बुजुर्गों के प्रति हो समुचित व्यवहार

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस (१अक्टूबर) विशेष… आजकल हमारे समाज में बुजुर्ग-सयाने लोगों की बहुत दयनीय स्थिति है। विशेष रूप से वो वृद्ध, जिनकी आमदनी का कोई जरिया नहीं रहता है। इसके अलावा जिन बच्चों को पढ़ाया-लिखाया, वक्त के साथ उनके व्यवहार-नजरिए में अंतर आ जाता है। जो पेंशन भोगी हैं, वे कुछ सीमा तक … Read more

कब तक पालेंगे साम्प्रदायिकता का रोग !

ललित गर्गदिल्ली************************************** कांग्रेस और उसके नेताओं ने लोकसभा एवं विधानसभाओं के चुनाव आने से पहले अपनी राजनीति चमकाने के लिए समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांटने का काम शुरु कर दिया है, लेकिन इस तरह की जहर उगलने वाली राजनीति के चलते धार्मिक सौहार्द बिगड़ रहा है। दल के ही एक बुजुर्ग … Read more

चुनाव:जनता अशिक्षित, लालची या असमंजस में!

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** जो अशिक्षित है वे ‘लाचार’ नहीं, बल्कि ‘लालची’ हैं। मतों के सौदागर चुनाव के दौरान उन्हें शराब बाँटते हैं, कम्बल बाँटते हैं, नकदी बाँटते हैं,जमीन बाँटते हैं और वे लोग लालचवश उसी प्रत्याशी को मत देते हैं, जबकि…पढ़ी-लिखी जनता इस ‘असमंजस’ में रहती है कि मत किसे दें ?कौन है सही प्रत्याशी … Read more

राष्ट्र के पुनरुत्थान में साहित्य की भूमिका

सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** ‘साहित्य का कर्तव्य ज्ञान देना ही नहीं है, परन्तु नया वातावरण देना भी है।’ डाॅॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनराष्ट्र के पुनरुत्थान में साहित्य की भूमिका का आंकलन करने के लिए हमें ज्ञात है कि, भारत एक राष्ट्र है और इसका लोकतांत्रिक होना इसे पूर्ण राष्ट्र के रूप में निरूपित करता है। … Read more

राजनीतिक शुचिता के लिए चुनावी चोट आवश्यक

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* चिंतन… किसी भी देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान प्रधान-मुखिया की आस्था पर निर्भर करता है। मुखिया का प्रभाव जनता पर पड़ता है और जनता की भावनाएं मुखिया पर पड़ती हैं। कोई भी मुखिया पूरे देश की जनता पर नियंत्रण नहीं कर सकता, और जनता अपने मुखिया (कैबिनेट और विधायक-सांसद) के क्रियाकलापों-आचरण पर … Read more

आतंकवाद के कंधों पर चलती राजनीति और कनाडा की सरकार

डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** यह कोई नई बात नहीं कि, जब भारत सहित अनेक देशों में राजनीतिक दल और अनेक नेता अपनी सत्ता के लिए प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अलगाववादियों, आतंकवादियों और अन्य विध्वंसक संगठनों की प्रत्यक्ष और परोक्ष मदद लेकर उनकी मदद करते हैं या उन्हें बढ़ावा देते हैं। इस मामले में सर्वाधिक … Read more

नारी का राजनीतिक जीवन भी अमृतमय बने

ललित गर्गदिल्ली************************************** भारतीय संसद के नए भवन के पहले सत्र का श्रीगणेश अनेक दृष्टियों से ऐतिहासिक, यादगार एवं अविस्मरणीय रहा। अनेक नए अध्याय एवं अमिट आलेख रचे गए, जिनमें सरकार और विपक्ष के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध की दुर्लभ तस्वीर सामने आई, वहीं ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम २०२३’ के रूप में नारी शक्ति के अभ्युदय का … Read more

शिव जी जैसे पति अवश्य बनिए

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** हरतालिका तीज विशेष… भगवती माँ पर्वतराज पुत्री पार्वती शिव जी को ही अपना वर वरण करने के लिए घनघोर जंगल में तपस्या रत हो गई। दूब का रस, दूर्वा, पर्ण खा कर अपर्णा, इत्यादि नाम रखती। शिव जी को प्रसन्न होते न देखकर मात्र जल में रहने लगी। शिव जी को न … Read more

गणेशोत्सव पर्व के उद्देश्य आज कितने सार्थक ?

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* गणेश चतुर्थी विशेष… गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है, जो भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता है, किन्तु महाराष्ट्र व कर्नाटक में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इसी दिन गणेश का जन्म हुआ था। गणेश चतुर्थी पर हिन्दू भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। … Read more

भारतीय भाषाएँ:कहीं देर न हो जाए!

डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** ‘हिंदी दिवस’ विशेष… हिंदी और भारतीय भाषाओं का जो हश्र आजादी के बाद हुआ, वह विचारणीय ही नहीं चिंताजनक भी है। स्वाधीनता के समय ९९ फीसदी से भी अधिक लोग मातृभाषा में पढ़ते थे और अब गाँव-गाँव तक एवं नर्सरी से ही अंग्रेजी माध्यम छा गया है। अगर हिंदी की बात … Read more