आज़ाद है वतन
शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** आज़ाद है वतनरहे आबाद ये वतन।नारों से वंदे मातरमगूँजेगा ये गगन॥आज़ाद है वतन… रक्षण करें है ईश इसभारत की आन का,रखते हैं ध्यान पुत्र हीभारत की शान का।करते हैं सर झुका केमाता भारती नमन।आज़ाद है वतन…॥ आया है पर्व पावनइसको मनायें हम,ये जश्ने आजादी हैखुशियां मनायें हम।माथे तिलक लगायेंमाटी है ये … Read more