लौट आ…

बुद्धिप्रकाश महावर मन मलारना (राजस्थान) **************************************************** कहते हैं, जिंदगी जिंदादिली का नाम है। फिर क्यों हार जाते हैं…? फिर क्यों टूट जाते हैं…? फिर क्यों कर लेते हैं खुदखुशी…? अपनी ही खुशियों का, घोंट लेते हैं गला। क्या तुम्हें जीने का हक नहीं…? क्या तुम पर किसी का हक नहीं…? फिर क्यों इंसान…? यूँ सोचता … Read more

सिमटी जिंदगी

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** क्या कहें कि ना कहें जिंदगी बता, रिश्तों के इस जहां में खोजता है एक रिश्ताl दुनिया की भीड़ रिश्तों के इस जहां में, ख्वाबों चाहतों सी दौड़ती है जिंदगी तन्हाll गम-ख़ुशी की जिंदगी, मुश्किल पल दो पल यकीन, याराना क्या करूँ कि ना करूँ जिंदगी, बता जिंदगी को … Read more

वाह री जिन्दगी

नताशा गिरी  ‘शिखा’  मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************************* अब सब अपना पलड़ा झाड़ रहे हैं, अपने अस्तित्व को ही न जाने किस रंग में ढाल रहे हैं। दिलचस्पी रही न अब राधा या श्री राम में, दो जून की रोटी के आगे पिज्जा-बर्गर निहार रहे हैं। सास-बहू के नाटक ने रामायण का पाठ भुलाया है, रूद्राभिषेक किसे कहते … Read more

तेरी याद

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ************************************************************************** जब जब तेरी याद आती है, मन ही नहीं तन भी रोता है। जब भी तू दूर जाती है तो, ये मन भी अकेला होता है॥ तेरी यादों के संग ये दिल, हर पल तेरे साथ चलता है। आज पास नहीं तू मेरे तो, ये मन तेरे संग रहता है॥ जब-जब … Read more

मोहब्बत

मदन मोहन शर्मा ‘सजल’  कोटा(राजस्थान) **************************************************************** वो कहते हैं- मोहब्बत ज़िन्दगी है, मोहब्बत बंदगी है मोहब्बत फूलों की सेज है, मोहब्बत अरमानों,ख्वाबों की परवाज़ है। मोहब्बत दीवानगी की पाठशाला है, मोहब्बत दो दिलों की प्रेमशाला है और भी न जाने क्या-क्या ? हकीकत तो यह है- मैंने मोहब्बत को, रात के अंधेरों में जार-जार सिसकते, रोते, … Read more

ऐसी भी मजबूरी कैसी

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** दो शब्द नेह के लिखे हैं लेकिन,शायद ही पढ़ पाओ तुम। साजन याद बहुत आती है,जैसे हो आ जाओ तुम॥ पाती में ही कब तक बोलो,शब्दों का संसार लिखूँ। संग बिताए थे पल हमने,क्या उनका आभार लिखूँ॥ टूट गए जो ख्वाब हे साजन,फिर से आन सजा जाओ। साजन याद बहुत … Read more

यादों का पिटारा

वन्दना पुणताम्बेकर इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************* यादों का पिटारा पुराना वो पुरानी खाट,वो चाची की डांट। वो बात-बात पर पापा की, की बातें मोटी-मोटी। वो माँ के हाथों की चोटी, वो पापा की खरी-खोटी। वो दादी के हाथ का अचार, वो रिश्तों से महकी छोटी-सी खोली। वो अपनो के रिश्तों की महक, वो माँ,चाची की चूड़ियों … Read more

ईद मुबारक हो

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** रमजान के महीने में ईद मुबारक हो, घर-घर के आँगन में चन्द्रमा की चाँदनी हो, ईद मुबारक हो। रोजेदार को मिले दुआ बेशुमार हो, अल्लाह का प्यार हो रमजान के महीने में, ईद मुबारक हो। इफ्तार ही इफ्तार हो प्रेम का भंडार हो, मिलने का इंतजार हो रमजान के महीने में, … Read more

बच्चों की जाँ होती है

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* माँ तो केवल माँ होती है, वह बच्चों की जाँ होती है। जीवन में जब पीड़ा आये, अधरों पर केवल माँ होती है॥ माँ के अर्थ गूढ़ हैं कितने, रहते जिसमें अगणित सपने। हर दु:ख ओ व्याधि में भी, माँ को लगते सब जन अपने॥ दु:ख को भी सुख सम … Read more

बेरोजगार

आरती जैन डूंगरपुर (राजस्थान) ********************************************* बेरोजगार की अपनी अलग कहानी है, हाथ में डिग्री और आँख में पानी है। पदक से अब मैं सब्जी को तौलूंगी, प्रमाण-पत्र के संग रद्दी की दुकान खोलूंगी। हर दिन मेरा एक आँसू बहता है, जब नब्बे प्रतिशत के संग भी बटुआ खाली रहता है। हुनर भी नहीं रहा अब … Read more