त्र में ऐसा भी होता है कि,प्रचण्ड बहुमत पाने के बाद सत्ताधारी दल का सर्वेसर्वा अपने को अजेय-विलक्षण समझने लगता हैl उसको लगता है कि मैं जो भी कर रहा हूँ,वह उचित ही हैl सब उसको मान ही लेंगे,नहीं तो मैं सत्ता के तंत्र से दबा कर उनके विरोध को अनसुना कर … Read more

बौद्ध धर्म और अहिंसा-एक विश्लेषण

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** सम्पूर्ण जगत में हमें अगर शांति स्थापित करनी है, या अमन-चैन कायम करना हो तो हिंसा से दूर रहकर अहिंसा का पालन कर सकते हैं। अहिंसा का सामान्य अर्थ है हिंसा न करना। इसका व्यापक अर्थ हैं-किसी भी प्राणी को तन,मन, कर्म वचन और वाणी से कोई नुकसान न पहुंचाना। मन में किसी … Read more

बढ़ती जनसंख्या-घटते संसाधन,नियंत्रण कानून बेहद जरुरी

अंकुर सिंहजौनपुर(उत्तर प्रदेश)*************************************************** जनसंख्या वृद्धि कहीं न कहीं हमें आने वाले समय में भयंकर दुष्परिणाम की तरफ ले जा रही है, इस पर हम आज सचेत नहीं हुए तो आने वाले समय में संसाधनों के लिए महायुद्ध जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है,क्योंकि दैनिक उपयोग के संसाधन जैसे-पेट्रोल,डीजल,पेयजल,निवास और खेती हेतु भू-भाग इत्यादि … Read more

केवल विवाह के लिए धर्म परिवर्तन बुद्धिमानी नहीं

प्रियंका सौरभहिसार(हरियाणा) ************************************************** उत्तर प्रदेश सरकार ने लव जिहाद को रोकने के लिए एक अध्यादेश से गैरकानूनी धार्मिक रूपांतरण’ के लिए कानून बनाने का प्रस्ताव दिया है। सदियों से भारत में जातिवाद और धर्मवाद का प्रचलन रहा है। कई कानूनों के बावजूद अंतरजातिय विवाह के लिए सामाजिक कलंक अभी भी भारतीय समाज में मौजूद है। … Read more

किसान बचें नेताओं से

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** किसान नेताओं को सरकार ने जो सुझाव भेजे हैं,वे काफी तर्कसंगत और व्यवहारिक हैं। किसानों के इस डर को बिल्कुल दूर कर दिया गया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म होने वाला है। वह खत्म नहीं होगा। सरकार इस संबंध में लिखित आश्वासन देगी। कुछ किसान नेता चाहते हैं कि इस मुद्दे … Read more

उच्च शिक्षा स्वभाषाओं में…असली मुद्दा आज भी जहां का तहां ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** शिक्षा मंत्री डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक ने घोषणा की है कि उनका मंत्रालय उच्च शिक्षा में भारतीय भाषा के माध्यम को लाने की कोशिश करेगा। बच्चों की शिक्षा भारतीय भाषाओं या मातृभाषाओं के माध्यम से हो,यह तो नई शिक्षा-नीति में कहा गया है और कोठारी आयोग की रपट में भी इस नीति … Read more

जीवन में आध्यात्मिकता ज़रूरी

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** परिचय- डॉ.अरविन्द जैन का जन्म १४ मार्च १९५१ को हुआ है। वर्तमान में आप होशंगाबाद रोड भोपाल में रहते हैं। मध्यप्रदेश के राजाओं वाले शहर भोपाल निवासी डॉ.जैन की शिक्षा बीएएमएस(स्वर्ण पदक ) एम.ए.एम.एस. है। कार्य क्षेत्र में आप सेवानिवृत्त उप संचालक(आयुर्वेद)हैं। सामाजिक गतिविधियों में शाकाहार परिषद् के वर्ष १९८५ से संस्थापक हैं। साथ … Read more

स्वप्न का विज्ञान

डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’इन्दौर (मध्यप्रदेश)**************************************** स्वप्न देखना बहुत आवश्यक है। साधारण बोलचाल की भाषा में तो किसी कार्ययोजना की कल्पना करना स्वप्न देखना है। जो स्वप्न नहीं देखता,वह अपने जीवन में प्रगति कर ही नहीं कर सकता। कार्य को मूर्त रूप देने के लिए पहले उस कार्य का स्वप्न देखना आवश्यक है। दूसरे तंद्रा में … Read more

आबादी को बढ़ने से रोकें

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** यदि भारत में जनसंख्या की रफ्तार जो आजकल है,वह बनी रही तो कुछ ही वर्षों में वह चीन को मात कर देगा। इस समय चीन से सिर्फ ३-४ करोड़ लोग ही हमारे यहां कम हैं। भारत की आबादी इस वक्त १ अरब ४० करोड़ के आस-पास है। चीन ने यदि कई वर्षों … Read more

सामाजिक दूरी ही बचाएगी हमें कोरोना से

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)************************************************** कोरोना से पूरी दुनिया पीड़ित है और हमारे यहाँ संख्या ६ लाख तक पहुंच चुकी है,लेकिन अभी तक तमाम प्रयासों के बावजूद भी इसका कोई ठोस इलाज उपलब्ध नहीं हुआ है।हमारी सरकारें यानि केन्द्र के साथ राज्य सरकारों ने भी तालाबन्दी को खोल दिया है,जिसके चलते लोग घरों से बाहर निकलने … Read more