मुस्कान वाली अम्मा

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** बड़े शहर के एक छोटे मोहल्ले में एक बूढ़ी अम्मा रहती थी। उनके पास १ पुरानी-सी खाट, १ मिट्टी का घड़ा और बिल्ला ‘शेरू’ था। अम्मा की एक ही खासियत थी- दिल से मीठा हँसना। पूरे मोहल्ले में उनकी हँसी की गूंज रहती थी, और जो भी मिलने आता, मन को प्रसन्न … Read more

अपनी माटी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* “क्यों कलुआ की माँ, शहर चलना है क्या ?”“नहीं कलुआ के बापू, हमें तो अपना गाँव ही भलौ है। क्या, करेंगे शहर जाकर ?”“हाँ! दो-चार दिन जाकर रहने की बात और है, पर हमेशा को बिल्कुल नहीं, कलुआ की माँ।”“हाँ! आप ठीक कह रहे हो। कलुआ तो सरकारी नौकर हो गया … Read more

सबसे तेज

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* हाथ में रिमोट ले टी.वी. का बटन ऑन किया ही था, तो सोचा चलो देश-दुनिया की खबर ही सुन लूँ। व्यस्तता के चलते अब फुर्सत कहाँ जो समय निकाल बकाया काम भी निपटा लूँ…। तभी अचानक टी.वी. पर नजर गई तो क्या देखता हूँ कि न्यूज चैनल का संवाददाता जोर-जोर … Read more

दिखावा

शीलाबड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** नवरात्रि में कन्याओं को बांटने के लिए हेमा केले खरीद रही थी, तभी गंदी-सी झोपड़पट्टी की २ लड़कियाँ आई। “मैडम हमें भूख लगी है, हमें केले दे दो ना”, लेकिन हेमा ने उन्हें डांटकर भगा दिया। “जाने कहाँ से मुँह उठा कर चले आते हैं और सारा दिन खराब कर देते … Read more

मैं देश नहीं बेचता…

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन(हिमाचल प्रदेश)***************************************************** बनारसी दास जी सताधारी पार्टी के बहुत बड़े नेता थे। बहुत ही तिकड़मी और प्रभावशाली थे। वे जब भी गाड़ी से अपने ऑफिस जाते थे, तो एक ट्रैफिक सिग्नल पर उनकी मुलाकात एक बच्चे से होती थी। वह बच्चा कभी गुब्बारे बेचता, कभी फल बेचता था। सीजन के हिसाब से … Read more

स्वीपर!

डोली शाहहैलाकंदी (असम)************************************** शिक्षक समाज का दर्पण… वाशरूम की टंकी देख नरेश करीब सप्ताह भर से स्वीपर मंगीलाल को बुला रहा था। आज अचानक उनको दरवाजे पर देख -“अरे नमस्कार सर, कैसे हैं ?” “जी ठीक हूँ। आप लोग सब कुशल मंगल!“…जी, जी सर।”“…वो वक्त ही नहीं मिल पा रहा था, जिससे आने में थोड़ा … Read more

चिड़ियाघर

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* ८ वर्षीय युवांश दादी के पास बैठकर अपनी ड्रॉइंग बुक में तरह-तरह के चित्र बना रहा था और हर चित्र बनाने के उपरांत वह दादी को दिखाता। दादी उसकी बनाई हर कलाकृति की दिल से सराहना करती। दादी से मिली प्रशंसा से युवांश फूला न समाता। “युवांश तुम काफी देर … Read more

प्यार

रश्मि लहरलखनऊ (उत्तर प्रदेश)************************************************** कामवाली शीनू की बातें सोच-सोच कर रिद्धिमा उलझन में थी… डाईनिंग टेबल को सजाती हुई वह पति सुलभ से बोली- “अगर स्त्री का एक महत्वपूर्ण अंग ही कट जाए, तो उसको जीने का कोई अधिकार नहीं होता है ? वो पृथ्वी पर बोझ बन जाती है क्या सुलभ ?“२ साल से … Read more

सूखे पत्तों-सी…

डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)****************************** “दादाजी! आज शहर का माहौल देखने लायक था!”“क्या खास बात देखी तुमने ?”“जब मैं कॉलेज जा रहा था, तब हाथ में तिरंगा लिए ‘भारत माता जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए हजारों लोगों का जुलूस मैंने देखा! जब लौट रहा था, तो मोटरसाइकिल रैली में सैकड़ों युवक हाथ में तिरंगा लिए … Read more

कल करे सो, आज कर

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** ‘आदि’ और ‘नील’ २ भाई थे। दोनों एक ही कॉलेज में एक ही कक्षा में पढ़ते थे। आदि पढ़ने में होनहार होने के साथ- साथ समय का एकदम पाबंद था, जो भी कार्य करता; समय पर करता। सभी शिक्षक उसकी तारीफ़ करते न थकते।वहीं नील पढ़ने में कम होने के साथ- … Read more