पटरी पर लौटता ३ भाषा फॉर्मूला

प्रेमपाल शर्मा*************************       आश्चर्य है कि दो-तीन विदेशी भाषाएं पढ़ना उन्हें अपने बच्चों पर अतिरिक्त बोझ नहीं लगता, लेकिन अपनी मातृभाषा और भारतीय भाषाएं सीखने के नाम पर वे सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। यह अनुचित है। सरकार को किसी भी हालत में झुकना नहीं चाहिए।नौवीं कक्षा में दो भारतीय भाषाएँ पढ़ना अनिवार्य।राष्ट्रीय … Read more

कभी नहीं हँसते तिजोरी में बंद ‘नोट’

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)*****************************************      पैसे की चमक के पीछे भागता आज का समाज एक अजीब-सी अंधी दौड़ का हिस्सा बन चुका है। सुबह की पहली किरण से लेकर रात के अंधेरे तक इंसान सिर्फ एक ही धुन में भाग रहा है-पैसा, तरक्की, और सुख-सुविधाएं। इस आधुनिकता की चकाचौंध में हमने भौतिक रूप से … Read more

माता-पिता हैं शक्ति और प्रेरणा

ललित गर्गदिल्ली*********************************** हमारा भविष्य, ताकत और प्रेरणा (विश्व माता-पिता दिवस विशेष)… विश्व के अधिकतर देशों की संस्कृति में माता-पिता का रिश्ता सबसे बड़ा एवं प्रगाढ़ माना गया है। भारत में तो इन्हें ईश्वर का रूप माना गया है। माता-पिता को उनके बच्चों के लिए किए गए उनके काम, बच्चों के प्रति उनकी निस्वार्थ प्रतिबद्धता और … Read more

भारतीय लोकतंत्र को लोक केंद्रित होने की आवश्यकता

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** भारतीय लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है। यह लोकतंत्र करोड़ों नागरिकों की आशाओं, संघर्षों और अधिकारों पर आधारित है। संविधान ने भारत को एक ऐसे गणराज्य के रूप में परिकल्पित किया था, जहाँ शासन की प्रत्येक व्यवस्था का अंतिम उद्देश्य जनता का कल्याण हो। लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ … Read more

आम आदमी विकास से बाहर ?

ललित गर्गदिल्ली*********************************** स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद नए भारत के निर्माण के जिन आधार स्तंभों की कल्पना की गई थी, उनमें शिक्षा और चिकित्सा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई थी। यह माना गया था कि यदि देश के नागरिक शिक्षित, स्वस्थ और जागरूक होंगे तो लोकतंत्र मजबूत होगा, सामाजिक असमानताएं कम होंगी और राष्ट्र विकास के … Read more

रिश्तों की कदर कीजिए

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया -२५ आज प्रधानमंत्री द्वारा देश की जनता से जो निवेदन किया गया, उसका असर अब दिखने लगा है। आज सुबह-सुबह कामवाली बाई का फोन आया- बर्तन, कपड़े मेरे घर घर भेज दो। मोदी जी ने वर्क फ्राम होम का आर्डर दिया है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, छोटे … Read more

वृक्षों, पेड़-पौधों और नदियों का अपना महत्व

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ गंगा दशहरा पर्व (२६ मई) विशेष…      दस पापों को नष्ट करने वाले शुभ योग के संयोग के साथ ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर पूरे देश में ‘गंगा दशहरा’ पर्व मनाया जाता है। इस दिन माँ गंगा के स्वर्ग से धरती पर अवतरण की खुशी में इस … Read more

राजनीतिक दलों के लिए गम्भीर चेतावनी है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** भारत की लोकतांत्रिक राजनीति में कभी-कभी ऐसे प्रतीक अचानक उभरते हैं, जो देखने में भले व्यंग्य, मजाक या इंटरनेट ट्रेंड लगते हों, लेकिन उनके भीतर समाज की गहरी बेचैनी, निराशा और राजनीतिक असंतोष छिपा होता है। मई २०२६ में सोशल मीडिया पर तेजी से उभरी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ इसी प्रकार की … Read more

याद रखो – जहाँ चाह, वहाँ राह

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नगर का नाम था ‘सुविधापुर’, पर वहाँ सुविधाएँ केवल नेताओं और अफसरों की जेब में रहती थीं। आम आदमी तो ‘आसमान से गिरा, खजूर में अटका’ जैसी हालत में जी रहा था। चुनाव आते ही नेता ‘मुँह में राम, बगल में छुरी’ लेकर गलियों में उतरते, बड़े-बड़े वादे करते … Read more

असम्भव को सम्भव कर दिखाने का नाम ‘अरुणिमा सिन्हा’

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** हम सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत एवं जाना-पहचाना नाम है अरुणिमा सिन्हा, जिन्होंने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और साहस द्वारा असंभव को संभव करके दिखा दिया, और स्वर्ण अक्षरों मे अपने नाम को इतिहास में दर्ज करा दिया।अरुणिमा का जन्म आम्बेडकर नगर के शहजादपुर इलाके के पंडाटोला मोहल्ले के साधारण परिवार में हुआ था। … Read more