भारत:संविधान पर हमला करने वाले भूल गए

सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** अभी हमारे देश भारत का विपक्ष संविधान की जो दुहाई देता फिरता है, वह भूल जाता है कि जितनी बार संविधान पर हमले कांग्रेस के सत्तारूढ़ रहते हुए, वैसे तो भाजपा (राजग गठबंधन) की सरकार के पूर्व के २० वर्ष में भारत ने कभी नहीं देखे। हम भारतीय राजनीतिक … Read more

हाथरस हादसा:हृदयविदारक घटना के कई सवाल, निर्णायक कार्रवाई हो

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ उत्तर-प्रदेश के हाथरस में श्री नारायण साकार विश्व हरि (भोलेबाबा) के सत्संग के समागम में हुई भगदड़ ने १२१ लोगों की जान ले ली। ऐसा होने के बाद ना तो बाबा अपने अनुयायियों के पास आए और ना आश्रम के सेवादार प्रतिनिधि कुछ कह सके। फिर बाबा ने अपना पल्ला … Read more

हाथरस हादसा: मौतों की जवाबदेही तय हो

ललित गर्ग दिल्ली************************************** उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक सत्संग के समापन के बाद मची भगदड़ में १२१ इक्कीस लोगों के मरने एवं सैकड़ों लोगों के घायल होने की हृदयविदारक, दुःखद एवं दर्दनाक घटना ने पूरे देश को विचलित किया है। ऐसी घटनाएं न केवल प्रशासन की लापरवाही एवं गैर जिम्मेदारी को उजागर कर रही … Read more

‘कवि कुलगुरु’ महाकवि कालिदास

डॉ. मीना श्रीवास्तवठाणे (महाराष्ट्र)******************************************* आषाढ़ प्रथम दिवस…. आषाढ़ मास के प्रथम दिवस को ‘कालिदास दिन’ मनाया जाता है। कालिदास जी संस्कृत भाषा के सर्वश्रेष्ठ कवि तथा नाटककार हैं। दूसरी-पाँचवी सदी में गुप्त साम्राज्य काल के अनुपमेय साहित्यकार के रूप में उन्हें गौरवान्वित किया गया है। उनकी काव्य प्रतिभा के अनुरूप उन्हें दी गई ‘कवि कुलगुरु’ … Read more

श्री रामचंद्र कृपालु भज मन

डॉ. मीना श्रीवास्तवठाणे (महाराष्ट्र)******************************************* हम सब नेति-नेति के जाप के धागे से बंधकर उसी डोर के सहारे इस दूसरे पुष्प में ईश्वर की खोज की ओर बढ़ रहे हैं। उसी कड़ी में मेरे आराध्य प्रभु श्रीराम की जो अंतस्थ प्रेरणा मिली, वे शब्दसुमन आपके समक्ष प्रस्तुत कर रही हूँ॥यह कितने आश्चर्य की बात है, कि … Read more

हम क्या कर रहे ?, सोचिए

कपिल देव अग्रवालबड़ौदा (गुजरात)************************************* हम क्या कर रहे हैं ?, कभी-कभी हमें खुद की विवेचना भी करनी होगी। आजकल हमारे बच्चे होशियार तो हैं, लेकिन समझदारी की कमी देखने को मिल रही है। समझदारी-अपने कामों के प्रति, अपने परिवार, रिश्तों के प्रति, व्यवहार और अपनी सोच के प्रति, अपने चाल-चलन के प्रति, कहाँ गई वो … Read more

हिन्दी को बचाना है तो शिक्षकों को ठीक से पढ़ना-पढ़ाना होगा

डॉ. रामवृक्ष सिंहलखनऊ (उत्तरप्रदेश )**************************** हिन्दी हमारी गौ पट्टी में बड़ी ही दीन-हीन स्थिति में है। उसकी चमक-दमक गायब है। कोई छात्र हिन्दी पढ़ना नहीं चाहता। विद्यालय हिन्दी पढ़ाना नहीं चाहते। माता-पिता और अभिभावक अपने बच्चों को हिन्दी नहीं, अंग्रेजी पढ़ाना चाहते हैं। अनपढ़ आदमी भी यदि किसी वस्तु के हिन्दी और अंग्रेज़ी, ‌दोनों नाम … Read more

असुविधा की सड़कों का ‘कर’ ज्यादती और अन्याय

ललित गर्ग दिल्ली************************************** बेहतर सेवाओं के नाम पर सरकारें कई तरह के शुल्क वसूलती है, इसमें कोई आपत्ति एवं अतिश्योक्ति नहीं है, लेकिन सेवाएं बेहतर न हो, फिर भी शुल्क या कर वसूलना आपत्तिजनक, गैरकाूननी, एक तरह से आम जनता का शोषण व धोखाधड़ी है। राजमार्ग एवं अन्य मार्गों पर बेहतर एवं सुविधाजनक सड़कों के … Read more

हमारे ७ शरीर, खुद को भी समय दीजिए

कपिल देव अग्रवालबड़ौदा (गुजरात)************************************* आध्यात्म और जीवन-भाग २… आगे चलते हैं तो पाते हैं कि, हमारे ऋषि-मुनियों ने मानव शरीर की तुलना ब्रम्हाण्ड से की है। जब यह वक्तव्य पढ़ा, तो इस बात ने मुझे झकझोर दिया था। इतना छोटा-सा शरीर और उससे लाखों, करोड़ों गुना बड़ा विशाल अगणित, अनंत, ब्रहम्मांड ? मानव शरीर की … Read more

साहित्य से समाज तक अनूठा काम भूपेन हजारिका

डोली शाहहैलाकंदी (असम)************************************** भारत के उत्तर-पूर्व में स्थित प्रकृति की अदभुत छटाओं के बीच चाय बागानों का मनमोहक सौंदर्य रखने वाला प्रदेश तिनसुकिया है। इस जिले के सादिया गाँव में एक साधारण परिवार में ८ सितंबर १९२६ को एक नन्हें बालक का जन्म हुआ, जो बाद में भूपेन हजारिका के नाम से विख्यात हुआ। इसमें … Read more