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रामजी आ रहे

नीलम तोलानी ‘नीर’
इंदौर(मध्यप्रदेश)
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रामनवमी विशेष…

पुण्य से भाग्य से, रामजी आ रहे।
नव्यनिर्माण के, गीत हम गा रहे॥

जग करे आरती, राम के नाम की,
मंत्र है तंत्र है, शक्ति ये राम की।
द्रव्य का दान दे, एक विश्वास को,
भव्य मंदिर बने, यश पुनर्वास को।
लुप्त इतिहास को,खोजने आ रहे,
नव्यनिर्माण के, गीत हम गा रहे॥

राम के राज्य में, सभ्यता थी फली,
पावनी कामना, हृद सभी के पली।
उल्लसित भारती, दृग बिछाए खड़ी,
राम आये धरा, चाहना है बड़ी।
दिव्य से स्वप्न ये, व्योम पर छा रहे,
नव्यनिर्माण के, गीत हम गा रहे॥

कोटिशः-कोटिशः धन्य है आगमन,
श्रेष्ठ संकल्प है, भक्ति का आचमन।
घोर वनवास था, इस सदी ने सहा,
पाप में श्राप में, रोज अपने दहा।
मोक्ष की आस से, प्रभु हमें भा रहे,
नव्यनिर्माण के, गीत हम गा रहे॥

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