पहली बारिश
शिवेन्द्र मिश्र ‘शिव’लखीमपुर खीरी(उप्र)**************************************************** छाई अंधियारी गगन,दिवस लगे ज्यों रात।चमक रही है चंचला,आएगी बरसातllआएगी बरसात,सुहाना लगता मौसम।नाचे मन का मोर,देखकर शोभा अनुपमllकहता ‘शिव’ दिव्यांग,बहे शीतल पुरवाई।घिरी घटा घनघोर,गगन अँधियारी छाईll मन मयूर नर्तन करे,ऐसी पड़े फुहार।पहली बारिश से उठे,अंतस में उद्गारllअंतस में उद्गार,रही ऋतु ले अँगड़ाई।बेकाबू जज्बात,चली ऐसी पुरवाईllकहता शिव दिव्यांग,कूकती कोयल उपवन। देख प्रकृति … Read more