पश्चिम से पुन: पूर्व की ओर…

शकुन्तला बहादुर कैलिफ़ोर्निया(अमेरिका) ********************************************************* विश्व हिंदी दिवस’ विशेष…. स्वर्ग में सभा जुटी थी। महर्षि पतंजलि उदास बैठे थे। योगिराज श्रीकृष्ण और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भी सभा में थे। तभी नारद मुनि आ पहुँचे। सबने अभिवादन किया। मुनि बोले, महर्षि पतंजलि! आप इतने उदास क्यों हैं ? ऋषि ने कहा-“क्या बताऊँ तुमको ? मैंने अपना योगदर्शन का … Read more

जीवन हारी

मनोरमा जोशी ‘मनु’ इंदौर(मध्यप्रदेश)  ***************************************** स्पन्दित उर जग,कटु सत्यों सेविस्मित उर जग,के क्रन्दन सेमांग रहा है मुझसे,मैं जाऊं बलिहारी…जीवन क्या हारी ? कोमल पग ध्वनि,मम उर अंकितनयनों में करुणा,धन संचितनेह प्यालियां भर-भर,लुटवाऊँ में झारी…जीवन क्या हारी ? सुख मम जन,पीड़ा हर लेवेंउर मंदिर तव प्रतिमा।मैं हूँ एक पुजारी…जीवन क्या हारी ? परिचय–श्रीमती मनोरमा जोशी का निवास … Read more

देश का गौरव गान

सुखमिला अग्रवाल ‘भूमिजा’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************* विश्व हिंदी दिवस विशेष…. भाषा सहज सरल अति पावन,हर दिल की चाहत मन भावनमन मीत मनोहर लगे प्रतिपल,आओ सँवारें अपना कल। छल-छल बहती भाव सरिता,ये गाथा है पौराणिक पुनीताभारत भाल का है पावन टीका,सहेजे है अनुपम धरोहर नीका। ज्ञान-विज्ञान की उच्चतम शाला,देवनागरी है‌ सर्वोत्तम विशाला।हिलमिल हम सब महिमा गाएं,विश्व में इसका परचम … Read more

नई शुरुआत

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* ‘चलो,जैसे साल बीता,वैसे गिले-शिकवे की बीती बातें भूल जाओ! क्यों हठ करती हो बच्चों जैसी ? इतने साल बीत गए हैं साथ रहते,हम दोनों उन्हीं किनारों को पकड़े खड़े हैं,देखो,क्यों न नए साल में एक नई शुरुआत करते हैं। ‘“कौन-सी नई शुरुआत..!”“यही दिनभर चुप रहते हैं,एक-दूसरे का ख्याल रखते हुए दिन … Read more

उठो देश के युवाओं…

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** स्वामी विवेकानंद जी जन्म दिवस विशेष… उठो देश के भावी युवाओं,हिन्द ने तुम्हें बुलाया है।लक्ष्य से पहले रुको नहीं तुम,मार्ग ये हमको दिखाया है।देश को जिसने विश्व पटल पर,गौरव मान दिलाया है।विश्व-युवा उस विवेकानन्द का,आज जन्मदिन आया है।उठो देश के भावी युवाओं,हिन्द ने तुम्हें बुलाया है…॥ संस्कृति अपनी समग्र … Read more

साड़ीवाला…

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* मैं ऑफिस जाने के लिए जूता पहन ही रहा था,कि एक मोटा-ताजा आदमी अपने दोनों हाथों में गठरी ले कर मुझे नमस्कार करते हुए और मेरी उपेक्षा करते हुए घर में प्रवेश कर गलीचे पर बैठ गया,और गठरी खोलने लगा। मैं अचंभित रह गया,’न जान न पहचान-बड़े मियां सलाम’ वाली बात … Read more

गलतफहमी दूर करो

उमेशचन्द यादवबलिया (उत्तरप्रदेश) ************************************* मत रखो मन में कुछ शंका,मेहनत तुम भरपूर करो,रखो भरोसा खुद पर ही तुम,गलतफहमी को दूर करो…। स्वार्थ परता में साथ ना पकड़ो,परमार्थ तुम भरपूर करो,मन में कोई भ्रम मत पालो,गलतफहमी को दूर करो…। स्वार्थ परता में साथ जो आए,उसको खुद से तुम दूर करो,सोच-विचार में अवसर मत खोना,गलतफहमी को दूर करो…। … Read more

जीवनभर लोगों को ज्ञान दिया

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** स्वामी विवेकानंद भारत में पैदा हुए महापुरुषों में से एक है। अपने महान कार्यों द्वारा उन्होंने पाश्चात्य जगत में सनातन धर्म,वेदों तथा ज्ञान शास्त्र को काफी ख्याति दिलाई और विश्वभर में लोगों को अमन तथा भाईचारे का संदेश दिया।एक सामान्य परिवार में जन्म लेने वाले नरेंद्रनाथ अपने ज्ञान तथा तेज के … Read more

विश्व हिंदी दिवस पर मेरी गुहार

डॉ.एम.एल.गुप्ता ‘आदित्य’ मुम्बई (महाराष्ट्र) ************************************************* विश्व हिंदी दिवस विशेष….. जब अपने ही घर में हिंदी,लटकी अधर में,बच्चे लिख-पढ़ नहीं पा रहे हिंदी,घर में।हम लगे विश्व में,हिंदी का करने को प्रसार,जब जड़े ही सूख रही हों,तो सोचिए,पत्तों पर पानी डाल,कैसे आएगी बहार। जब नहीं मिलता देश में,हिंदी से रोजगार,तो विदेशों में हिंदी का कोई,क्या करेगा यार ?छोटी-सी … Read more

याद है आज ‘विश्व हिंदी दिवस’ है…

अशोक चक्रधरदिल्ली************************************************ विश्व हिंदी दिवस विशेष…. /अशोक चक्रधर,दिल्ली/ विधा- गद्य, वर्ग- आलेख, व्यंग्य,/ लिंक भेजना ashok@chakradhar.com/taig-००००००‘विश्व हिंदी दिवस’ मनाए जाने के पीछे ‘विश्व हिंदी सम्मेलनों’ की भूमिका रही है। उन्नीस सौ पचहत्तर से ‘विश्व हिंदी सम्मेलनों’ का सिलसिला चला। पहला नागपुर में हुआ,दूसरा सम्मेलन उन्नीस सौ छिहत्तर में मॉरीशस में। फिर ७ वर्ष के अंतराल … Read more