गाँव की याद

आदर्श पाण्डेयमुम्बई (महाराष्ट्र)******************************** हवाएं रुख बदलती है अब गाँव जाने को,घटाएं रुख़ बदलती हैं अब गाँव जाने को। घर-गाँव की वो पावन धरती,खेतों खलिहानों की मिट्टी। हमें बुलाती आज वही,जहां बचपन बीता खेल-कूद। जहां दादा-दादी का शासन,जहां प्यारी माता का आँचल। जहां पिता का मिलता प्यार-दुलार,जहां भाई-बहन का प्रेम अपार। जहां खुशबू बसती फूलों में,जहां … Read more

बेटियों की बात ही निराली

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)**************************************** बेटियों की बात ही निराली है,ये तो लगती ही बहुत प्यारी हैंजब हँसती हैं तो चहचहाता सारा उपवन,जीवन की हर कठिनाई कोहम हँसते-हँसते सह जाती हैं।फिर भी लोग हमें ‘अबला’ नारी कहते,पिता के घर की रौनक हैं हमतो पति के घर का सम्मान हैं,दो-दो घरों को सजाती हैंबंश बेल को बढ़ाती हैं।हम … Read more

बूढ़ी दादी

ऋचा सिन्हानवी मुंबई(महाराष्ट्र)************************************* ये बुज़ुर्गीयत भी एक अभिशाप है,रूह को तार-तार करती ये कथा हैएक बूढ़ी दादी रहती थी तनहा,दो बेटे थे-दोनों परदेसदादी ने पढ़ाया-लिखाया,लायक़ बनायापर क्या पता था कि बेटे,नहीं रहेंगे देसवो तो छेद भागेंगे परदेस।बूढ़ी दादी टकटकी लगाए,सुबह से रात बैठी रहती अपने द्वारपर पैसे आते-बेटे ना आते,और चिट्ठी में प्यारहर चिट्ठी को … Read more

सतमार्ग

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’इन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************* अपनी जान मत जला,सबका करते जा भला। सुमिरन कर राम नाम,मिट जाएगी हर बला। कोई बुरा न कर पाए,सतमार्ग पर जो चला। हर रंग में रंग जाता वो,माटी के सांचे में ढला। कोई भी लक्ष्य पा लेता,मुश्किलों में जो पला। गुरु चरण में रह ‘विनोद’,हर काम रहेगा फला॥ परिचय–विनोद कुमार सोनगीर … Read more

पिता के परिश्रम-प्रेरणा की महती भूमिका

सविता धरनदिया(पश्चिम बंगाल)**************************** ‘पिता का प्रेम, पसीना और हम’ स्पर्धा विशेष….. कहा गया है कि,’होनहार बिरवान के होत चिकने पात’ यानि कि अच्छे माता-पिता की अच्छी संतान ही होती है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि,एक परिवार में बच्चों की देखभाल करने के लिए माता-पिता दोनों की बराबर भूमिका है। पहले संयुक्त परिवार होते … Read more

दुनिया को असली भारत की पहचान कराई विवेकानन्द जी ने

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** माता काली जी के अनन्य उपासक,सन्त श्री रामकृष्ण परमहंसजी के प्रिय शिष्य,स्वामी विवेकानन्द जी को शत-शत नमन। सभी जानते हैं कि,स्वामीजी ने साधु बनकर दुनिया को असली भारत,यहां की संस्कृति और सभ्यता की पहचान कराई थी। कॉन्वेंट में पढ़े स्वामी जी ने अपनी जिज्ञासा के चलते ईश्‍वर को समझने व सनातन … Read more

पेट्रोल-डीजल में और आग लगनी चाहिए!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************** आजकल मूल समस्या से भटकाने का एक सूत्र-बड़ी समस्या खड़ी कर दो। जैसे सरकार एक क्षेत्र में सफल हो गई है तो उससे मंत्रमुग्ध होकर दूसरी विफलता को सामने रख देना,जैसे-हाथी पाँव में सब पाँव समाँ जाते हैं,उसी प्रकार पेट्रोल-डीजल के दाम का कारण विश्वव्यापी समस्या का नाम बताकर दाम बढ़ाओ। सरकार यह … Read more

आधुनिक जीवन में विज्ञान

सुजीत जायसवाल ‘जीत’कौशाम्बी-प्रयागराज (उत्तरप्रदेश)******************************************* विज्ञान जगत ने दिया है हमको नित नव आविष्कार,अब देश-विदेश,गली,बाजारों में समृद्ध हुआ व्यापारमोबाइल,इंटरनेट,कम्प्यूटर,चलचित्र है घर-घर पहुंचा,मनोरंजन,सुख-सुविधा का सपना प्रयत्न से हुआ साकार। प्रिय से प्रिया नित बात करे,बातों मे कटे पूरी रतिया,लैपटॉप में व्यस्त हुए भैया,वो सुने न किसी की बतियादेश की रक्षा में सदा सतर्क,बॉर्डर पर भारतीय जवान,बूढ़ी माँ … Read more

भारत माता और कवि

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)********************************* लिख रहा आज मैं कविता,सपने की एक कहानी,भारत माता रो-रो कर,आँखों भर लाई पानी। भारत माता ने पूछा,खोया सुख वैभव सारा,गलियों में क्यों चिंगारी,सड़कों पर क्यों अंगारा। धीरज रख मैया मेरी,वह समय शीघ्र आएगा,सारी दुनिया का फिर से,भारत गुरु कहलाएगा। विश्वास करो माँ कवि का,वैभव अवश्य आएगा,मतलब कुनबे का जग को,भारत … Read more

जहाँ एहसास,वहाँ सावन

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** झड़ी लगती नहीं तो क्या,कभी होगा नहीं सावन,खिजाँ हरदम कहाँ थमती,कभी तो आएगा सावन। छुआ शब्दों न पूछ ऐसा,लगे स्पर्श मुझे सावन,जहाँ एहसास भीगे मन,भरे पतझड़ वहाँ सावन। रवानी शब्द की ऐसे,बने अल्हड़ नदी सावन,तराशे तुम बना हीरा,अगढ़ पत्थर पड़ा सावन। दरारें मौन की मिट्टी,बहाती प्रीत भरी सावन,सुनो दिल दरकते कच्चे,बहे दीवार भी … Read more