उपहार

सुलोचना परमार ‘उत्तरांचली देहरादून( उत्तराखंड) ******************************************************* ईश्वर ने जब इंसान को भेजा, धरती पर तो दिए अनन्त उपहार। ये धरती को स्वर्ग बनायेगा, और करेगा उसे भरपूर प्यार। उसने भी धरती को स्वर्ग बनाया, और बच्चों को दिए अच्छे संस्कार। जंगलों को तो हरा-भरा किया, सभी को दिया हवा-पानी उपहार। समय बीतते मानव भी देखो, … Read more

उत्तराखण्ड की राजनीति से प्रकाश पन्त का जाना

शशांक मिश्र ‘भारती’ शाहजहांपुर(उत्तरप्रदेश) ************************************************************************************ लम्बे समय से उत्तराखण्ड की राजनीति में सक्रिय भाजपा की हर सरकार में महत्वपूर्ण दायित्व के साथ उपस्थिति दर्शाने वाले प्रकाश पन्त ने अमेरिका में ५ जून २०१९ को अन्तिम साँस ली। वह कैंसर के इलाज के लिए ३० मई को अमेरिका ले जाये गये थे। लम्बे समय से कैंसर … Read more

सभी औरतें दलित हैं

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** “संसार की सभी औरतें दलित हैं” कमला कहाँ है ? ढूँढो! मिलेगी कहीं कीचड़ में, गाँव के बाहर कहीं निर्जन में समेटती, अपने लिए थोड़ी-सी छाँवl नहीं हो सकती लक्ष्मी को समर्पित, नहीं मेट सकती अपना दलिदर उसकी दलक बहुत है गहरीl रात की थाली में निश-दिन है … Read more

मातृभूमि…तेरे चरणों में वंदन

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** भारतमाता भाग्य विधाता,तेरे चरणों में वंदन है, तेरी कर्ज चुका न पाऊं,मेरा सादर अभिनन्दन है। रज कण में खेले कूदे,इस मिट्टी की सौगंध है, हम पर दया कर माँ,तेरे चरणों में अभिनंदन हैl इस मिट्टी में जन्म लिया,हम आपके पुत्र-पुत्री हैं, हम सबकी माता आप,तेरे चरणों में अर्पण है। … Read more

सुधर जाओ वरना,सब पछताएंगे

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* पानी की मची है त्राहि पृथ्वी भी है गरमाई, शुद्ध पर्यावरण हो तब ही जी पाएंगेll मिट गई हरियाली जंगल हो गए खाली, वन्य प्राणियों के लिए जंगल बचाएंगेll प्रदूषण कम करें जीवन में श्रम करें, पर्यावरण के लिए वृक्षों को लगाएंगेll जल पवन शुद्ध हो न धरा ताप वृद्ध … Read more

आत्मविश्वास

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************ मैं ईर्ष्या हूँ,मेरी बड़ी बहन का नाम है निंदा,और छोटी का चुगली। हमारा एक भाई भी है जिसे हम प्यार से तनाव कहते हैंl हम चारों भाई- बहनों में बड़ा एका है,हम हमेशा कमजोर व्यक्तियों की तलाश में भटकते हैं। ऐसे व्यक्ति मिलते ही सबसे पहले मैं अपना ताना-बाना उसके चारों … Read more

तीसरी भाषा के रुप में हिंदी अथवा अन्य भारतीय भाषा का विकल्प दिया जाए

हरिसिंह पाल ******************************************************* शिक्षा नीति २०१९ के प्रारुप पर भाषा को लेकर बवाल……….. हम त्रिभाषा सूत्र के नाम पर हिंदी भाषा-भाषी लोग संस्कृत लेकर इतिश्री कर लेते हैं। अन्य भारतीय भाषाओं की ओर मुँह उठाकर भी नहीं देखते। यह दर्द सिर्फ तमिलनाडु का ही नहीं है,आप कर्नाटक ले लीजिए या मिजोरम,सबमें यही रोष है। बस … Read more

मेरी ये पीड़ा समझोगे कभी!

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’ जमशेदपुर (झारखण्ड) ******************************************* धरती कहे पुकार के… जरा देख मुझे संतान मेरी, अपने हृदय के प्यार से अपने चक्षु की नमी से, कब समझोगे मेरा प्रेम जो सदा है समर्पित, तुम्हारे लिए सदियों से। और तुम लूटते हो मेरा सौन्दर्य, मेरी मुस्कान चीर देते हो मुझे… मेरी ये पीड़ा, जो समझोगे … Read more

एक दिन धरा पर..

गंगाप्रसाद पांडे ‘भावुक’ भंगवा(उत्तरप्रदेश) **************************************************************** ये चुभती धूप, ये चिलचिलाती गर्मी वस्तुतः ऋतु परिवर्तन के कारण ही है, परंतु इसकी अति, व असामयिक गति के कारक हम स्वयं हैं, प्रकृति से चल रही छेड़छाड़, अत्यधिक सुख भोग की मानव की चाह, मानव कृत प्रदूषण की भरमार, कटते वन, बढ़ती पालीथिन कारखानों जनित विषाक्त कचरा, वाहनों … Read more

सुख की खाई को है पाटा

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* आज समस्या हुई अनेक, कैसे हो अब निराकरण आओ मिल-जुलकर करें, स्वच्छ चहुँ दिशि पर्यावरण। निर्मलता से वृक्षों को काटा, सुख की खाई को है पाटा दूभर हो अब जीव भरण, जब शुष्क हुआ पर्यावरण। हरियाली का ह्रास हुआ, वृक्षों का विनाश हुआ शुद्ध वायु के अभाव में, दूषित सबकी … Read more