जाति-धर्म के मोहरे ही राजनीति

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************* राजनीति केवल राजनीति है और जब तक जाति व धर्म राजनीति के मोहरे बनते रहेंगे,तब तक राजनेता जाति व धर्म का लाभ लेते रहेंगे। उन्हें प्रयोग करते रहेंगे और उन्हीं का शोषण करते रहेंगे,जब तक कि जाति व धर्म के अनुयायी जागरूक एवं आत्मनिर्भर नहीं हो जाते।सर्वविदित है … Read more

अहिंसा के सिवाय कोई सौन्दर्य नहीं

आचार्य डाॅ. लोकेशमुनिनई दिल्ली(भारत) *************************************************** आज दुनिया संकटग्रस्त है,अब तक के मानव जीवन में ऐसे विकराल एवं विनाशक संकट नहीं आए। एक तरफ कोरोना महामारी का संकट है तो दूसरी ओर विश्व-युद्ध का माहौल बना है। हमें उन आदतों, वृत्तियों,महत्वाकांक्षाओं,वासनाओं को अलविदा कहना होगा जिनका हाथ पकड़कर हम उस ढलान पर उतर गए,जहां रफ्तार तेज … Read more

बिहारःसत्ता ब्रह्म,गठबंधन मिथ्या

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************************* बिहार के चुनाव के बाद किसकी सरकार बनेगी,कहा नहीं जा सकता। यदि २ प्रमुख गठबंधन सही-सलामत रहते तो उनमें से किसी एक की सरकार बन सकती थी। एक तो नीतीश कुमार का और दूसरा लालूप्रसाद का,लेकिन बिहार में अब ४ गठबंधन बन गए हैं। नीतीश कुमार के गठबंधन में जदयू और भाजपा … Read more

पति,पत्नी और वो का चक्कर

नवेन्दु उन्मेषराँची (झारखंड) ***************************************************** पति,पत्नी और वो का चक्कर हमेशा बुरा होता है और अब उसमें सीसीटीवी कैमरा भी शामिल हो गया है। इसके बाद वीडियो प्रसारित होने से इज्जत पर पलीता लगता है सो अलग….यह बात मुझे कल पत्नी समझा रही थी। कह रही थी,-तुम जो मुझसे लड़ते हो उसे मैं घर में लगे … Read more

हिन्दी के लिए लड़ने वाला सबसे बड़ा वकील महात्मा गाँधी

प्रो. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल)****************************************** गाँधी जी ने हिन्दी के आन्दोलन को आजादी के आन्दोलन से जोड़ दिया था। उनका ख्याल था कि,देश जब आजाद होगा तो उसकी एक राष्ट्रभाषा होगी और वह राष्ट्रभाषा हिन्दुस्तानी होगी,क्योंकि वह इस देश की सबसे ज्यादा लोगों द्वारा बोली और समझी जाने वाली भाषा है। वह अत्यंत सरल है,और उसमें … Read more

शुभकामनाएं अकाली दल,राष्ट्रवाद थामे रहिए

राकेश सैनजालंधर(पंजाब)*********************************************** कृषि कानून-२०२० के चलते शिरोमणि अकाली दल ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठजोड़ का साथ छोड़ दिया है। लोकतंत्र में हर दल को अधिकार है कि वह अपनी नीतियों व इच्छा के अनुसार किसी भी दल या गठजोड़ का साथ दे सकता या विरोध कर सकता है। अकाली दल … Read more

रामलीला मंच से नएपन से जोड़ना होगा नयी पीढ़ी को

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)********************************************** आज विद्युत संचार साधनों का युग है। घर बैठे विश्व दर्शन,दूर देशों से बातचीत और मनोरंजन के साधनों की श्रीवृद्धि ने मंचीय रामलीला, नौटंकी और नाटकों के महत्व को कम कर दिया है। आज की तीव्र गति से भागती हुई जीवन-शैली में रोजी रोटी के संघर्ष परस्पर दूर होते रिश्ते,मनुष्य- मनुष्य में विकसित … Read more

वार्द्धक्य और गार्हस्थ्य-जीवन

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)******************************************************** पति-पत्नी मिलकर जो जीवन जीते हैं,वह गार्हस्थ्य-जीवन कहलाता है। जाहिर है कि इसमें उन पर निर्भर उनके बच्चे आ ही जाएंगे। उनके वे बच्चे जो बड़े हो गए हैं और अपने पैरों पर खड़े हो गए हैं या बेटी की शादी होकर गृहवास बदल गया है,वे भले इस परिधि … Read more

हिंदी के समर्थन में प्रचंड जनसंख्या खड़ी करने के अंतर्राष्ट्रीय लाभ क्या ?

लीना मेहेंदले********************************** हिंदी पखवाड़े में एक प्रश्न बार-बार उठता है कि,क्या हिंदी कोई मौलिक भाषा है ? कितनी प्राचीन या कितनी नूतन है ? चूँकि इससे अधिक प्राचीन भाषाएं हैं,तो उनकी तुलनामें हिंदी की महत्ता कम हो जाती है,इत्यादि। साथ ही यह प्रश्न उठता है कि मैथिली को हिंदी से अलग करके एक प्रमुख भारतीय … Read more

तालाबंदी का सफर

दृष्टि भानुशालीनवी मुंबई(महाराष्ट्र) **************************************************************** साल ‘२०२०पूरे विश्व को आजीवन याद रहेगा। बाढ़,चक्रवात,आतंकवादी हमला,तालाबंदी,जनता कर्फ्यू,कोरोना विषाणु आदि न जाने कितनी विपदाएँ सही है पूरे विश्व ने।कोविड-१९की इस महामारी के चलते देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ महीनेतालाबंदीकी घोषणा की थी। सभी देशवासियों नेतालाबंदीका पालन तो किया,किंतु अपनी रोजी-रोटी कमाने हेतु मनुष्य को बाहर निकलकर परिश्रम तो … Read more