हरे-भरे पेड़

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** बैठे-बैठे मन कहीं खो गया, कड़ी धूप में आज रो दिया… दूर दूर तक हाय पेड़ नहीं, ना हवा ठंडी है,ना छाया कहीं। रूक जाओ अब भी ऐ मानव, पेड़ काटकर बनो ना दानव… क्यूं ये अपराध हो रहा, जघन बढ़ा पाप हो रहा… पेड़ों से ही साँसें अपनी। आओ हम … Read more

सोच

वन्दना पुणताम्बेकर इंदौर (मध्यप्रदेश) ******************************************************* गरीब सोहन की फुटपाथ पर मोची की एक दुकान थी। सारा दिन धूप में बैठकर जूते सुधारता। इसी से उसकी रोजी-रोटी चलती। वहां बैठे-बैठे शहर के सारे नजारे देखता रहता। आए दिन देखता रहता कि शहर की दीवारों पर बड़े-बड़े पोस्टर लगते रहते। कभी किसी चुनावी दौर के नेताओं के,तो … Read more

राष्ट्रभाषा हिन्दी हो

मालती मिश्रा ‘मयंती’ दिल्ली ******************************************************************** आहत होती घर में माता गर सम्मान न मिल पाए, उसके पोषित पुत्र सभी अब गैरों के पीछे धाए। हिन्दी की भी यही दशा है आज देश में अपने ही, सर का ताज न कभी बनेगी टूट गए वो सपने ही। हिन्द के वासी हिन्दुस्तानी कभी हार ना मानेंगे, राष्ट्रभाषा … Read more

बड़ा

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** बड़ा न उसको जानिये, जिसके उर अभिमान। झुकते हैं नित ही बड़े, जैसे झुकती धान॥ बड़ा वही जो जानता, पर हृदय की पीड़। देता उसको आसरा, जिसे मिली ना नीड़॥ बड़ा वही जो देख ले, अपने भीतर दोष। औरों के गुण देखकर, उर में भर ले तोष॥ बड़ा वही है … Read more

स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि को अलविदा नहीं कहा जा सकता

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* विश्व प्रसिद्ध भारत माता मंदिर के संस्थापक,भारतीय अध्यात्म क्षितिज के उज्ज्वल नक्षत्र,निवृत्त शंकराचार्य,पद्मभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि मंगलवार सुबह हरिद्वार में उनके निवास स्थान राघव कुटीर में ब्रह्मलीन हो गए। उनके देवलोकगमन से भारत के आध्यात्मिक जगत में गहरी रिक्तता बनी है,एवं संत-समुदाय के साथ-साथ असंख्य श्रद्धालुजन शोक मग्न हो गये हैं। … Read more

बरसो रे मेघा बरसो

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- आओ मेघा राजा आओ, प्यासी धरती जल बरसाओl सूखी नदियाँ ताल-तलैया, आकर इनकी प्यास बुझाओl आओ मेघा राजा… ढोर पखेरू मानुष सारे, तड़प रहे प्यासे बेचारेl जल ही जीवन प्राण वही है, प्राण दान इनको दे जाओl आओ मेघा राजा… सूख गयी खेतों की बाली, धानी चुनर हो गई … Read more

जीवन है अनमोल

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ जीवन है अनमोल तो, क्या लगाओगे तुम मोल। बिकता है सब-कुछ, पर मिलता नहीं जीवन। इसलिए ‘संजय’ कहता है, क्यों व्यर्थ गवां रहे हो, यह मानव जीवन। मिला है बहुत प्यार, अपनों से हमें यार। फिर क्यों किसी का, हम दिल दुखाए यहां। हँसी-खुशी के संग, जीवन को जीएं हम। हिल-मिलकर … Read more

लेखक ‘अमल’ को ‘विद्या रत्न सम्मान’ से किया विभूषित

छत्तीसगढ़। प्रख्यात कवि,लेखक,वक्ता,गायत्री साधक और समाजसेवी शिवशरण श्रीवास्तव ‘अमल’ को कादम्बरी साहित्य परिषद(चिरमिरी,छत्तीसगढ़) द्वारा सम्मानित किया गया है। आपको संस्था ने ‘विद्या रत्न सम्मान’ से विभूषित किया है। ज्ञात हो कि लोकप्रिय मंच हिंदीभाषा डॉट कॉम (www. hindibhashaa.com) के वरिष्ठ रचनाशिल्पी श्री श्रीवास्तव बैंकर होकर भी साहित्य सेवा में सतत सक्रिय हैं। आप पहले भी कईं … Read more

आराधना

हरीश बिष्ट अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) ******************************************************************************** मन को बना के धाम, जपो सभी राम नाम। हाथ जोड़ प्रभु जी की, आराधना कीजिएll मन को मिले आराम, तन के भी आये काम। सच्चे भाव से ही सदा, प्रभु नाम लीजिएll तन-मन शुद्ध कर, स्वच्छ ही विचार धर। शालीन व्यवहार से, सेवा-भाव दीजिएll भक्ति-भाव से सत्काम, करते हैं … Read more

आस्था का केन्द्र गुरुग्राम का शीतला माता मंदिर

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* हमारे देश भारत में धर्म और आस्था का सदा ही वर्चस्व रहा है। यहां कण-कण में ईश्वर की अनुभूति की जाती है। यहां पर जब भी मानव जाति को महासंकट ने घेरा,तो कोई न कोई देवात्मा अवतरित हुई और धर्म की स्थापना की। देवताओं की पावन भूमि भारत में … Read more