ईश्वर के प्रति
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जीवन में हो शुद्धता, तो मिलते भगवान।अंतर में शुचिता पले, तब हो प्रभु का भान॥तब हो प्रभु का भान, विधाता को हम जानें।कर नित मंगलगान, वंदगी को पहचानें॥सपने हों साकार, चेतना हो तन-मन में।ईश्वर की जयकार, नित्य ही हो जीवन में॥ खिलता है जीवन तभी, जब है उर निष्पाप।कर्म अगर होते … Read more