कितने चौराहों पर

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ कितने चौराहों पर,दिख जाती हैंबेबस, विक्षिप्त स्त्रियाँ…गंदे, फटे लिबास में लिपटी,रहबरों की मुस्कान से चिढ़तीरोती, गाती, चिल्लाती,भूखी-प्यासी, बड़बड़ातीहाथों में दंड और गठरी में सिमटी,गिरती, रुकती, लड़ती, हँसतीयातनाओं से जूझती, मिटती,मनोरंज का साक्ष्य बनींमन को व्याकुल कर जाती हैं,बेबस, विक्षिप्त स्त्रियाँ। कितने चौराहों पर,लुट जाती हैंबेबस विक्षिप्त स्त्रियाँ…अट्टहास करता मानव उन … Read more

राधा लेती रही टोह

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* श्रीकृष्ण की बाँसुरी पर बेसुध राधालेती रही टोह,जाने कहाँ से आ रही है ये आत्मा को घुलाती ध्वनियों का अवरोहराधा वृन्दावन विहारिणी वृषभानु दुलारिनी,खोती जा रही आत्ममुग्ध धुन मेंबांसुरी के सुरों नें जैसे घोल दी हो प्रेमसुधाराधा के तन-मन में, अंत:करण में, प्राण में,राधा बस दीवानी हो चली मुरलीधर कीअब कृष्ण … Read more

गजानन कर परोपकार

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** गजानन,गौरी-ललनमोदक प्रिय चयन,मूषक वाहनमनभावन। विनायक,आप गणनायकबल-बुद्धि दायक,बने सहायकशुभदायक। लम्बोदर,कर परोपकारतुम विवेक सरोवर,वदन मनोहरविघ्नेश्वर। दाता,दु:ख हर्तारिद्धि-सिद्धि कर्ता।सुख-कर्ता,भर्ता॥

गुड्डे-गुड़ियों का संसार

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ बचपन का वह रंग,लगे खेल-तमाशा जग साराना तेरा ना मेरा,खुशियों का यह फेरागुड्डे-गुड़ियों का यह संसार। कभी रोना, कभी हँसना,कभी रुठना, कभी माननायहाँ जग सारा है खिलौना,गुड्डे-गुड़ियों का यह संसार। कभी नाचना, कभी उछलना-कूदनाआगे चलना पीछे जानायहाँ मानव भी एक खिलौना,गुड्डे-गुड़ियों का यह संसार। सज-धज कर गुड्डे-राजा,सज-धज कर गुड़िया रानी।चलते … Read more

हिमाचल की पुकार

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** आज हिमाचल रो रहा है, चहुं ओर देख कर चीख पुकारटूटे पर्वत, सड़कें टूटीं, बहा गई नदियाँ कई लोगों के घर-बार। बेघर हुए, कई अनाथ हुए, कईयों का बह गया सब परिवार,बेजुबां पशु भी बह गए, पेड़-पौधे तो बह गए लाख-हजार। वह बह गया! वह ढह गया! रुको! भागो! बचो!-है यही … Read more

आना फिर तिथि चतुर्थी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* आज गजानन विसर्जन, देव प्रथम विघ्नेश।मिटा देशद्रोही वतन, लम्बोदर बुद्धेश॥ मानवता अनमाेल जग, श्री गणपति दो सीख।क्षमा करो अपराध प्रभु, भक्त माँगता भीख॥ गणनायक जाओ प्रभो, करूँ विसर्जन आज।कठिन विदाई का समय, साश्रु नैन गणराज॥ पूजन अर्चन वन्दना, माना प्रभु बहु दोष।किन्तु कृपा प्रभु आपकी, हुआ हृदय संतोष॥ फिर … Read more

दोष

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ ट्रिंग… ट्रिंग…“काव्या, हम लोग अपना प्रि-वेडिंग शूट गोवा में कराएंगें।”“नलिन, पापा राजी नहीं होंगें… कहीं इधर शिवपुरी के आस-पास ही करवा लो।”“प्रिवेडिंग शूट लाइफ में एक ही बार होता है। इसलिये कम से कम तुम लोगों को मेरी फीलिंग्स का ध्यान तो रखना ही चाहिए। मैंने गोवा डिसाइड कर लिया है। अब … Read more

करो सबका भला

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)****************************************** हे एकदंत,तुम सबकी आसहे दयावंत। गौरी के लाल,करो सबका भलाकरो कमाल। है भुजा चार,बरसाओ न कृपालीला अपार। स्वागत करें,चढ़े पान-सुपारीमोदक धरें। मूषकधारी,संसार को चाहिएदया तुम्हारी। भक्तों की सुनो,खुशियाँ बरसाओपाप को हरो। आप विशेष,करूँ नित पूजनचाहूं न क्लेश। पूजूँ चरण,हर लो हर कष्टदेना शरण। देना खुशियाँ,सबका प्रेम रहेबने दुनिया। हे विघ्नहर्ता,आशीष देना … Read more

बारिश बनी आफत

धर्मेंद्र शर्मा उपाध्यायसिरमौर (हिमाचल प्रदेश)******************************************** बारिश ने कहर है ढाया,रिमझिम मौसम में है डराया,देवभूमि हिमाचल में ये कैसामौसम आपदा बनकर आया। पर्वत, पहाड़, सड़कें ढह गई,न जाने किसकी नजर है लगी!घर से बेघर हुए हैं लोग,खाने को नहीं मिलती रोटी। हाय! अपनों से बिछड़ गए,नहीं बची कुछ जीवन कमाईचीख, पुकार, दर्द से तड़पते,क्यों प्रभु को … Read more

दुखों की गहराई

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** दुखों की कहानीएक अनकही दास्तान,लेकिन दुखों में भीएक उम्मीद की किरण,एक शुरूआत की संभावनादुखों से सीखकरनई राह ढूंढना। नये जीवन की शुरूआतकी कहानी खोजना,एक नई सुबह की प्रतीक्षा मेंजीवन की सच्चाई को समझना। दु:ख के साए में हीजीवन की राहों को बनाना,दुखों की कहानी कोदिल की गहराई में दबाना। एक अनजान-सी दुनिया … Read more