था जीवन का सार

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** कबिरा इतना लिख गये,क्या लिख्खें हम यार। उसने तो की साधना,हम करते व्यापार॥ तुलसी जैसा तप कहाँ,कहाँ कलम में भार। अब घसियारे कलम के,मांगे पद दरबार॥ मीरा ने श्रंगार में,जपा कृष्ण का नाम। आज सुरीले कंठ की,चाहत केवल दाम॥ सूर देखते हृदय से,बाल कृष्ण का रूप। लेकिन अब डूबे नयन,काम … Read more

बेबी दीदी

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************ उस दिन मंदिर में मुझे बेबी दीदी दिखीl बेबी दीदी शर्मा अंकल की बड़ी बेटी थी..और हमारी ही कॉलोनी में रहती थी,परंतु आज वह कुछ अलग ही लग रही थी..बाल पूरे सफेद हो गए थे,चेहरा थका हुआ था..और कपड़े भी कोई खास नहीं पहनी थी..l यह वही बेबी दीदी थी,जो कभी … Read more

सच या झूठ..

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** हरी आठवीं कक्षा का छात्र था। अचानक वो कक्षा-कक्ष के दरवाजे के सामने आकर गिरा। असल में वो दौड़ते हुए अचानक रुकने की कोशिश में सम्भल नहीं सका,और फिसलकर गिर गया। उठकर अध्यापक से सहमति लेकर कक्षा में गया। अध्यापक जी की डपट पड़ी-“आज फिर देर।” “सरजी साईकिल … Read more

हे माँ

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** तू अवनि अवतारी, पर्वत की बाला दुःख हरने वाली, जग कल्याणी! जय अम्बे जय जगदम्बे!! तू सीता सावित्री, पार्वती विघ्नेश्वरी भुनेश्वरी बाघम्बरी, चंडी चंडिका मनसा महिमा, मनोकामना! तू अवनि अवतारी, पर्वत की बाला दुःख हरने वाली, जग कल्याणी! जय अम्बे जय जगदम्बे!! तू लक्ष्मी गौरी, शिवा वैष्णवी रुक्मणि राधा, … Read more

बारिश

डॉ.सरला सिंह दिल्ली *********************************************** बारिश की बूंदों के मोती, नवजीवन बन बरस रहे। जन-जन की पीड़ा हरते, तप्त धरा हैं शीतल करते। झुक-झुक करते धन्यवाद, वृक्षों के समुदाय समस्त। नदियों की लहरें लहराकर, गाती स्वागत गीत हैं मानों। चमकीली मोती-सी लगती, बारिश की हैं सुन्दर-सी बूंदें। कोयल गीत सुनाती मधुरिम, संग में मयूर के मोहक … Read more

इच्छा शक्ति से हर कार्य सम्भव

राज कुमार चंद्रा ‘राज’ जान्जगीर चाम्पा(छत्तीसगढ़) *************************************************************************** दुनिया में सबसे अधिक कोई बलवान है तो वो है इच्छाशक्ति,दुनिया की हर चीज इसके माध्यम से तुम्हें मिल सकती है। चाह होगी तो राह अपने-आप मिल जाएगी। वो हर चीज तुम्हें प्राप्त होती है जो तुम्हारे लिए जुनून बन जाती है। स्वामी विवेकानंद जी कहते थे कि … Read more

भाषा नीति पर ढुलमुलता छोड़ मजबूती से आगे बढ़ने की बेला

डॉ.विनोद बब्बर नई दिल्ली **************************************************** भाषा जीव के मानव बनने की दिशा में प्रथम कदम कहा जा सकता है। आरंभ में संकेतों की भाषा रही होगी जो कालांतर में शब्द संवाद में परिवर्तित हुई। हर परिस्थिति परिवेश एक-दूसरे से अपरिचित और भिन्न था,इसलिए हर मानव समूह ने अपने ढंग से कुछ शब्द संकेत बनाये। एक-दूसरे … Read more

शुभ जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ

हिन्दीभाषा.कॉम मंच के रचनाकार साथी आदेश कुमार गुप्ता ‘पंकज‘ जी का ३० जून को शुभ जन्मदिन है..इस पटल के माध्यम से आप उनको शुभकामनाएं दे सकते हैं…..

आरती

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* आरती श्रद्धा-विश्वास स्रोत है, भक्ति-शक्ति से ओतप्रोत है। जो आरती हृदय समाता है, पत्थर भी पूज्य हो जाता है। आरती शक्ति का मन्त्र है, किन्तु भक्तों में अंतर है। भगवान को प्रिय होती है, ह्रदय मंदिर की ज्योति है। आरती है एक-नाम विश्वास, आरती ऋद्धि-सिद्धि प्रयास। आरती हृदय का … Read more

हावड़ा-मेदिनीपुर की लास्ट लोकल….

तारकेश कुमार ओझा खड़गपुर(प. बंगाल ) ********************************************************** महानगरों के मामले में गांव-कस्बों में रहने वाले लोगों के मन में कई तरह की सही-गलत धारणाएं हो सकती हैं,जिनमें एक धारणा यह भी है कि देर रात या मुँह अंधेरे महानगर से उपनगरों के बीच चलने वाली लोकल ट्रेनें अमूमन खाली ही दौड़ती होंगी। पहले मैं भी … Read more