ईश्वर के प्रति

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जीवन में हो शुद्धता, तो मिलते भगवान।अंतर में शुचिता पले, तब हो प्रभु का भान॥तब हो प्रभु का भान, विधाता को हम जानें।कर नित मंगलगान, वंदगी को पहचानें॥सपने हों साकार, चेतना हो तन-मन में।ईश्वर की जयकार, नित्य ही हो जीवन में॥ खिलता है जीवन तभी, जब है उर निष्पाप।कर्म अगर होते … Read more

कलयुग

आशा आजाद`कृतिकोरबा (छत्तीसगढ़)**************************** कलयुग का मानुष बुरा, देख खड़ा है मौन।लुटती बाला रो रही, न्याय दिलाए कौन॥न्याय दिलाए कौन, लाज है खोती नारी।दुष्ट मनुज स्वाभाव, कहे नारी अवतारी॥युग यह कहता आज, नहीं है ये भावानुग।सिसक रही है आज, देख लो ये है कलयुग॥ कलयुग का यह हाल है, अपने रखते बैर।भाई-भाई लड़ रहे, पूछें कभी … Read more

मानुष तन वरदान

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* हमको मानुष तन मिला, ईश्वर का वरदान।व्यर्थ न इसे गँवाइए, कहते सुधी सुजान॥कहते सुधी सुजान, कर्म निष्काम करें सब।निकल गया जो काल, नहीं पाएंगे वो अब॥पाएं शुभ परिणाम, जीवन मिला है सबको।शुभ अपनाएं कर्म, मिला शुभ अवसर हमको॥ पाएं हम वरदान ये, करें सदा सत्कर्म।बुरा कभी सोचें नहीं, यही मनुज का … Read more

दुनिया अजनबी

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* दुनिया है ये अजनबी, भांति-भांति के लोग।विषय रसों को भोगता, घेरे उसको रोग॥घेरे उसको रोग, कष्ट जीवन में पाता।कोई नहीं सहाय, स्वार्थ का है हर नाता॥जो करता सत्कर्म, याद रहती जीवनियाँ।वरना भूले लोग,बड़ी विचित्र है दुनिया॥ लोग यहाँ है अजनबी, ये दुनिया वीरान।सभी अकेले हैं यहाँ, आपस में अनजान॥आपस में अनजान, … Read more

जन-जन की आशा

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* हिन्दी की बिन्दी… हिंदी भाषा हिंद की, आन बान अरु शान।संस्कृत इसकी मात है, लिपी नागरी जान॥लिपी नागरी जान, गर्व हम इस पर करते।इसमें नाना छंद, काव्य कविजन हैं रचते॥नवरस से परिपूर्ण, भाल की ये है बिंदी।मीठे इसके बोल, सभी अपनाएं हिंदी॥ भाषा ये अनमोल है, देती है संस्कार।उर्दू अरबी फारसी, … Read more

हत्या

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* हत्या करता जीव की, कभी न पाता चैन।मन अशांत रहता सदा, दु:ख पाता दिन रैन॥दु:ख पाता दिन रैन, कभी आराम न पाता।जीवित रहती देह, आत्म विनाश हो जाता॥हत्या करना पाप, प्राण जो भी नर हरता।मिले दुखद परिणाम, जीव हत्या जो करता॥ मनसा वाचा कर्मणा, करें न हत्या पाप।सबमें आत्मा एक है, … Read more

किया जगत में नाम

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* पावन कार्तिक मास में, नानक प्रगटे धाम।सदा किए शुभ कर्म ही, किया जगत में नाम॥किया जगत में नाम, पूजता ये जग सारा।जन्मे भारत भूमि, यही सौभाग्य हमारा॥तलवंडी है गाँव, धाम रावी मन भावन।किया जगत कल्याण, ज्ञान से सबको पावन॥ मानें गुरु नानक सभी, करिए मन से ध्यान।पावन कार्तिक पूर्णिमा, जन्मदिवस शुभ … Read more

वसुधा पावनधाम

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* धरती आकर्षक बहुत, पाया माता नाम।जो सचमुच अभिराम है, वसुधा पावनधाम॥वसुधा पावनधाम, इसी ने सब कुछ जाया।वसुधा का ही काम, आदमी ने सब पाया॥देख सके नहिं पीर, सदा जो पीड़ा हरती।जन्नत जैसी दिव्य, हमारी प्यारी धरती॥ धरती में आलोक है, दूर करे अँधियार।फसलों की रचना करे, जीव करे तैयार॥जीव करे तैयार, … Read more

धरती माता भंडार

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* धरती माता लाड़ का, है असीम भंडार।संतति की सेवा करे, है सुख का आगार॥है सुख का आगार, धरा है सुख की छाती।जो व्यापक संपन्न, प्रचुर है जिसकी थाती॥कौन गिने उपकार, मातु जो हम पर करती।सचमुच में है धन्य, हमारी माता धरती॥ धरती देती प्यार नित, गाती नेहिल गान।संतानों का भाग्य यह, … Read more

रहे अखण्ड सुहाग

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* करवा चौथ विशेष… करती करवा चौथ व्रत, रहे अखण्ड सुहाग।पति की लंबी आयु हो, पत्नी करती त्याग॥पत्नी करती त्याग, आपदा कभी न आए।स्वस्थ रहे भरतार, खुशी जीवन में छाए॥प्रिया करे श्रृंगार, माँग अपनी वह भरती।रखे भावना शुद्ध, चौथ का व्रत वो करती॥ विकसित शशि मुख देखकर, व्रत खोले हर नारि।श्रद्धा से … Read more