लालच

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन(हिमाचल प्रदेश)***************************************************** रेनू एक मध्यम परिवार की बहू थी। उसको कपड़ों का बहुत शौक था। दिन में २ बार कपड़े बदलना उसकी आदत में शुमार था। उसकी अलमारी में कभी खत्म न होने वाले कपड़ों का भंडार था। इसके बाद भी उसका मन आज एक और साड़ी खरीदने के लिए लालायित था। … Read more

कचरा बीनने वालीं

शीलाबड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** मधु अपने स्कूटर से अपनी बिटिया को रोज की तरह स्कूल से घर ला रही थी। रोड पर गाड़ी चढ़ा रही थी कि, कीचड़ से गड्ढा बड़ा होने के कारण गाड़ी स्लिप हो गई। गाड़ी इतनी जोर से गिरी कि, गाड़ी की चाबी मुड़ गई। दोनों माँ-बेटी सड़क पर गिरी थी। … Read more

वह मान गई

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** जुगनू बाज़ार से लौटते हुए आँगन से आवाज लगता है,-“क्यों री सरला ? आज नींद नहीं आ रही है क्या ? और दिन तो ७ बजे ही बिजली बुझा देती है। आज क्या हुआ है ?” जुगनू आज बाजार से देर से लौटा था।“नहीं-नहीं काका;ऐसा कुछ नहीं है! आज बन्नो दीदी … Read more

जहाँ चाह, वहाँ राह

डोली शाहहैलाकंदी (असम)************************************** बिल्कुल सरल स्वभाव, छोटा कद, सरलता की मूरत और मधुरता का रस, लेकिन जब वह बोलती तो उसका व्यवहार और फड़फडड़ाती अंग्रेजी दोनों ही बिल्कुल विपरीत दिशा में दिखते। रीमा थी ही कुछ ऐसी नटखट-सी! माँ की इच्छा ने उसे हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, जिससे दसवीं के बाद ही … Read more

राधिका की बोतल

शीलाबड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** विजया ने अपनी बिटिया को आवाज लगाई,-“निक्कू इधर आओ, यह बोतल ले लो। इसका ढक्कन टूट गया है तो कामवाली बाई की बेटी राधिका को बोतल दे दो, ताकि उसके काम आ सके।” विजया की छोटी बेटी निक्कू बोली,- “ठीक है मम्मी, इस बोतल का भी ढक्कन टूटा है। यह वाली … Read more

आम की कीमत

शीलाबड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** कालू अपने गाँव में खेत पर आम के पेड़ में पत्थर मारकर आम तोड़ रहा था। ५-६ आम खेत में गिर गए। उन्हें वह उठकर थैली में रख रहा था। सोच रहा था कि कुछ और आम तोड़ लूं और उन्हें बेचकर अपने पिता की दवाई खरीद लूंगा। तभी पत्थर मारता, … Read more

दोषी

डॉ. सुनीता श्रीवास्तवइंदौर (मध्यप्रदेश)*************************************** “अब जाकर घर आ रही है…!! तुम्हारे कारण माॅं चल बसी, एक भी फोन नहीं उठाया तुमने ?”- उत्तम (राशि का पति) भरी भीड़ में सबके सामने राशि पर भड़क उठा!राशि अस्पताल में चिकित्सक है, पति का ग़ुस्सा और सासू माॅं की मृत्यु का समाचार सुनकर राशि अवाक रह गई…। इस … Read more

मतदान

डॉ. सुनीता श्रीवास्तवइंदौर (मध्यप्रदेश)*************************************** “क्यों बे मुकेश, कहाँ जा रहा है रे ? पता है! आज मतदान हैं!” सावित्री बाई ने हँसते हुए कहा।“अरे सव्वि बाई सही पकड़ी है तू… पता है वो बगल वाला मिट्ठू सेठ का दोस्त ‘सुनील’ चुनाव लड़ रहा है। पता है “तुम मुझे वोट दो, मैं तुम्हें ५०० ₹ दूंगा!” … Read more

अंतिम इच्छा

डॉ. बालकृष्ण महाजननागपुर ( महाराष्ट्र)*********************************** एक वरिष्ठ साहित्यकार काफी दिन से बीमार चल रहे थे। प्रत्येक दिन समाचार-पत्र में काव्य पाठ का समाचार पढ़कर अधिक उत्तेजित हो उठते। काश! मैं भी काव्य-पाठ में शामिल हो जाता तो मेरा नाम भी समाचार-पत्र में छप जाता…।    बीमारी में वह कहीं भी जाने में असमर्थ थे। एक … Read more

एक दीया

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* चारों ओर दीपावली के त्योहार की तैयारियाँ चल रही थी। बाजार में भी खूब चहल कदमी थी। घरों में साफ-सफाई और रंगाई-पुताई के काम समाप्ति पर थे। महिलाएँ घर की साज-सज्जा में और मिठाइयाँ, पकवान आदि बनाने में व्यस्त थी। आज कैलाश के दफ्तर से लौटने पर कुमुद बोली,-“पापा आप … Read more