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कर दे सब बुराईयों का अंत

डॉ.किशोर जॉन
इंदौर(मध्यप्रदेश)
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अधर्म पर धर्म की जीत
या पुण्य की पाप पर,
बुराई पर अच्छाई की
या असत्य पर सत्य की,
पूज्यनीय है कर्म राम क़े
पूज्यनीय है धर्मl
विडम्बना मेरे अस्तित्व की
समझ है मेरे चित की,
है ये मान्यताओं का आधार
आज राम है मंदिर में,
और रावण है हमारे अंदरl
किसको मारोगे,और कौन
खुद को मार नहीं सकते,
परीक्षा आज न राम की है
न है परीक्षा रावण कीl
तू खुद ही राम है
तू ही है वो रावण,
मार सके तो मार ले
अपने अंदर के रावण कोl
न कर परम्पराओं का इंतज़ार
मिटा दे सब दूरियां,
कर दे सब बुराईयों का अंत
जान लें सब,कि राम का अनुयायी,
आज फिर राम की राह पर है…
और ये मेरा राम ऱाज्य हैll

परिचय- डॉ.किशोर जॉन फ़िलहाल सह-प्राध्यापक के रुप में रीवा(मध्यप्रदेश) के शासकीय महाविद्यालय में सेवारत हैं। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में शिक्षित डॉ. जॉन मध्यप्रदेश के इंदौर में ही रहते हैंl आप विशेष कर्त्तव्य अधिकारी के पद पर अतिरिक्त संचालक(उच्च शिक्षा विभाग,इंदौर संभाग) कार्यालय में इंदौर में पदस्थ रहे हैं। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान सहित वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रबंध में आप स्नातकोत्तर हैं। आपको २३ वर्ष का शैक्षणिक एवं प्रशासकीय अनुभव है तो, राष्ट्रीय-अन्तराष्ट्रीय स्तर पर ३० से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत एवं प्रकाशित किए हैं,एवं ३ पुस्तकों के सम्पादक भी रहे हैंl आपकी लेखन विधा कविता और लेख है।

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