पहली बारिश

शिवेन्द्र मिश्र ‘शिव’लखीमपुर खीरी(उप्र)**************************************************** छाई अंधियारी गगन,दिवस लगे ज्यों रात।चमक रही है चंचला,आएगी बरसातllआएगी बरसात,सुहाना लगता मौसम।नाचे मन का मोर,देखकर शोभा अनुपमllकहता ‘शिव’ दिव्यांग,बहे शीतल पुरवाई।घिरी घटा घनघोर,गगन अँधियारी छाईll मन मयूर नर्तन करे,ऐसी पड़े फुहार।पहली बारिश से उठे,अंतस में उद्गारllअंतस में उद्गार,रही ऋतु ले अँगड़ाई।बेकाबू जज्बात,चली ऐसी पुरवाईllकहता शिव दिव्यांग,कूकती कोयल उपवन। देख प्रकृति … Read more

दर्पण

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)******************************************************************** झूठ नहीं है बोलता,दर्पण सच्चा मित्र।सभी दिखा देता यही,भूत समय का चित्रll कोई बच पाता नहीं,दिखलाता तस्वीर।भस्म छिपा ज्यों आग हो,मानव जो गंभीरll सोच-समझ सब कर्म हो,दर्पण से बच यार।नहीं छिप सकता कभी,जो भी हो संसारll पाप-पुण्य लेखा सभी,होते उसके पास।सोच-समझ करना सभी,कर्म धीर विश्वासll ये मन दर्पण-सा लगे,देख न … Read more

महत्वाकांक्षा-सम्मान न मिलना मानसिक रोग तो नहीं!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** वर्तमान राजनीति महत्वाकांक्षा और सम्मान न मिलना यानी अपमान इस समय राजनीति में बहुत अधिक प्रचलन में है। ऐसा कौन व्यक्ति होगा,जिसकी सभी महत्वाकांक्षा पूरी हुई होगी और ऐसा कौन व्यक्ति न होगा जिसकी कभी बेइज्जती न हुई हो। व्यक्ति जन्म लेता है,यदि वह घर में बड़ा हुआ और उसके छोटे भाई-बहिनों ने … Read more

राष्ट्रवाद ही भारतीयता

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)******************************************************************* हर देशवासी कहता है कि उसे अपनी मातृभूमि से,अपनी मिटटी से प्रेम है,किन्तु क्या हम वाकई अपनी मातृभूमि से प्रेम करते हैं या सिर्फ छद्म देशभक्ति का लबादा ओढ़े रहते हैं। वैश्वीकरणके इस दौर में देशभक्ति एवं राष्ट्रीयता के मायने बहुत संकुचित हो गए हैं। १९४७ में कहने को तो हम … Read more

मोहब्बत

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** मोहब्बत का एक संदेश,तुम्हें हम भेज रहे हैंलगाकर दिल से तुम इसे,रख लेना अपने पास।फिर भी याद आए तो,बुला लेना दिल से तुममैं आ जाऊंगा तुम्हारे पास,बुलाना सच्चे मन से तुमll बहुत गहरी होती है,मोहब्बत की दोस्तीजिसमें दिल और दिमाग,उलझे रहते हैं हरदम।बनाने का वो सोचते हैं,बड़ा एक आशियानाजिनमें रह सके वो,बड़ी … Read more

सबक एक मर्तबा दे दो

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)********************************************************* हाय,कोई उसे दवा दे दो,बेहया चीन को वफा दे दो। उसकी करतूत उसको मारेगी,ये सबक एक मर्तबा दे दो। उसको इंसानियत का कोई भी,एक छोटा-सा फलसफा दे दो । ‘कोरोना’ ला के खुद से हारा है,उसको एहसास ऐ खुदा दे दो। जो किसी का बुरा नहीं करता,इस वतन की उसे हवा दे दो॥ … Read more

हमें देता जीवनदान

मनोरमा जोशी ‘मनु’ इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** ‘चिकित्सक’ की एक मुस्कान,आधे रोग का निदानचिकित्सक का हम पर,बड़ा अहसानहमें देता है जीवनदान।वो देता है खुशी और हम,लूटते हैं उनकी खुशीउनका ऐशो-आराम,परिवार के साथ बिताने,का अवसर।पहुँचते हैं वक्त-बेवक्त कभी भी,वो निभाता है अपना कर्तव्यलगती है कोई चोट ,वह पहन आता है सफेद कोट।मारने वाले से बचाने वाला बड़ा,अस्पताल में चिकित्सक … Read more

‘नीर’ से साँसें

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** ‘नीर’ लिए आशा सदा,नीर लिए विश्वास।नीर से साँसें चल रही,देवों का आभास॥ अमृत जैसा है ‘शरद’,कहते जिसको नीर।एक बूंद भी कम मिले,तो बढ़ जाती पीर॥ नीर बिना जीवन नहीं,अकुला जाता जीव।नीर फसल औ’ अन्न है,नीर ‘शरद’ आजीव॥ नीर खुशी है,चैन है,नीर अधर मुस्कान।नीर सजाता सभ्यता,नीर बढ़ाता शान॥ जग की रौनक … Read more

बारिशों में गीत भीगे

प्रदीपमणि तिवारी ध्रुव भोपालीभोपाल(मध्यप्रदेश)********************************************************************** (रचना शिल्प:मात्रा भार-यति-१४-१४, वज़्न-२१२२-२१२२-२१२२-२१२२,अर्कान -फाइलातुन×४) बारिशों में गीत भीगे,बादलों ने कह सुनाया,पावसी घनघोर मौसम,गीत सबने गुनगुनाया। बैठ पादप कूक मारे,वो पपीहा है मगन मन,आज हर्षित है भुवन पर,आज रमणी का विकल मन।शोर में था मोर नाचा,मोरनी ने सुर लगाया,पावसी घनघोर मौसम,गीत सबने गुनगुनाया॥ आज चकवा और चकवी,गान विरहा गा रहे वो,चाँद बिन … Read more

सावन और बचपन

रोशनी दीक्षितबिलासपुर(छत्तीसगढ़)********************************************************************* आज शाम से ही मूसलाधार बारिश हो रही है। सड़कों पर धीरे-धीरे पानी भरना शुरू हो गया है। टी.वी. पर भारी बारिश की चेतावनी की खबर आ रही थी। मेरे १० वर्ष के बेटे ने सहसा ही मुझसे पूछ लिया-“मम्मी जो लोग सड़कों पर रहते हैं,जिनके घर नहीं हैं वो लोग क्या करेंगे … Read more