बहला जाते हो
ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** बोझिल दिन बहला जाते हो,नूर अजब नहला जाते हो। हम जब भी तन्हा होते हैं,तुम चुपके से आ जाते होनम बरसातों भून करारा,यादों को पकड़ा जाते हो। कानों में सरगोशी करते,बालों को सहला जाते होना खोलो जुम्बिश हाथों की,ख्यालों में झुला जाते हो। जब जाने की बातें करते,नाज़ुक दिल दहला जाते होबोलो जब … Read more