होली

बाबूलाल शर्मासिकंदरा(राजस्थान)************************************************* रचना शिल्प-८,८, ८,७ वर्ण, संयुक्त वर्ण एक ही माना जाता है।कुल ३१ वर्ण-१६,१५, पर यति हो,( , )पदांत गुरु(२) अनिवार्य है,चार पद सम तुकांत हो,चार पदों का एक छंद कहलाता है।)रूप रंग वेष भूषा,भिन्न राज्य और भाषा,देश हित वीर वर,बोल भिन्न बोलियाँ। सीमा पर रंग सजे,युद्ध जैसे शंख बजे,ढूँढ-ढूँढ दुष्ट मारे,सैनिकों की टोलियाँ। … Read more

धरती जगमगानी चाहिए

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)***************************************************************** फिर मुझे तेरी ज़बानी चाहिए।एक सुन्दर सी कहानी चाहिए। वाम दक्षिण हो चुका किस्सा बहुत,अब मईसत दरमियानी चाहिए। भूल कर किस्से पराजय के सभी,फिर से किस्मत आज़मानी चाहिए। देश की जब आन का हो मसअला,देश की इज्ज़त बचानी चाहिए। काल ‘कोरोना’ कभी जब खत्म हो,फिर से धरती जगमगानी चाहिए॥ … Read more

अपनापन

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** दिल के झरोखों से,प्यार झलकता हैआपकी वाणी में,अपनापन दिखता है।तभी तो आपसे निगाहें,मिलाने को मन करता हैऔर तुम्हें दिल से,अपनाने का मन करता है॥ कौन कहता है कि तुम,दिल नहीं लगा सकतेऔर किसी को अपना,बन नहीं सकते।क्योंकि दोस्तों ये,दिल का मामला हैजिसे पत्थर दिल,निभा नहीं सकते॥ फूलों की तरह सुंदर हो,दिल से … Read more

अच्छा लगता है…

सविता सिंह दास सवितेजपुर(असम) ************************************************************************ सावन में थोड़ीबावरी बनना,अच्छा लगता हैपिस-पिस जाती,फिर आस मन कीतेरे उखड़े-उखड़ेस्वभाव से पिया।यूँ पिसकर भी,मेहंदी सम महकनाअच्छा लगता है।मन की सतहरेगिस्तान बनी,जेठ-आषाढ़ मेंतपती रह गईइच्छाएँ सारी।फिर पावस मेंहरे होंगे,घाव विरह केइस टीस को,फिर से सहनाअच्छा लगता है!सावन में थोड़ीबावरी होना,अच्छा लगता है!व्याकुल हैं बदरा,तेरे मन-आँगन मेंबरसने को,तुम ही ना दिखते।आँखों में … Read more

गरीबों के ‘नसीब’ की ‘अ-तालाबंदी’ कैसे होती है साहब…!

तारकेश कुमार ओझाखड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** 1’कोरोना’ काल में दुनिया वाकई काफी बदल गई। ‘तालाबंदी’ अब ‘अ-तालाबंदी’ की ओर अग्रसर है, लेकिन इस दुनिया में एक दुनिया ऐसी भी है,जो तालाबंदी और अ-तालाबंदी का कायदे से मतलब नहीं जानती। उसे बस इतना पता है कि लगातार बंदी से उसके जीवन की दुश्वारियां बहुत ज्यादा बढ़ … Read more

सम्भल जाओ चीन…

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) ********************************************************* भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष…… सम्भल जाओ,सुधर जाओनहीं तो देंगे तुमको चीर,विषधर तुम विष बीजमिटा कर रख देंगे तुझे चीन। फन कुचल देंगे तुम्हारी हस्ती मिटा देंगेमानवता के दुश्मन दानव चीन धूर्त,पाखंडी,मक्कार तेरी दानवता मक्कारी काविश्व बंधु देगा जबाब गिन-गिन।मिटा कर रख देंगे तुझे चीन… सन् बासठ में … Read more

तू सुधर जा ए चीन

आशा आजादकोरबा (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** भारत और चीन के रिश्ते स्पर्धा विशेष…… सुन लो ऐ चीन के वासी,हम हैं सच्चे भारतवासीl …जहाँ हृदय भाव में,प्रेम है बसतातुम्हारा हृदय भाव तक है बिकताlतुम सच्चे नहीं हो,बेइमान होईमानदारी पर घातकरते बारम्बारlसीमा विवाद को तुमने उठाया,धोखा तुम्हारी रग-रग में है समायातेरी हर तकनीक है नकलीक्योंकि मन तेरा नहीं है … Read more

अचानक लद्दाख दौरा…कई सवाल

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ********************************************************************** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक लद्दाख का दौरा कर डाला। अचानक इसलिए कि यह दौरा रक्षामंत्री राजनाथसिंह को करना था। इस दौरे को रद्द करके मोदी स्वयं लद्दाख पहुंच गए। विपक्षी दल इस दौरे पर विचित्र सवाल खड़े कर रहे हैं। कांग्रेसी नेता कह रहे हैं कि १९७१ में इंदिरा गांधी ने … Read more

हे कृपानिधान

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)******************************************************************** भव बाधा सब दूर हो,जीवन आठों याम।सद्गुरु दीन दयाल हे,शत्-शत् करूँ प्रणाम॥ भक्ति ज्ञान दो नाथ जी,पूजन सुबहो शाम।करूँ अराधन आपकी,हे मेरे श्री राम॥ भवबंधन सब दूर हो,हे प्रभु कृपा निधान।चरण शरण अब राखिए,मैं निर्बल नादान॥ मन को जागृत कीजिये,मन में शक्ति अपार।मन से ही ज्ञानी बने,जीत चलो संसार॥ कृति … Read more

संसार में कोई भी तत्व गुरु के समान नहीं

संदीप सृजनउज्जैन (मध्यप्रदेश) ****************************************************** गुरु पूर्णिमा ५ जुलाई विशेष…. गुरु को केवल परलोक तक पहुंचाने वाला ही नहीं,वरन इहलोक याने वर्तमान को सुधार कर भविष्य बनाने वाला कहा गया है। भारतीय दर्शन में गुरु को केवल एक व्यक्ति या पद नहीं माना,वरन एक तत्व माना गया है जो अगर मन में श्रद्धा और विश्वास के साथ … Read more