आर्थिक मोर्चे पर सशक्त होता भारत

ललित गर्ग दिल्ली************************************** आम चुनाव के अंतिम चरण में कन्याकुमारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्यान को लेकर विपक्ष की घमासान राजनीति हो रही है। इस राजनीतिक गर्मा-गर्मी के बीच आर्थिक मोर्चे पर २ शानदार खबरें आई है, जो न केवल चौंका रही है, बल्कि अपूर्व खुशी का अहसास करा रही है। भारत भूमि पर … Read more

सबको मिले ‘दो जून की रोटी’

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ‘दो जून की रोटी’ एक कहावत है, पर ये अवधी भाषा का शब्द है। अवधि भाषा में ‘जून’ का अर्थ होता है ‘वक्त’ यानी ‘समय।’ यानी दोनों समय का भोजन, इसलिए पुराने जमाने में बुजुर्ग सुबह-शाम के भोजन को दो जून की रोटी के साथ संबोधित करते थे। कहते हैं हर … Read more

नयी लोकसभा:नागरिक ही उठें और कर्तव्य निभाएं

ललित गर्ग दिल्ली************************************** अठारहवीं लोकसभा के गठन के लिए अब चुनाव परिणामों पर सबकी निगाहें लगी है, इसी के साथ नयी लोकसभा कैसी हो, किस तरह से राजनीतिक विसंगतियों से उसे बचाकर एक नयी आदर्श लोकसभा का गठन हो, ताकि आजादी का अमृतकाल स्वर्णिम एवं सार्थक बन सके। वर्ष २०४७ तक भारत की यात्रा परिवर्तन, … Read more

सम्मान एवं प्रकाशन योजना में पांडुलिपि आमंत्रित

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जयपुर (राजस्थान)। दीपक अरोड़ा स्मृति पांडुलिपि प्रकाशन योजना में नवें वर्ष (२०२४) से सम्मान राशि भी शामिल की जा रही है। इसके अंतर्गत पांडुलिपि भेजने की अंतिम तारीख ३१ मई २०२४ है। बोधि प्रकाशन की ओर से दी गई जानकारी अनुसार योजना के वर्ष २०२४ के लिए हिन्दी कविता (गीत-नवगीत शामिल) की पांडुलिपियाँ सादर आमंत्रित … Read more

हर ख़्वाब अधूरा

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* जज्बात भरा दिल है, पर एक न पूरा हो।हालात मिटा देते, हर ख़्वाब अधूरा हो। लम्हे न कभी दिखते, महसूस हुआ करते,कुछ वक्त मिटा देते, कुछ खूब हुआ करते।है वक्त की उस्तादी, इंसान जमूरा हो,हालात बिन समझे हर ख्वाब अधूरा हो।जज्बात भरा दिल है… तहरीर कठिन लगती, कोशिश न हुआ … Read more

‘जल-संकट’ बने समाधान का माध्यम

ललित गर्ग दिल्ली************************************** देश में जैसे-जैसे गर्मी प्रचंड होती जा रही है, जल संकट की खबरें भी डराने लगी है। राजस्थान, दिल्ली, कर्नाटक आदि प्रांतों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है। मध्यप्रदेश के छतरपुर सहित ऐसे हजारों गाँव हैं, जहां पानी के अभाव में जीवन संकट में है। भारत अपने इतिहास के सबसे गंभीर … Read more

उन्नत समाज के लिए उपदेशों को ढालने की जरूरत

ललित गर्ग दिल्ली************************************** बुद्ध पूर्णिमा- (२३ मई) विशेष… गौतम बुद्ध एक प्रकाशस्तंभ हैं, उनका लोकहितकारी चिन्तन एवं कर्म कालजयी है और युग-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता है। बुद्ध पूर्णिमा को उनकी जयंती मनाई जाती है और उनका निर्वाण दिवस भी बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही हुआ था। आज के दिन गौतम बुद्ध अपनी पूर्णता … Read more

चुनाव:झूठे वायदों एवं वादों से बचाना होगा

ललित गर्ग दिल्ली************************************** लोकसभा चुनाव के पाँचवें चरण की ओर बढ़ते हुए चुनावी सरगर्मी बढ़ रही है। तमाम राजनीतिक दलों में वास्तविकता से दूर झूठे, तथ्य-आधारहीन, भ्रामक एवं बेबुनियाद वादे करने की आपसी होड़ बढ़ती जा रही है। राजनीतिक दल जिस तरह से जीत के तथ्य प्रस्तुत कर रहे हैं, वह हास्यास्पद एवं अविश्वसनीय है। … Read more

परिवार ही संस्कार-सुकून-समाज का केंद्र

ललित गर्ग दिल्ली************************************** स्पष्ट है कि किसी भी समाज का केंद्र परिवार ही होता है। परिवार ही हर उम्र के लोगों को सुकून पहुँचाता है। दरअसल, सही अर्थों में परिवार वह संरचना है, जहां स्नेह, सौहार्द, सहयोग, संगठन, सुख-दुःख की साझेदारी, सबमें सबके होने की स्वीकृति जैसे जीवन-मूल्यों को जीया जाता है। जहां सबको सहने … Read more

पीओके:डर से सहमा पाकिस्तान

ललित गर्ग दिल्ली************************************** पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पाक सरकार की तानाशाही, उदासीनता, उपेक्षा एवं दोगली नीतियों के कारण हालात बेकाबू, अराजक एवं हिंसक हो गए हैं। जीवन निर्वाह की जरूरतों को पूरा न कर पाने से जनता में भारी आक्रोश एवं सरकार के खिलाफ नाराजगी चरम सीमा पर पहुंच गई है। गेहूँ … Read more