राष्ट्रभाषा बिना देश नहीं गतिमान

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* हिन्दी संग हम (१४ सितम्बर) विशेष… नवीनतम शोध यह कह रहे हैं कि, जिस भाषा में माँ गर्भकाल में गर्भस्थ शिशु से बात करती है, जिस भाषा में बच्चा सोचता है, जिस भाषा में सपने देखता है, जिस भाषा में में वह जन्म से संवाद करना सीखता है, यदि उसी भाषा में बचपन … Read more

एक शिक्षक ऐसे भी

दिनेश चन्द्र प्रसाद ‘दीनेश’कलकत्ता (पश्चिम बंगाल)******************************************* हमारे देश भारत में दिवसों की कमी नहीं है। उन्हीं में एक दिवस ‘शिक्षक दिवस’ भी है, जिसे बाकी दिवसों की तरह हम मना कर भूल जाते हैं अगले साल तक के लिए। शिक्षक दिवस की महत्ता तब और बढ़ जाती है, जब हम किसी ऐसे शिक्षक के बारे … Read more

रंग लाया संघर्ष, ‘भारत’ नाम के लिए सरकार ने बढ़ाए कदम

डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** जी-२० के लिए राष्ट्राध्यक्षों हेतु भारत की राष्ट्रपति की ओर से तैयार निमंत्रण पत्र में अंग्रेजी में भी ‘प्रेज़िडेंट ऑफ़ भारत’ का प्रयोग किया गया है, इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने विदेश दौरे में ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत’ का प्रयोग किया। उसके बाद खेल जगत की कई हस्तियों … Read more

जी-२० सम्मेलन से नए विश्व की संरचना संभव

ललित गर्गदिल्ली************************************** हिंसा, आतंक एवं युद्ध से संत्रस्त दुनियाभर की नजरें दिल्ली में होने (९-१० सितम्बर) वाले जी-२० देशों के शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं। सम्मेलन इसलिए भी खास है कि, भारत ने इस साल जी-२० का अध्यक्ष होते हुए दुनिया को नई दिशाएं एवं आयाम दिए हैं। सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है, जब … Read more

लाश खाना छोड़ो, शाकाहारी बनो

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* प्राकृतिक आपदाओं पर हुई नई खोजों के नतीजें मानें तो, इन दिनों बढ़ती मांसाहार की प्रवृत्ति ही भूकंप और बाढ़ के लिए जिम्मेदार है। आइंस्टीन पेन वेव्ज के मुताबिक ‘मनुष्य की स्वाद की चाहत’, खासतौर पर मांसाहार की आदत के कारण प्रतिदिन मारे जाने वाले पशुओं की संख्या दिनों-दिन बढ़ रही है। भारत … Read more

विलुप्त होता शिक्षक धर्म

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* शिक्षक दिवस विशेष…. शिक्षा-ज्ञान एक ऐसा दीपक है, जिसके द्वारा कभी अन्धकार नहीं मिलता या होता है। ज्ञान रुपी प्रकाश से अज्ञानता विलीन होती है। शिक्षा का महत्व हर युग में बहुत रहा है, इसलिए ज्ञान की देवी सरस्वस्ती पूज्यनीय है। पहले गुरुकुल में जाकर ज्ञान प्राप्त किया जाता था। चाहे सामान्य विद्यार्थी … Read more

श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में सृष्टि के कुशल महाप्रबन्धक

ललित गर्गदिल्ली************************************** जन्माष्टमी-६ सितम्बर विशेष… भगवान श्रीकृष्ण हमारी संस्कृति के एक अद्भुत एवं विलक्षण राष्ट्रनायक हैं। श्रीकृष्ण का चरित्र एक प्रभावी एवं सफल प्रबंधन गुरु वाले लोकनायक का है। वह द्वारिका के शासक भी हैं किंतु कभी उन्हें राजा श्रीकृष्ण के रूप में संबोधित नहीं किया जाता। वह तो ब्रजनंदन है। कुशल प्रबंधन सोच के … Read more

तीर्थ को पर्यटन स्थल न बनने दें

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* वर्तमान में कई प्रांतों की सरकारों ने तीर्थ स्थलों को पर्यटन स्थल घोषित किया है, जिससे तीर्थ स्थलों की पवित्र पर प्रश्न चिन्ह उठते हैं। कारण कि, तीर्थ स्थल शुचिता और पवित्रता का स्थल होता है, जबकि पर्यटन मस्ती का स्थल बन जाता है, जहाँ पर शराब, कबाब और शबाब का चलन होने … Read more

स्नेह की राह देखता रक्षा-बंधन

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** स्नेह के धागे… वर्तमान में महिलाओं के साथ अभद्रता पूर्ण व्यवहार ने रक्षासूत्र के मायने को बिखेरा है, जो बेहद शर्मनाक है। रक्षा-बंधन किसलिए मनाते हैं ? रक्षासूत्र एक विश्वास का धागा, जो दूर रहकर हर साल राह देखता रक्षाबंधन की। दूर बसे, विदेशों में बसे और सीमाओं पर डटे भाइयों की … Read more

प्रतिस्पर्धा-प्रतिष्ठा के लिए बच्चों पर तनाव नहीं थोपें

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* आत्महत्या…. आज हर व्यक्ति भौतिकता को प्राथमिकता दे रहा है। भौतिकता के कारण वह अंधी दौड़ में दौड़ रहा है। यदि उसने कोई पद प्राप्त किया है, तो वह यह अपेक्षा भी रखता है कि, मैं अन्य से आगे निकलूं या वह स्वयं से भी वर्तमान से असंतुष्ट होकर आगे निकले। हर व्यक्ति … Read more