नया साल आया है

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* माँ,आज तो नया साल आया है, पापा का दोस्त देखो खिलौने लाया है। जिनको तरसती थी निगाहें हमारी, अब फूली नहीं समाती मन की क्यारी, पापा का दोस्त नहीं,नया साल आया है॥ बरसात में भीग गई थी राजकुमार की किताब, रह गया था अधूरा पढ़ने का ख्वाब। देखो! डाकिया … Read more

सीने में अंगारे

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** अंगारे धधक रहे हैं सीने में, इन्हें शान्त न कर… कूद पड़े इस जंग में, हमें रोका न कर। लालच नहीं है सत्ता की, न्याय के साथ ये कहता हूँ… गीदड़ भालूओं की तरह, ना मैं वादा करता हूँ। उड़नखटोले में बैठकर, आसमान में उड़ते हो… झूठा सपना हमें दिखाकर, कुर्सी … Read more

परख

डॉ.शैल चन्द्रा धमतरी(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** फेसबुक में उस फेसबुक दोस्त से आशा की अच्छी दोस्ती हो गई थी। उसका फेसबुक दोस्त विजय उससे फेसबुक पर प्रेम निवेदन कर चुका था। वह आशा को प्रतिदिन प्रेम पगा संदेश भेजता। वह आशा से मिलने के लिए बैचेन था। उसने आशा को संदेश किया कि नववर्ष में उसने होटल … Read more

इस शहर में

सोनू कुमार मिश्रा दरभंगा (बिहार) ************************************************************************* रैन में छाया घनघोर अंधेरा,प्रभात लेकर आया कुहासा, दर्द से तड़पते,करवटें बदलते,मन में लिए विकट निराशा छीन हो चुकी थी,दीन हो चुकी थी उसके जीवन की आशा, कहर को झेलते,सफर को देखते,थी चलने की प्रत्याशा। सड़क के किनारे,कराहते-चिल्लाते,तम की तमतमाहट में, सुधाकर,दिवाकर के द्वारा दी गई तपन की कड़वाहट … Read more

प्रेम की धारा

भानु शर्मा ‘रंज’ धौलपुर(राजस्थान) ***************************************************************** समंदर-सा हृदय समझकर जो तेरा, प्रेम की धारा बहा दी बडे़ चाव से छीन रहा है महक देखिये तो मधुप, खिलते हुए कोई प्रीत के गुलाब से। विश्वास का एक घर बनाया हमने, प्रेम की प्रतिमा को स्थापित करूँ शाप से जो अधूरा रह गया प्रेम, बहा के गंगा उसे … Read more

शहादत,राजनेताओं पर बड़ा उपकार

रोहित दाधीच कोटा(राजस्थान) ***************************************************** सैनिकों की शहादत इन राजनेताओं पर,बहुत बडा उपकार है। देशभक्ति को राजनीति से जोड़ रहे,राजनीति दलाली का बजार है। कभी नेताओं के पूत जाते क्यों नहीं,सीमाओं पर शहादत को, यह चुनावी मौसम में सैनिकों की देशभक्ति का हो रहा व्यापार है॥ राम नाम पर वोट माँगते रहे,अब राम जन्मभूमि पर मन्दिर … Read more

चुनाव

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** गालियाँ ही गालियाँ हैं,नेताओं के मुख पर। आ के देव भारत को,आप ही बचाईए॥ पायें नहीं तख्तो-ताज,भूल से न मिले राज। लीला कोई ऐसी प्रभु,आप ही रचाईए॥ जाति-धर्म से इतर,देश है होता ऊपर। आज धरा में उतर,आप ही बताईए॥ वोटरों में फेंक जाल,चलते कुटिल चाल। नटखट रूप धर,खुद समझाइए॥ फिर … Read more

नेता घूमे गाँव-गाँव

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** देखो आया है चुनाव,नेता घूमे गाँव-गाँव, न देखे वो धूप-छाँव,वोट की ही चाह में। होंठों पर है मुस्कान,खींचे सबका वो ध्यान, ले के वादे की दुकान,चलता है राह में। जो न सपने में देखा,वो मुहल्ला का भी लेखा, रखता है देखो नेता,अपनी निगाह में। जीतकर जो भी जाता,नित खीर-पूड़ी … Read more

तृप्ति

विजयसिंह चौहान इन्दौर(मध्यप्रदेश) ****************************************************** कालू,भूरू,और गोरिया यथा नाम तथा गुण के साथ रंग-रूप से भी मेल खाते,तीन दोस्त… तीनों कल रतलाम वाले बाबूजी की शवयात्रा में न्यौछावर की गई चिल्लर (सिक्के)लूट रहे थे। ‘राम नाम सत्य है’ के बीच जीवन का शाश्वत सत्य ‘पैसा’ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा था। तकरीबन ३ किलोमीटर तक शवयात्रा … Read more

सत्य की राह

मनीषा मेवाड़ा ‘मनीषा मानस’ इन्दौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************************** सत्य की राह चले जो हम तो, पैरों में काँटे चुभ आये। बाधाएं-ही-बाधाएं आयीं, ठोकर हमने पल-पल खायी। सत्य की राह चले जो हम तो, पैरों में काँटे चुभ आये॥ हँसी-ठिठोली खूब बनायी, सफलता भी रास ना आयी। सत्य की राह चले जो हम तो, पैरों में काँटे चुभ … Read more