हिंसक राजनीति में ध्वस्त होता लोकतंत्र
ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव का समूचे देश में कमोबेश शांतिपूर्ण रहना जितना प्रशंसनीय है,उतना ही निंदनीय है पश्चिम बंगाल में उसका हिंसक, अराजक एवं अलोकतांत्रिक होना। चुनावों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुरूआत मानी जाती है,पर पश्चिम बंगाल में चुनाव लोकतंत्र का मखौल बन चुके हैं। वहां चुनावों में वे तरीके अपनाएं … Read more