धन का सदुपयोग करें

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** कुछ लोगों ने धर्म के मर्म को न समझते हुए धन को हाथ का मैल, लक्ष्मी को चंचला आदि कहकर लक्ष्मी का इतना अपमान किया कि लक्ष्मी असुर प्रवृत्ति वाले लोगों के हाथों में चली गई और धर्मात्मा व्यक्ति कंगाल होते चले गए। ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ वाली कहावत चरितार्थ हुई और … Read more

११५ साल के विद्यालय में हर साल विदेशी आते हिंदी सीखने

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** उत्तराखंड मसूरी के पास बसे लंडौर के पास बने विद्यालय में आपको हिंदी सीखने वाले ‘आगे-आगे, पीछे-पीछे, ऊपर-ऊपर, नीचे-नीचे, पास-पास, दूर-दूर’ यह गाना गुनगुनाते हुए कई विदेशी चेहरे दिख जाएंगे। गाना गाकर हिंदी सिखाने वाला यह देश का सबसे पुराना और अनोखा भाषा विद्यालय है। वैसे तो, इसमें हिंदी के अलावा पंजाबी, … Read more

शिक्षा, सुन्दरता और सम्मान के बदलते मानक

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** आज आधुनिकता के दौर में शिक्षा का गुणांक अच्छे अंक प्राप्त करना, सुन्दरता का मापदंड बाह्य रंग-रूप तथा सम्मान का मानक पैसा हो गया है।यही पश्चिम की सोच थी कि, भारतीय लोग अपनी संस्कृति के परम भाव से बाहर निकल जाएं, ताकि उनकी सुरक्षात्मक आधारभूत विश्वास और नैतिकता प्रिय शक्ति टूट … Read more

भारत जोड़ोःखाली झुनझुना

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* राहुल गांधी के पास यदि भाजपा का कोई वैकल्पिक राजनीतिक दर्शन होता तो देश के समस्त विरोधी दलों को एक सूत्र में बांधा जा सकता था। खुशी है कि आज राहुल गांधी ने इसी बात को दोहराया है। उन्होंने अपनी भारत-यात्रा के दौरान कहा है कि भाजपा को हराने के लिए विरोधी … Read more

बीते ३ सालों में बहुत सीखा

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)***************************************************************** वैसे तो बीते वर्ष २०२० से २०२२ तक हमने मानसिक तनाव बहुत झेला है। यह मानसिक कष्ट अनेक कारणों से रहा, जिसमें प्रमुख चीन-पाकिस्तान के साथ युद्ध का भय व ‘कोरोना’ महामारी व बाद वाले प्रभाव रहा, परन्तु सभी यह भी जानते हैं कि हमारी सरकार ने चीन व पाकिस्तान दोनों … Read more

नए वर्ष में उगाएं संकल्प के पौधे

ललित गर्गदिल्ली************************************** नया उजाला-नए सपने… नए भारत एवं सशक्त भारत को निर्मित करने के संकल्प के साथ नए वर्ष का स्वागत करें। हम इस सोच और संकल्प के साथ नए वर्ष में प्रवेश करें कि हमें कुछ नया करना है, नया बनना है, नए पदचिह्न स्थापित करने हैं। बीते वर्ष की कमियों पर नजर रखते … Read more

परिवर्तन ही जीवन

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** नया उजाला-नए सपने… हमारा भारत देश अनेकता में एकता का देश कहलाता है। यहां अनेक जाति-धर्म के लोग रहते हैं। सभी अपने धर्म और मान्यताओं के अनुसार त्यौहार मनाते हैं। जैसे-मकर संक्रांति , होली, दीपावली, मुहर्रम, गुड़ी पड़वा आदि। सभी भारतीय होकर इन सभी त्योहारों का आनंद लेते हैं। एक उत्साह … Read more

समय बिताना और परिवार के बीच स्नेह बढ़ाना आवश्यक

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** विश्व पारिवारिक दिवस (१ जनवरी) विशेष… १ जनवरी को ‘विश्व पारिवारिक दिवस’ मनाया जाता है। इसे विश्व शांति दिवस भी कहा जाता है। इस दिवस के माध्यम से लोगों में वैश्विक एकता और सद्भाव के विचारों को बढ़ावा दिया जाता है। इस दिवस को नए साल के दिन इस आशा के साथ मनाया … Read more

आखिर जातिवाद ?

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के ५८ फीसदी आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया। इसके बाद देश कें उच्चतम न्यायालय ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण को १० फीसदी करने पर अपनी सहमति दी।अब छत्तीसगढ़ सरकार ने आदेशित १० प्रतिशत के विरुद्ध आरक्षण देने का प्रस्ताव पारित किया है, आखिर क्यों ? इसी तरह प्रयागराज … Read more

नेपालःकुर्सी ही ब्रह्म, सतर्क रहे भारत

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* लगभग हजार साल पहले राजा भर्तृहरि ने राजनीति के बारे में जो श्लोक लिखा था, नेपाल की राजनीति ने उसकी सच्चाई उजागर कर दी है। उस श्लोक में कहा गया था- ‘वारांगनेव नृपनीति्रनेकरूपा:’ अर्थात राजनीति वेश्याओं की तरह अनेक रूपा होती है। याने वह मौके-मौके पर अपना रूप बदल लेती है। नेपाल … Read more