नेट-चेट में लीन
डॉ.आशा आजाद ‘कृति’कोरबा (छत्तीसगढ़)**************************************** मोबाइल का दौर है, मनुज हुआ नित व्यस्त।नेट चेट में लीन है, तन से होता पस्त॥तन से होता पस्त, करे वह लापरवाही।पढ़ना नहीं किताब, करे वह नित कोताही॥व्यर्थ गँवाता वक्त, खोजता रहता फाइल।पुस्तक को बिसराय, आज का ये मोबाइल॥ शिक्षा के शुभ ध्येय को, भूले बालक आज।समय गँवाते नित दिखे, छोड़े … Read more