भीतर का रावण मारें

शीला बड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** भीतर का रावण (विजयादशमी विशेष) … दशहरा हमें केवल रावण के पुतले का दहन करना नहीं सिखाता, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि हमारे भीतर छिपी बुराइयों को पहचानकर उन्हें समाप्त करना ही सच्चे अर्थों में विजयादशमी मनाना है।   रामायण में रावण के १० सिरों को प्रतीकात्मक रूप से … Read more

बुजुर्गों का सम्मान ही परिवार का अभिमान

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* बुजुर्गों से घरों की शोभा, उनसे घर का मान रहे,उनके अनुभव के दीपों से, रोशन हर इंसान रहेनई पीढ़ियाँ भूल न जाएँ, जड़ों से जुड़ने का अर्थ,बड़ों का सम्मान जहाँ हो, वहाँ संस्कार महान रहें। जीते-जी दो रोटियाँ कम, पर दो  मीठे बोल उन्हें,मत बाँटो घर की संपद, बाँटो प्रेम अनमोल उन्हेंमरने पर तस्वीर सजाकर, आँसू बहाना है व्यर्थ, मान दो तुम आज बुजुर्गों, बाद न  देना मोल उन्हें। मोबाइल में जग भर अपना, घरों में बुजुर्ग पराये,जिनकी उँगली पकड़ चले थे, उनको ही … Read more

संकटमोचक भारत वीर

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)************************************************* ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का पावन मंत्र जहां गूंजता,वसुधा के हर प्राणी में जो ईश रूप को पूजता। वही पुरातन संस्कार, फिर नभ की छाती पर चमका,जब संकट में घिरे गगन पर भारत का गौरव दमका। एक सौ चौहत्तर प्राण हवा में डोल रहे थे अम्बर पर,छल की खूनी छुरी तनी … Read more

लघुकथा के २ संग्रह विमोचित

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मुम्बई (महाराष्ट्र)। वरिष्ठ लेखक सेवा सदन प्रसाद द्वारा संपादित लघुकथाओं के दो संग्रह ‘कथा संचिता’ और ‘लघुकथा के प्रहरी’ का विमोचन आईटीएम कॉलेज (खारघर) के सभागार में रविवार को किया गया। आर.के. पब्लिकेशन समूह (मुम्बई) द्वारा प्रकाशित उक्त संग्रह के विमोचनकार्यक्रम के अध्यक्ष रामप्रकाश विश्वकर्मा (बीएआरसी), मुख्य अतिथि कथाकार राजेन्द्र नागर (उज्जैन) रहे।     … Read more

दावा किताबी है, हक़ीक़त नहीं

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)************************************** ये दावा किताबी है, यह हक़ीक़त नहीं।यह तो कोरी लफ्फाजी है, वसीयत नहीं। कहते हो कुछ और, और करते हो और,ऐसा करना तो भाई कोई रवायत नहीं। आँकड़ों में तो है तरक्की पर तरक्की,पर ये तो कोई आवाम से मुहब्बत नहीं। मतलब के लिए राम भी, और रहीम भी,ये तो दोस्त … Read more

प्रो. शरद नारायण खरे ने पाया ‘सुर-शक्ति काव्य सम्मान’

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मंडला (मप्र)। अभिनव काव्यांश मंच पर रविवार को आयोजित ‘भक्ति में शक्ति’ कार्यक्रम के अन्तर्गत बेहतरीन और सारगर्भित सनातन धर्म का अलख जगाती हुई उत्कृष्ट शानदार व बेमिसाल प्रस्तुति हेतु सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. डॉ. शरद नारायण खरे को संस्था ने ‘सुर-शक्ति काव्य सम्मान’ से सम्मानित किया। अभिनव काव्यांश परिवार ने इनके उज्जवल साहित्यिक भविष्य की … Read more

ऐसे कैसे रद्द…?

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)****************************************** सतरंगी दुनिया-४१…  हमेशा सच बोलने की आदत डालिए, फिर आपको कुछ भी याद रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर झूठ बोलेंगे तो याद रखना पड़ेगा कि किससे, क्या बोला था। शिक्षा हमें अंगूठे के निशान से हस्ताक्षर तक ले गई, परंतु तकनीक हमें फिर हस्ताक्षर से अंगूठे पर ले … Read more

कठोर कार्रवाई और जवाबदेही भी तय हो

ललित गर्गदिल्ली*************************** कोलकाता में दुर्गापूजा के दौरान चोरबागान के सार्वजनिक पूजा पंडाल में हुई भगदड़ और उसमें १९ लोगों की मौत तथा २५ से अधिक लोगों के घायल होने की खबर ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। यह केवल हादसा नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक संवेदनहीनता, प्रशासनिक लापरवाही और धार्मिक आयोजनों के प्रति गैर-जिम्मेदार दृष्टिकोण … Read more

मन का रावण

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ********************************************** भीतर का रावण (विजयादशमी विशेष)… त्रेतायुग बीता द्वापर आया,द्वापर युग बीता तो कलियुगहर युग में रावण ने लिया जन्म,दुखी किया जग को उसका कर्म। त्रेता युग में आया था एक रावण,प्रभु राम ने किया था उनका संहारद्वापर युग में दो-चार रावण आए,कृष्ण ने किया उन सबका सफाया। कलियुग में बसा … Read more