कवि डॉ. ‘आदित्य’ को मिला हिन्दी सेवा भारती सम्मान

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जबलपुर (मप्र)। हिंदी महासम्मेलन (मथुरा) में डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ को हिन्दी सेवा भारती सम्मान एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। डॉ. मिश्र स्वयं उपस्थित नहीं हो सके, इसलिए प्रेरणा हिन्दी प्रचारिणी सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी के अनुरोध पर कवि राम लखन वर्मा ने सम्मान लेकर डॉ. मिश्र को उनके लखनऊ … Read more

‘बाल अभिव्यक्ति’ में हुई अनेक स्पर्धा

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ठाणे (महाराष्ट्र)। हिंदी पखवाड़े के दौरान सांस्कृतिक कार्य विभाग, (महाराष्ट्र), राज्य हिंदी साहित्य अकादमी, लक्ष्य फाउंडेशन व शेठ एन के टी टी जूनियर कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में ‘बाल अभिव्यक्ति’ का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों के लिए निबंध-लेखन, काव्यपठन और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें ७५ से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। … Read more

‘मैं’ की मैली खान

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** जब तक उर में है बसी,        मैं की मैली खान।आयेंगे तब तक नहीं,     इस उर में भगवान॥इस उर में भगवान,     जहाँ मैं मर जाता है।वो पावन भगवान,    वहीं घर कर जाता है॥कह ‘सागर’ कविराय,   भज ले राम तू तब तक।न मरे अपावन मैं,     हृदय में … Read more

भीतरी ‘रावण’ अनाचारी

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** भीतर का रावण (विजयादशमी विशेष)…. घृणित व्याल ‘दुष’ दुराचारी,चित्तधूर्त, चपल, व्यवहारीभीतरी रावण है अनाचारी,ओढ़ व्यग्रता, नाहक लाचारी। काम-क्रोध, लोभ-मोह के घेरे,भीतर स्थित, अंध मस्ती घेरेरक्तबीज, सम बढ़ते घेरे,अगणित दैत्य विवेक घेरे।   चाह अकारण दनुज होए,दश;आनन अविवेकी होएबुराई दहन प्रतिवर्ष होए,दुर्गम राक्षस भस्म न होए।    दशहरा उत्सव उत्साह जगाए,उन्माद जुगुप्सा हर्ष … Read more

रावण मारें हम भीतर का

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)************************************** भीतर का रावण (विजयादशमी विशेष) … लेकर नाम राम प्रियवर का।रावण मारें हम भीतर का॥ धर्म के पथ पर हम जाएँ,सदाचार को अपनाएँ।सकल कलुषता को धोकर,उज्ज्वल मन का जगत बनाएँ।हर पल भाये आज सहर का,रावण मारें हम भीतर का…॥ पुतले का तो व्यर्थ दहन हैसबसे पापी सबका मन है।झाँके क्यों नहिं … Read more

एक सुरमई शाम में…

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)**************************************** एक सुरमई शाम में देखा है आज दूर से,उसका हँसता चेहरा, आहिस्ता-आहिस्ताआसमान ने ओढ़ ली शाम रंग की चुनरी,मेरा मन मुस्कुरा उठा, उसे सामने पाकर। एक सुरमई शाम में,दिल बेचैन रहता है उसके दीदार के लिएमेरी निगाहें मचलती रहती हैं उसके पास जाने को,आँखों में बसा रहता है उसका हँसता चेहरा। … Read more

‘जंगल की पाठशाला’ विमोचन संग ९ बाल साहित्यकार सम्मानित

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भोपाल (मप्र)। आरिणी बाल साहित्य साधना सम्मान २०२६ में ९ बाल साहित्यकारों का सम्मान आरिणी चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से दुष्यंत कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय में किया गया। अध्यक्षता मप्र साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे ने की। मुख्य अतिथि वरिष्ठ बाल साहित्यकार रजनीकांत शुक्ल रहे। पूर्व कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार पांडेय और महेश … Read more

कहाँ गये वो दिन…!

राधा गोयलनई दिल्ली********************************** अमृत की रात (शरद पूर्णिमा विशेष)…. शरद पूर्णिमा की संध्या को खीर बनाया करते थे,बीचों-बीच उसे आँगन में ऐसे स्थान पे रखते थे। जहाँ चाँद की मधुर रश्मियाँ आकर खीर को स्पर्श करें,देख चाँद की मधुर चाँदनी, दिल में मधुर हिलोर उठें। कामदेव और रति, चन्दा की ओर निहारा करते थे,हाथ जोड़कर … Read more

क्रांतिकारी स्वामी रामतीर्थ जयंती को समर्पित रहा कल्प मंच

सोनीपत (हरियाणा)। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार ने हिन्दी के पक्षधर वेदांत शिरोमणि क्रांतिकारी सन्यासी स्वामी रामतीर्थ जयंती विशेष कल्प भेंटवार्ता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें जयपुर (राजस्थान) के विद्वान साहित्यकार डॉ. जीतेन्द्र प्रसाद माथुर को कल्प भेंटवार्ता पत्रम से सम्मानित किया गया।  परिवार की संवाद प्रभारी … Read more

ज्योति जलेगी अब तो…

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)************************************* माँ की कृपा के रंग (नवरात्रि विशेष)… धर्म-सुरक्षा, न्याय बचाने के प्रति गुर्राई है।महिषासुर का वध करने को, दुर्गा माँ आई है॥ अंधकार में उजियारे की, ज्योति जलेगी अब तो,रीति-नीति की पावन बेला, नित्य जगेगी अब तो।वृत्ति तामसिक पराभूत हो, मंगल गाएगी,सद्भावों की पावन बेला, सबको भाएगी।छटा निराली शोभित होकर, अब … Read more