तालाबन्दी में ढीली कमान

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ***************************************************************** लगता है देश में तालाबन्दी ४.० खत्म होते-होते सरकार के हाथ से कमान छूटने लगी है। मुल्क को कोरोना से बचाने के लिए तालाबन्दी सख्‍ती से लागू तो कर दी गई,लेकिन उससे बाहर निकलने का कारगर रास्ता किसी को सूझ नहीं रहा है। देश के कर्णधारों की हालत महाभारत के अभिमन्यु-सी होती … Read more

पिंजरा

कविता जयेश पनोतठाणे(महाराष्ट्र)********************************************************** ये पिंजरा और पक्षी दोनों ही इंसान की जिंदगी से जुड़े हैं,कुछ ऐसा ही रिश्ता है इंसान का अपनी रिश्तों की डोर सेl तुम जितना रिश्तों को चार दीवारी में बंद करना चाहोगे,जितना उसे प्यार और विश्वास के नाम पर बांधकर रखना चाहोगे,तुम चाहोगे कि,वो हर पल पास हो,सामने हो नजरों के … Read more

`तालाबंदी`:याद आया मेरा गाँव,मेरा देश

हेमेन्द्र क्षीरसागरबालाघाट(मध्यप्रदेश)*************************************************************** दरअसल,बड़ी सहज-सी बात है,सकारात्मक और नकारात्मक दो पहलू जीवन के अहम हिस्से हैं। `सकारात्मकता` से बड़े से बड़े दु:ख हर लिए जाते हैं,वहीं `नकारात्मकता` से छोटे-से-छोटे सुख भी बैर बन जाते हैं। यह सब अपनी-अपनी सोच पर निर्भर करता है कि,हम किसका,कैसा सामना करते हैं। लाजमी है सभी चाहते हैं उनके साथ हरदम … Read more

प्रताप का शौर्य ‘एक रहस्य’

अंशु प्रजापति पौड़ी गढ़वाल(उत्तराखण्ड) **************************************************************** ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. विद्यार्थी जीवन से ही मेरे लिए कुछ विषय बड़े ख़ास थे। गणित और भाषा मेरे प्रिय विषय रहे,परन्तु जब-जब गणित के कठिन दांव-पेंचों में फँस कर थक जाती थी अथवा संस्कृत के दुरूह श्लोक कंठस्थ करने में हार जाती थी,तो स्वयं को फ़िर से … Read more

महाराणा प्रताप सच्चे श्रावक

श्रीमती अर्चना जैन दिल्ली(भारत) *************************************************************** ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. महाराणा प्रताप मेवाड़ के महान हिंदू शासक थे। सोलहवीं शताब्दी के राजपूत शासकों में महाराणा प्रताप ऐसे शासक थे,जो अकबर को लगातार मात देते रहे । महाराणा प्रताप का जन्म राजस्थान के कुंभलगढ़ में ९ मई १५४० ईसवीं को हुआ था। महाराणा प्रताप की … Read more

महाराणा और अकबर बनाम `महाभारत`

डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. महाराणा प्रताप और मुगल बादशाह अकबर के बीच `हल्दी घाटी` का युद्ध कौरव और पांडवों के बीच `महाभारत` युद्ध की तरह ही विनाशकारी सिद्ध हुआ। इन दोनों ही युद्ध में बहुत सी समानताएं थीं,जैसे-मुगलों के पास कौरव के समान सैन्य शक्ति अधिक थी,तो महाराणा प्रताप … Read more

महाराणा प्रताप और उनकी शौर्य गाथा

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ***************************************************************************** ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. विषय प्रवेश- मेवाड़ का शेर,जिसे न सोने की हथकड़ियाँ बाँध पायी,न आँधियाँ रोक पायी,न जीवन के संघर्ष झुका पाए,और न ही आपदाओं की बिजलियाँ अपने पथ से डिगा सकी। अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए जिसने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। भारतीय संस्कृति और … Read more

शत्रु भी लोहा मानते थे शौर्य-समर्पण का

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. ९ मई १५४० ईसवीं को राजस्थान में उदय सिंह व जयवंताबाई के राजमहल में जन्मे महाराणा प्रताप सिंह भारत एवं भारतीयों की शान और मान हैं’जो परमवीर अद्वितीय योद्धा थे। उनकी शौर्य गाथा,उनका नाम सिमरन करते ही शरीर में वीर रस … Read more

महाराणा प्रताप-सा ही दृढ़प्रतिज्ञ बनने की आवश्यकता

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र) पटना (बिहार) ****************************************************************************** ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. अभी `कोरोना` महामारी से बचने के लिए चौथी `तालाबन्दी` अवधि चल रही है,पर कोरोना का भय लोगों का पीछा नहीं छोड़ रहा है। एक नया नारा लोगों के सामने आया है कि ‘कोरोना संग जीना सीखो!’ शरू-शुरू में जानकारी की कमी … Read more

स्वतंत्रता की वेदी का अंगारा रहे महाराणा

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* ‘महाराणा प्रताप और शौर्य’ स्पर्धा विशेष………. बप्पा रावल,महाराणा कुम्भा,राणा सांगा जैसे महान सूरमाओं के राजवंश से थे महाराणा उदयसिंह। पन्ना धाय ने अपने पुत्र चन्दन को बलिदान कर दिया युवराज उदयसिंह को बचाने के लिए। इन्हीं शूरवीर राजा उदयसिंह के यहाँ ९ मई १५४० को महाराणा प्रताप का जन्म पाली … Read more