दीजिए मन को भोजन
सत्यम सिंह बघेल लखनऊ (उत्तरप्रदेश) *********************************************************** सोचिये,यदि हम अपने शरीर को १५-२० दिन भोजन देना बंद कर दें,तब क्या होगा ? तब कमजोरी आ जाएगी,शरीर काम करना बंद कर देगा,हमारी बात मानना बन्द कर देगा,हमारे संकेतों को पूरा नहीं करेगा। काम कब करता है ? शरीर ऊर्जावान कब होता है ? शरीर का भोजन क्या … Read more
जाओ बच्चों तुम स्कूल
सूरज कुमार साहू ‘नील` भोपाल (मध्यप्रदेश) ***************************************************************** बच्चों तुमको अब रूकना नहीं,जाना है स्कूल, बहुत घूम लिए गर्मी में और बहुत खेल लिए धूल। बोलो अब अपनी मम्मी से,करे वह तुम्हें तैयार, जब छोड़ें स्कूल पापा तुम्हें,तभी समझना प्यार। रोना नहीं स्कूल जाने को,पढ़ने पे दो ध्यान, मिलती हो जहाँ देशभक्ति और सेवा-भाव का ग्यान। … Read more
मैं तुमसे प्यार करता हूँ…
वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************ अक्सर मैं सुनती हूँ लोग कहते हैं कि मेरे पति ने मुझे कभी ‘आई लव यू’ नहीं कहा…मेरे पति ने भी मुझ से कभी ‘आई लव यू’ नहीं कहा…और मुझे इसकी कभी दरकार भी नहीं रही…बात पिछले साल की है,मैं अपने पति के साथ उज्जैन महाकाल बाबा के दर्शन को गई … Read more
सम्हाल खुद को मोहब्बत में
संजय गुप्ता ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** यह दुनिया बनी है जो दुश्मन मेरी, तुम्हीं वह वजह हो,तभी तो हुई है… मेरी मुस्कराहट पर नाराज क्यों हो, मेरी आँखों में भी देखो,भरी हुई है। तोड़ लाऊंगा मैं भी चाँद और सितारे, यह मोहब्बत तो अभी शुरू ही हुई है… सावन-सी भी बरसेगी मोहब्बत मेरी, अभी तो यह … Read more
क्या हुआ है मुझे !
डॉ.पूर्णिमा मंडलोई इंदौर(मध्यप्रदेश) ***************************************************** आज क्या हो गया है ? समझ नहीं पा रही हूँ, कुछ लिखना चाहती हूँ लिख नहीं पा रही हूँ। शब्द हैं कि बंधते नहीं, बिखर-बिखर जा रहे हैं… पास नहीं है कोई, फिर भी एकान्त नहीं है। गम नहीं है कोई, पर खुश भी नही हूँ… समझाए मुझे कोई, क्या … Read more
आदमी
राजबाला शर्मा ‘दीप’ अजमेर(राजस्थान) ******************************************************************************************** आदमी,आदमी से पलता है, आदमी,आदमी से चलता है। एक नयी चीज और है देखी, आदमी,आदमी निगलता है। सामने तो सौ-सौ बात करते हैं, राह में भी सलाम करते हैं। पीठ फिरते ही लो छुरा घोंपा, आदमी,आदमी से जलता है। आदमी दर्द भी,दवा भी है, आदमी खुदगर्ज भी खुदा भी है। … Read more
चोट
डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात ) **************************************************************** गौर से देखने पर, दिखाई देने लगती हैं अंधेरे अकेले में, उमचकर बाहर आ गिरती हैं चोटें। सिहर उठती हैं ऐसे, जैसे छूने भर से…। और कुछ चोटें, समय की छाती पर बहती है नदी बन कर, कुछ पर्दे के पीछे छिपी रहती हैं, अपनी नियति पहचानते हुए … Read more
शिक्षक की महिमा..
वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** वे ऐसा काम करते हैं सभी गुणगान करते हैं, हमें अमरित पिला कर खुद जो अमरित पान करते हैं, कि उनके पाँव अक्सर शब्द मेरे चूमते रहते- बहुत ही पूज्य गुरुवर हैं कि विद्या दान करते हैं। अशिक्षा का जो होता है वो घेरा चीर देते हैं, वे तेरा … Read more
सूर्य आराधना
एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’ गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** श्रद्धा आराधन वंदन, नमन भावों से सृष्टि को, सूरज की भक्ति की शक्ति का युग सारा। तमस मिटाते युग का जीवन में उजियारा लाते, सबको भाते अवनी अंबर का अभिमान, उत्साह उमंग उल्लास ओज तेज, दिनकर दिवाकर को प्रणाम॥ अस्ताचल, उगता चल चलता चल हँसता चल। भुवन भास्कर, आशा … Read more