अजय जैन ‘विकल्प’
इंदौर (मध्यप्रदेश)
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सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)…
‘माँ’,
दुनिया मेरी
माँ का आँचल,
कोई नहीं
तुझसा।
‘माँ’,
असीम ऊर्जा
हरपल हृदय साथ,
तू सृष्टि
जगत।
‘माँ’,
रूप ईश्वर
घर ही मंदिर,
माँ चरण
तीर्थ।
‘माँ’,
सर्वश्रेष्ठ गुरु
सिखाती दुनियादारी,
जीवन रक्षक
आँचल।
‘माँ’,
बड़ी बलिदानी
कर्ज चुकाना असम्भव।
प्रेम मूरत,
ब्रह्मांड॥