कान्ह! तू बोल किधर है ?

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ****************************************** आज मनाऍं आओ मिलकर,कान्हा जी का जन्मदिवस है।दही माखन में घोलें मिसरी,बधाईयाँ भारत जन-मन है। जयगान करें हम मनमोहन,लाल यशोदा जन्मोत्सव है।मदन मुरारी श्यामल सुन्दर,रंगनाथ कृष्ण दामोदर है। लाल यशोदा नटखट श्यामल,मन्द-मन्द मुस्कान अधर है।ख़ोजी यशुमति नंदलाल कहॅं,छिपत कान्ह तू बोल किधर है ? फोड़े मटका खाये माखन,उलहन ग्वालन … Read more

मिला न कोई भी तुम्हारे बाद

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** जश्न-ए-बहाराँ जब भी मनाया तुम्हारे बाद।तन्हा ही ख़ुद को पाया हमेशा तुम्हारे बाद। हमको ‘मिला न कोई भी तुम-सा तुम्हारे बाद।अब कौन देगा हमको सहारा तुम्हारे बाद। तुम ‘ही मिरे ह़बीब हो तुम ‘ही मिरे तबीब,देखेगा कौन ज़ख़्म जिगर का तुम्हारे बाद। यह भी नहीं ‘है याद तुम्हारी क़सम हमें,दर्पन भी … Read more

मेरे महादेव!

क्रिश बिस्वालनवी मुंबई(महाराष्ट्र)******************************** विष का प्याला पिए तभी तो शंकर हैं,आदि देव ये कालजयी अभ्यंकर हैं। दुष्टों के संहारक महाभयंकर हैं,खुले रोष में नेत्र यही प्रलयंकर हैं। हर हर महादेव! हर हर महादेव,ज्ञान शक्ति के अपरम्पार समुन्दर हैं। धर्म न्याय के रक्षक श्रेष्ठ क्षेमंकर हैं,सत्यम शिवम सुंदरम यही शुभंकर हैं। हृदय झांक के देख मनुज … Read more

हिंदी के साहित्यकार कब आत्मचिंतन करेंगे ?

निर्मलकुमार पाटोदीइन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************************** मेरा हिंदी जगत से जुड़े सभी साहित्यकारों से सीधा प्रश्न है कि वे बताएं कि उनकी रची कृतियों का प्रकाशन कितनी संख्या में होता है ?कम से कम पांच सौ,तीन सौ। ऐसे भी कितने हैं जिनकी कृतियों का प्रकाशन १ लाख,५ लाख अथवा १० लाख संख्या में होता है। क्या इस विषय में … Read more

अंतरराष्ट्रीय अटल काव्य प्रतियोगिता-२०२१

ऑस्ट्रेलिया। विश्व हिंदी सचिवालय(मॉरीशस),डॉ. बी.आर. आम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय(म.प्र.),न्यू मीडिया सृजन संसार ग्लोबल फाउंडेशन एवं सृजन ऑस्ट्रेलिया (अंतरराष्ट्रीय ई-पत्रिका) द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय अटल काव्य प्रतियोगिता-२०२१’ आयोजित की जा रही है। पत्रिका के सम्पादक डॉ. शैलैष शुक्ला ने बताया कि,विस्तृत सूचना पत्रिका की वेबसाईट (http:// srijanaustralia.srijansansar.com) पर उपलब्ध है। प्रतियोगिता हेत काव्य रचना भेजने की अंतिम तारीख … Read more

छोड़ दोगे यदि अभिमान…

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** मान-अभिमान के कारण,उजड़ गए न जाने कितने घरहँसते-खिलखिलाते परिवार,चढ़ गए इसकी भेंटफिर न मान मिला,न ही सम्मान मिलापर आ गया अभिमान,जिससे रूठ गए परिवार। हमें न मान चाहिए,न सम्मान चाहिएबस आपस का,प्रेम-भाव चाहिएमतभेद हो सकते हैं,फिर भी साथ चाहिएक्योंकि अकेला इंसान,कुछ नहीं कर सकताइसलिए सभी का,हमें साथ चाहिए। यदि आप सभी आओगे,एकसाथ … Read more

झुमका सोहे कान

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)************************************** नारी का श्रृंगार ये,झुमका सोहे कान।सुन्दर मुख हर पल हँसी,होंठों पर मुस्कान॥होंठों पर मुस्कान,लिए झुमका चमकाती।पायल की झंकार,सुरीली मन को भाती॥कहे ‘विनायक राज’,स्वर्ण चाँदी अति प्यारी।झुमका दोनों कान,पहनती सुन्दर नारी॥

बरसे पानी

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ********************************** रिमझिम-रिमझिम बरसे पानी।चहक उठी है चिड़िया रानी॥हरियाली पेड़ों पर छायी।डाल-डाल पर वह लहरायी॥ गलियाँ सारी सूनी रहती।रिमझिम पानी उसमें बहती॥मिट्टी की खुशबू है आती।सबके मन को वह बहलाती॥ रंग-बिरंगी तितली आती।बैठ पुष्प पर वह मुस्काती॥पुष्प रसों को वह पी जाती।जीवन में खुशियाँ बिखराती॥ पानी की बौछारें आती।सबके तन-मन को … Read more

अंधेरा नहीं रहेगा

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** बुरे तो हैं पर बुरा न देखो,कहते हैं वो अकुलाएअकल अंधे होते कुछ बंदे,भेड़चाल जो अपनाए। झूठ परोस लपेट चाशनी,छि कहे तो आँख दिखाएआँख मूंद कर चलने वाले,उजली दुनिया घबराए। चाहे अंधेरा रहे कायम,अंधा लो जमात सजाएसाथ निभाने अक्ल के पैदल,आँखें बांध चले आए। रहबर बना चल पड़े पीछे,अंधे का साम्राज्य बनाए।इक-इक कड़ी … Read more

हिन्दी का सजग प्रहरी पत्रकार-आचार्य शिवपूजन सहाय

डॉ. अमरनाथ*************************************************************** हिन्दी योद्धा……. आचार्य शिवपूजन सहाय के निधन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रामधारी सिंह दिनकर ने कहा था,-“अगर उनकी सोने की मूर्ति लगाकर,चारों ओर पत्तर पर हीरे जड़ दिए जाएं,तो भी उनकी हिन्दी-सेवा का प्रतिदान नहीं चुकाया जा सकता।” कर्मेन्दु शिशिर ने अपनी पुस्तक ‘पत्रकारिता के युग-निर्माता:शिवपूजन सहाय’ में लिखा है,- “जीवन … Read more