नील गगन प्रतिबिम्ब चारु शुभ
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ****************************************** सम्भाषण शुभ आभरण मनुज,प्रतिबिम्बित मन भाव समझ ले।समरसता सदभाव सहज नित,मिटे सकल मन घाव समझ ले। नीलांचल अरुणाभ भोर जग,स्वच्छ सत्य आचार समझ ले।नवांकुरित नित पल्लव कोमल,नवजीवन आधार समझ ले। सदा सादगी प्रतिबिम्बित नित,प्रगति सुपथ निर्माण समझ ले।नीलकमल नीलाभरण सुभग,जनहितरत कल्याण समझ ले। नीलकण्ठ शंकर शिव सुन्दर,नील सरित जल … Read more