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टेंशन

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’
धनबाद (झारखण्ड) 
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चहुंओर है टेंशन ही टेंशन,
बच्चों को है परीक्षा का टेंशन
बड़ों में भी है री-एडमिशन का टेंशन,
नौकरीपेशा को है करकटौती का टेंशन
व्यापारी को है जीएसटी की उलझन,
चहुंओर है टेंशन ही टेंशन…।

किसानों को है पानी का टेंशन,
अफसरों को है समय का टेंशन
दलालों को है दलाली का टेंशन,
प्रत्याशियों को है वोट का टेंशन
आतंकी को है मोदी का टेंशन,
चहुंओर है टेंशन ही टेंशन…।

बेरोजगारों को है नौकरी का टेंशन,
रोजगारों को है टारगेट का टेंशन
डॉक्टर को है स्वच्छता का टेंशन,
नेताओं को है सम्पन्नता का टेंशन
अभिनेताओं को है कामयाबी का टेंशन,
चहुंओर है टेंशन ही टेंशन…।

लालू को है चारे का टेंशन,
युवराज को बस इशारे का टेंशन
केजरीवाल को है खांसी का टेंशन,
गरीबों को है राशि का टेंशन
राहुल को है चपरासी का टेंशन,
विपक्षियों को है बस उनका… ही टेंशन
भाई चहुंओर है टेंशन ही टेंशन,
चहुंओर है टेंशन ही टेंशन…।

गरीबों को है रोटी का टेंशन,
अमीरों को है चोरी का टेंशन
साधारण को है असाधारण टेंशन,
कुवाँरों को है सेटिंग का टेंशन,
शादी-शुदा को है बीबी का टेंशन
चहुंओर है टेंशन ही टेंशन…।

पिता को है बेटे का टेंशन,
बेटे को है बहू का टेंशन
बहू कहे पिता को मिलती है पेंशन,
फिर पिता से क्यों है कनेक्शन
भाई चहुंओर है टेंशन ही टेंशन…।

बीबी कहे हमें काहे का टेंशन,
हमें ला दो जल्दी से कपड़े,राशन
काम की व्यवस्था वस्था करो तुम,
और मुझे दे दो सिंहासन
भाई चहुंओर है टेंशन ही टेंशन,
चहुंओर है टेंशन ही टेंशन…।

यदि हम करें कार्य सुव्यवस्थित हो सारे,
छूमंतर हो जाएंगी तब सब उलझन प्यारे
फिर जीवन में अधूरे न होंगे कोई सेशन,
और ना होंगे किसी के भी जीवन में टेंशन।
और ना होंगे किसी के भी जीवन में टेंशन॥

परिचय-साहित्यिक नाम `राजूराज झारखण्डी` से पहचाने जाने वाले राजू महतो का निवास झारखण्ड राज्य के जिला धनबाद स्थित गाँव- लोहापिटटी में हैl जन्मतारीख १० मई १९७६ और जन्म स्थान धनबाद हैl भाषा ज्ञान-हिन्दी का रखने वाले श्री महतो ने स्नातक सहित एलीमेंट्री एजुकेशन(डिप्लोमा)की शिक्षा प्राप्त की हैl साहित्य अलंकार की उपाधि भी हासिल हैl आपका कार्यक्षेत्र-नौकरी(विद्यालय में शिक्षक) हैl सामाजिक गतिविधि में आप सामान्य जनकल्याण के कार्य करते हैंl लेखन विधा-कविता एवं लेख हैl इनकी लेखनी का उद्देश्य-सामाजिक बुराइयों को दूर करने के साथ-साथ देशभक्ति भावना को विकसित करना हैl पसंदीदा हिन्दी लेखक-प्रेमचन्द जी हैंl विशेषज्ञता-पढ़ाना एवं कविता लिखना है। देश और हिंदी भाषा के प्रति आपके विचार-“हिंदी हमारे देश का एक अभिन्न अंग है। यह राष्ट्रभाषा के साथ-साथ हमारे देश में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। इसका विकास हमारे देश की एकता और अखंडता के लिए अति आवश्यक है।