बच्चों का ई-शिक्षण,गृह विद्यालय और जरूरी सवाल…

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** कोरोना अतालाबन्दी २.० में भी विद्यालय,महाविद्यालय और शैक्षणिक संस्थाओं के खुलने की संभावना कम है,क्योंकि इनमें सामाजिक दूरी कैसे पालित हो और पढ़ाई भी चलती रहे,इस पर तमाम लोग मंथन कर रहे हैं। विद्यालय-महाविद्यालय जब भी खुलें,लेकिन कोरोना ने हमारी शिक्षा पद्धति में एक अहम बदलाव ला दिया है और वो है … Read more

कोरोना अब गाँव की ओर,सतर्कता जरुरी

बुद्धिप्रकाश महावर मनमलारना (राजस्थान) **************************************************** ऐसे में कोरोना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। अब कोरोना शहर या कस्बों की बीमारी ही नहीं रही,यह गाँव की ओर रुख ले रही हैl यह सीमा से दूसरे गाँव की ओर दस्तक दे रहा है,जो देश के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है। अब हमें … Read more

भारत को खण्डित तथा दुर्बल करने के षड्यन्त्र

अरुण उपाध्याय कटक(उड़ीसा) ******************************************************************* विदेशी आक्रमणकारियों ने कई प्रकार से भारत को खण्डित तथा दुर्बल करने के षड्यन्त्र किए हैं-भारत में भेदिये पैदा करना तथा उनको लालच देकर उनसे सहायता, भारत की शिक्षण संस्थाओं को नष्ट करना, भारतीय शास्त्रों में जो बचा रह गया उसमें अविश्वास पैदा करना तथा भ्रामक व्याख्या, भारतीयों के ज्ञान और … Read more

हिंदी साहित्य के इतिहास में ‘तालाबंदी’ काल

संदीप सृजनउज्जैन (मध्यप्रदेश) ****************************************************** हिंदी साहित्य के इतिहास पुनर्लेखन का समय फिर से एक बार निकट आता दिखाई दे रहा है। वीरगाथा काल से शुरु होकर भक्ति काल,रीति काल और आधुनिक काल तक लिखे गए इतिहास में अब ‘तालाबंदी’ काल को जोड़ना पड़ेगा। तालाबंदी का सही उपयोग किसी ने किया,तो वह हिंदी के रचनाकारों ने किया। … Read more

‘नाकाम’ पाक द्वारा भारत-विरोधी २ फर्जी मुद्दे

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** ‘कोरोना’ के इस भयंकर संकट के दौर में पाकिस्तान की इमरान खान सरकार को पता नहीं क्या हो गया है! पाकिस्तानी जनता की कोरोना से रक्षा करने में अपनी नाकामी को छुपाने के लिए क्या उसे इस वक्त यही हथियार हाथ लगा है ? उसने भारत-विरोधी २ कदम उठाए हैं। एक तो … Read more

जीवन में आध्यात्म का महत्व

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’ बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़)******************************************************************** “ॐ संगच्छध्वं संवदध्वंसं वो मनांसि जानतादेवा भागं यथा पूर्वेसञ्जानाना उपासते॥”आध्यात्म का शाब्दिक अर्थ है-अंतर्मन हो जाना। अर्थात,अपनी आत्मा की आवाज है।जीवन में आध्यात्म का बड़ा ही महत्व है।आध्यात्म एवं योग दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। योग साधनाओं में यम,नियम,आसन,प्राणायाम,प्रत्याहार,धारणा,ध्यान,समाधि,बंध एवं मुद्रा सत्कर्म युक्त आहार मंत्र जप युक्त कर्म आदि साधनाओं से … Read more

व्यवस्थाओं से डर लगता है अब तो!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** वर्तमान में हमारे देश में कुछ ऐसी ही व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। वैसे काम करने वालों की ही आलोचना होती है। जो जितना पढ़ा-लिखा हो,उसे उतनी अधिक भ्रांतियां होती है। शायद हमारे प्रधान सेवक कोई भ्रम वाले नहीं हैं,दूसरा जबरदस्त नेता होने से उनके सामने किसी की बोलने की हिम्मत … Read more

कोरा दिखावा नहीं,संकल्प की जरुरत

ललित गर्गदिल्ली ******************************************************************* ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ ३१ मई विशेष….. विश्व जहां ‘कोरोना’ महामारी से जूझ रहा है,वहीं ऐसी ही गम्भीरतम महामारी है तम्बाकू और उससे जुड़े नशीले पदार्थों का उत्पादन, तस्करी और सेवन में निरन्तर वृद्धि होना। वैश्विक स्तर पर तंबाकू उपभोग कम करने वाली प्रभावी नीतियों के लिए वकालत करने और तंबाकू उपभोग … Read more

कोरोना:कर्म एवं कर्तव्य

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) *********************************************************************** ‘कोरोना’ एक विषाणु है जो एक मानव से दूसरे मानव में फैलता है। आज तक की महामारियों के इतिहास में जितने भी विषाणु जिम्मेवार हैं,उनमें यह सबसे भयावह एवं खतरनाक है। वर्तमान समय में इसका संक्रमण लगभग सभी देशों में हो चुका है। अर्थात कहा जा सकता है कि यह … Read more

प्रवासी मजदूरों की दुविधा

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** उत्तरप्रदेश सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए कुछ ऐसी घोषणाएं की हैं,जो अगर लागू हो गईं तो अपने गाँव वापस लौटे मजदूरों का काफी भला हो जाएगा लेकिन उसका दूसरा पहलू यह भी है कि वे अगर शहरों की तरफ वापस नहीं लौटे तो भारत के उद्योग-धंधे ठप्प हो सकते हैं। माना … Read more